पूर्वोत्तर के आंदोलन में फंसे राजस्थानी

संचार व्यवस्था बाधित होने से आर्थिक संकट गहराया

जयभगवान उपाध्याय

बीकानेर. नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में पूर्वोत्तर के विभिन्न राज्यों में चल रहे उग्र आन्दोलन में बीकानेर, नोखा और नागौर सहित प्रदेश के हजारों मारवाड़ी फंसे गए हैं। तीन दिन से रेल और हवाई सेवाओं के बंद होने से वे अपने घर भी नहीं पहुंच पाए हैं। गुवाहटी और असम में रहने वाले मारवाडि़यों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। पूर्वोत्तर में रेल रोको आन्दोलन के कारण बीकानेर के लालगढ़ से डिबू्रगढ़ चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेन 15 और 16 दिसम्बर को रद्द रहने की घोषणा रेलवे ने शुक्रवार को की है। एेसे में डिबू्रगढ़ में सैकड़ों राजस्थानियों को रेलवे स्टेशन और आस-पास के इलाकों में रात गुजारनी पड़ रही है। बीकानेर, नोखा और नागौर जिले के लोगों का असम में कारोबार ठप पड़ा है। बीच रास्ते फंसे अपनों की चिंता अब यहां रहने वाले व्यापारियों के परिजनों को भी सताने लगी है।


जनप्रतिनिधियों का नहीं मिला सहयोग
पूर्वोत्तर की आग में संकट की घड़ी का सामना कर रहे कई मारवाडि़यों ने बीकानेर के सांसद अर्जुनराम मेघवाल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी, नोखा विधायक बिहारी लाल बिश्नोई तथा नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल से मदद की गुहार की, लेकिन जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई सकारात्मक प्रयास नहीं किए गए। नोखा निवासी प्रेम सुख चौधरी ने बताया कि नोखा विधायक बिहारी बिश्नोई और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के अलावा किसी जनप्रतिनिधि ने उन्हें फोन पर कोई तवज्जो तक नहीं दी।


नॉन-वेज खाने की मजबूरी
बीच रास्ते फंसे एक यात्री ने बताया कि पूर्वोत्तर में अधिकतर होटलों में नॉन वेज परोसा जाता है। उसने बताया कि दो दिन तक उन्हें शाकाहारी खाना मिला, लेकिन अब वहां नॉनवेज के अलावा कोई खाने की चीज नहीं बची है। एेसे में सैंकड़ों यात्रियों को मजबूरन नॉनवेज खाना पड़ रहा है।

इंटरनेट सहित सभी संचार और बैंकिंग सेवाएं बंद

पूर्वोत्तर में उग्र आन्दोलन के चलते वहां इन्टरनेट और बैकिंग व्यवस्था बंद है। एेसे में राजस्थानियों को खाने-पीने के संकट का सामना भी करना पड़ रहा है। नोखा निवासी प्रेम सुख चौधरी पिछले तीन दिन से डिब्रूगढ़ से करीब बीस किलोमीटर दूर मरयानी रेलवे स्टेशन पर ठहरे हुए हैं। चौधरी बताते हैं कि गुवाहटी से डिबू्रगढ़ के लिए कोई ट्रेन नहीं है। वे ११ दिसम्बर की रात को तीन बजे से मरयानी स्टेशन पर ठहरे हुए हैं।

वे कोलकात्ता से डिब्रूगढ़ जाने के लिए रवाना हुए थे, लेकिन उनकी ट्रेन को ११ दिसम्बर की रात तीन बजे डिब्रूगढ़ से बीस किलोमीटर पहले मरयानी रेलवे स्टेशन पर ही रोक दिया गया। उन्होंने बताया कि जिस ट्रेन में वे सफर कर रहे थे, उसमें सैंकड़ों राजस्थानी सफर कर रहे थे, जिसमें बीकानेर, नोखा और नागौर के कई यात्री थे। चौधरी ने बताया कि इन्टरनेट सेवा बाधित होने के कारण अब अधिकतर यात्रियों के पास जमा पूंजी समाप्त हो चुकी है। कई यात्रियों को मजबूरन होटलें छोडऩी पड़ रही है।

Atul Acharya Reporting
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