निजी अस्पतालों में भी स्थापित हो ऑक्सीजन प्लांट

कोरोना महामारी में ऑक्सीजन की कमी से मरीज और परिवारजन परेशान

 

By: Vimal

Published: 07 May 2021, 08:46 PM IST

बीकानेर. कोरोना महामारी से जहां पूरा मानव समाज परेशान है। वहीं इस महामारी ने चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं में चल रही कमियों को बताते हुए संसाधनों को बढ़ाने का मार्ग भी प्रशस्त किया है। सरकारों ने युद्ध स्तर पर प्रयास कर बहुत कम समय में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के प्रयास भी किए है। लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण और सामने आ रहे रोगियों के कारण आज जीवन दायिनी प्राणवायु ऑक्सीजन की कमी महसूस की जा रही है।

लोग ऑक्सीजन सिलेण्डर को लेकर परेशान है। सरकार और प्रशासन की ओर से ऑक्सीजन की सुचारू सप्लाई होती रहे, इसके प्रबंध भी किए गए है। निजी क्षेत्र में ऑक्सीजन को तैयार करने के साथ-साथ सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन के प्लांट स्थापित किए गए है और कई और प्लांट स्थापित करने की योजना बनाई गई है। सरकारी स्तर के साथ-साथ अब निजी चिकित्सालयों में भी ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है ताकि जरुरत पडऩे पर निजी चिकित्सालय भी भरपूर मात्रा में आमजन की भलाई के लिए ऑक्सीजन गैस सिलेण्डर की सप्लाई कर सके।

 

निजी अस्पताल आएं आगे
ऑक्सीजन प्राणवायु है। यह जीवनदायिनी है। यह कोरोना ही नहीं अन्य बीमारियों से ग्रसित रोगियों के लिए भी आवश्यक है। अगर निजी चिकित्सालय भी ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने में आगे आते है तो यह मानव सेवा होगी, परोपकार का कार्य होगा। पार्षद सुधा आचार्य के अनुसार वे निजी चिकित्सालय जो बड़े है, आर्थिक रूप से सक्षम है, प्लांट स्थापित करने के लिए पर्याप्त स्थान है, उनको ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने के लिए आगे आना चाहिए। किसी गंभीर मरीज के लिए पहली प्राथमिकता ऑक्सीजन होती है। अगर चिकित्सालय यह भी उपलब्ध नहीं करवा सकते है तो शेष उपचार की बात छोड़ देनी चाहिए।

 

सरकार और प्रशासन करें पहल
कोरोना महामारी के कारण आज जिस प्रकार ऑक्सीजन की कमी सामने आ रही है, उसको पूरी करने के लिए हर स्तर पर सकारात्मक पहल की आवश्यकता है। सरकार के साथ समाज के हर वर्ग और क्षेत्र को आगे आने की आवश्यकता है। सामाजिक कार्यकर्ता आदर्श शर्मा के अनुसार सरकार स्तर पर प्लांट स्थापित हो रहे है। अगर निजी चिकित्सालयों में भी प्लांट स्थापित होते है तो इसका सीधा लाभ रोगियों को होगा। जो निजी अस्पताल ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने में रूची रखता हो सरकार और प्रशासन को चाहिए कि वे ऐसे निजी चिकित्सालय की मदद करें, यथासंभव सहयोग भी करें। भामाशाहों को भी इसके लिए आगे आने की जरुरत है। ऑक्सीजन को लेकर निजी चिकित्सालयों को आत्मनिर्भर बनने की आवश्यकता है।

 

 

20 से अधिक
बीकानेर में 20 से अधिक निजी चिकित्सालय और नर्सिंग होम है। 30 बैड से अधिक क्षमता के आठ चिकित्सालय बताए जा रहे है। इन चिकित्सालयों में बीकानेर शहर ही नहीं जिले और संभाग भर से रोगी उपचार के लिए आते है। कई निजी चिकित्सालय और नर्सिंग होम ऐसे है, जो वर्षो से रोगियों के उपचार में जुटे हुए है। आस पास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी रोज मरीज यहां उपचार के लिए आते है।

 

बाध्य नहीं कर सकते
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. देवेन्द्र चौधरी के अनुसार किसी भी निजी चिकित्सालय को ऑक्सीजन प्लांट के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है। अगर स्वेच्छा से कोई प्लांट स्थापित करता है तो अच्छी बात है। वर्तमान में आवश्यकता के अनुसार ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था है।

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