अब हर बंदी की कुंडली ऑनलाइन

कैदी ही नहीं हर मिलने आने वाले का रिकॉर्ड संधारण
ऑपरेशन संजय के तहत हुआ काम
बीकानेर केन्द्रीय कारागार ने कराया संभाग की जेलों के एक लाख ३३ हजार ३६७ बंदियों का डेटा ऑनलाइन

By: Jaiprakash

Published: 07 Jul 2020, 12:23 PM IST

बीकानेर। प्रदेश की जेलों को आॉनलाइन करने की प्रक्रिया में बीकानेर केन्द्रीय कारागार अव्वल है। बीकानेर जेल प्रशासन ने संभाग की जेलों में बंद करीब एक लाख हजार ३३ हजार ३६७ कैदियों का डाटा ऑनलाइन सॉफ्टवेयर में दर्ज करवा चुका है।

अब प्रदेश मुख्यालय में बैठे अधिकारी किसी भी बंदी की कुंडली देख सकेंगे। इससे कौन अपराधी किस प्रवृति है इसका पता चल सकेगा। साथ ही बंदी के अपराध के साथ-साथ स्वाथ्य संबंधी, वारंट, पैरोल, केस डायरी और जेल में मिलने आने वालों की जानकारी भी ऑनलाइन की जा रही है। यह सारा काम केन्द्र सरकार की ऑपरेशन संजय योजना के तहत किया गया है।

वर्तमान में सभी बंदियों का डाटा ऑनलाइन

प्रदेश की जेलों में वर्तमान में बंद सभी विचाराधीन और सजायाफ्ता बंदियों का डाटा ऑनलाइन कर दिया गया है। इतना ही नहीं उनकी हर गतिविधि ऑनलाइन है। साथ ही जेल में मिलने आने वाले करीब १० लाख से अधिक लोगों का डेटा सेव हैं। बंदियों का रिकॉर्ड देखने के लिए संबंधित जेल, मुख्यालय एवं केन्द्र का गृह विभाग के संबंधित अधिकारियों के पास पासवर्ड होगा। सभी जेलों को आईटी का पासवर्ड जारी किया गया है।

छह साल से चल रहा काम अब पूरा
वर्ष २०१४ में सभी जेलों को ऑनलाइन करने के साथ-साथ बंदियों के डेटा ऑनलाइन करने का काम केन्द्र सरकार ने ऑपरेशन संजय के तहत शुरू किया। छह सालों में प्रदेश की केन्द्रीय कारागार, उप कारागार, खुली जेल, महिला जेल एवं हाईसिक्युरिटी जेल का डाटाऑनलाइन किया गया है। इन सभी जलों का डाटा वर्ष २००५ से अब तक का ऑनलाइन कर दिया गया है। केन्द्रीय कारागार जेलों का ऑनलाइन काम का जिम्मा सौंपा गया। जेलों में अलग से आईटी सेल गठित की गई। बीकानेर जेल में १० कार्मिकों की सेल यह काम कर रही है। हर दिन डाटा अपडेट किया जा रहा है।


यह है डिटेल
- बंदी का नाम, पता, पारिवारिक डिटेल
- कब सजा हुई, किस कोर्ट ने सजा सुनाई, क्या था अपराध
- पेरोल कब-कब मिली, कितने दिन की मिली, उसका व्यवहार कैसा है
- जमानत कब-कब मिली और किन कारणों से मिली
- बंदी कब तक किस-किस जेल में रहा
- बंदी से कौन-कौन मिलने आ रहा
- बंदी के स्वास्थ्य संबंधी जानकारी, वह बीमार है या नहीं, कौन-सी बीमारी से ग्रस्त है

एक नजर इधर...

- प्रदेश में केन्द्रीय कारागार १०
- बीकानेर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा संभाग के अलावा श्रीगंगानगर, अलवर व दौसा में केन्द्रीय कारागार।
- उप कारागार ६०
जिला जेल २६
महिला जेल ७
हाईसिक्युरिटी जेल १
बाल किशोर गृह १
खुली जेल ४०

बीकानेर जेल एक नजर

हत्या ३२२
हत्या का प्रयास २३९
बलात्कार/पोक्सो १२७
चोरी ९०
दहेज हत्या ५२
एनडीपीएस १८४
अन्य १६९

पूरे संभाग की जेलों का डाटा ऑनलाइन
बीकानेर जेल के सजायाफ्ता व विचाराधीन सभी १२७४ बंदियों का डाटा ऑनलाइन किया जा चुका है। इतना ही नहीं वर्ष २००५ से अब तक २३ हजार २६० बंदियों का डाटा ऑनलाइन दर्ज किया है। इतना ही नहीं संभाग के श्रीगंगानगर, चूरू व हनुमानगढ़ की सभी ेजेलों के बंदियों से संबंधित एक लाख ३३ हजार ३६७ बंदियों का डाटा ऑनलाइन किया गया है।
परमजीतसिंह सिद्धु, अधीक्षक बीकानेर केन्द्रीय कारागार

अलग से आईटी सेल कर रही काम
प्रदेश की सभी जेलों को ऑनलाइन किया जा चुका है। अब कोई भी जेल ऑनलाइन से वंचित नहीं है। इस पूरे काम करने में करीब पांच से छह साल का समय लगा है। बंदियों के साथ-साथ उनसे मिलने आने वाले करीब १० लाख लोगों का डाटा भी ऑनलाइन विभाग के पास मौजूद है। इस काम से बंदियों का रिकॉड मंगाने का झंझट नहीं है। हर बंदी का डाटा समय-समय पर अपटेड किया जा रहा है। इस पूरे काम के लिए अलग से आईटी सेल काम कर रही है।
विक्रमसिंह राणावत, पुलिस महानिरीक्षक बीकानेर रेंज

Jaiprakash Reporting
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