अब सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थी बोलेंगे, 'बंधु तुमार कि खोबर'

शिक्षक विद्यार्थियों को रोजाना असमिया भाषा के पांच शब्द सिखाएंगे

By: Atul Acharya

Updated: 24 Jun 2021, 08:56 PM IST

बृजमोहन आचार्य

बीकानेर. अभिनेता अमिताभ बच्चन की खुद्दार फिल्म में एक गीत में पांच भाषाओं में प्यार का इजहार किया गया था। यह गीत बच्चों की जुबान पर भी खूब चढ़ा था। कई लोगों को तो उस वक्त मालूम चला था कि अलग-अलग भाषाओं में प्यार शब्द को क्या कहा जाता है। लेकिन अब सरकारी स्कूलों में भी हिंदी तथा अंग्रेजी भाषा के अलावा असम राज्य की भाषा भी सिखाई जाएगी ताकि बच्चों को दूसरे राज्य की बोली अथवा संस्कृति से वाकिफ होने का मौका मिल सकेगा।
सरकारी स्कूलों में एक दोस्त दूसरे दोस्त से बात करेगा तो यहां कहेगा 'बंधु तुमार कि खोबरÓ (दोस्त तेरा क्या हाल है) और तुमि के कौरी आसा (आप क्या कर रहे है), तुमार घरोत सोब भाल नें? (तुम्हारे परिवार में सब ठीक है?), शुभौ रात्रि (गुड नाइट) आदि कई ऐसे वाक्य बोलते नजर आएंगे। चालू शिक्षा सत्र से ही सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियोंको भाषा संगम कार्यक्रम के अंतर्गत असमिया भाषा का परिचय तथा अभ्यास कराया जाएगा। इसके लिए ऑनलाइन शिक्षण के लिए स्माइल-२ कार्यक्रम के अंतर्गत कक्षा एक से १२ तक के विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री के भेजे जाने वाले ऑनलाइन लिंक के साथ असमिया भाषा के पांच वाक्य भेजे जाएंगे। इस संबंध में शिक्षा निदेशक ने सभी शाला प्रधानों को आदेश जारी किए हैं।

दो राज्यों का जोड़ा बनाया
मानव संसाधन मंत्रालय ने अन्य राज्यों की भाषा सिखाने के लिए पूरे देश में दो-दो राज्यों का जोड़ा बनाया है। इसमें राजस्थान के साथ असम को जोड़ा गया है। इस वजह से विद्यार्थियों को असमिया भाषा सीखाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है ताकि विद्यार्थी एक-दूसरे प्रांत की भाषा को समझ सके।


अभी स्कूल में संभव नहीं
इस समय कोरोना के चलते विद्यार्थियों को स्कूल बुलाया नहीं जा रहा है। इस वजह से न तो प्रार्थना हो रही है और न ही कालांश लग रहे हैं। ऐसे में स्माइल-२ के अंतर्गत विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था के तहत ही असमिया भाषा से परिचय कराया जाएगा।


बीस तरह की गतिविधियां होंगी संचालित
विद्यार्थियों को दूसरे प्रांतों की संस्कृति से रू-ब-रू कराने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से बीस तरह की गतिविधियां कराई जाएंगी ताकि विद्यार्थियों को घर बैठे ही देश के अन्य राज्यों की संस्कृति और रहन-सहन से वाकिफ कराया जा सके।


विद्यार्थियों को सीखने का मिलेगा मौका
&एक प्रांत के विद्यार्थियों को दूसरे प्रांतों की भाषा और संस्कृति सीखने का मौका मिलेगा जो उनके विकास में सहायक होगा। भाषा सीखने से एक-दूसरे से वार्तालाप करना भी आसान हो जाएगा। इसके लिए शिक्षा मंत्री भी अपनी रुचि दिखा रहे हैं।
सौरभ स्वामी, शिक्षा निदेशक बीकानेर

अन्य प्रांतों की भाषा से परिचय
अनेकता में एकता का पाठ पढ़ाने वाले अपने देश में केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थी को अंग्रेजी और हिंदी के अलावा अन्य प्रांतों की भाषा का ज्ञान कराना है। क्योंकि विद्यार्थियों को देश की संस्कृति को जानने के लिए एक राज्य से दूसरे राज्य भी जाना पड़ता है। पूर्व में विविध संस्कृतियों से परिचय कराने के लिए विद्यार्थियों को भ्रमण पर ले जाया जाता था लेकिन इस समय कोराना संक्रमण के चलते भ्रमण बंद कर दिया गया है।

Atul Acharya Reporting
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