जिला कलक्टर ने दिए निर्देश, ट्रॉपआई जांच अस्पताल में हो, मरीजों को सभी दवा मिलें

पीबीएम से संबद्ध हल्दीराम मूलचंद कार्डिस वेसक्युलर एंड रिसर्च सेंटर में हृदय रोगियों की होने वाली ट्रॉप आई जांच अस्पताल में की जाए।

By: dinesh swami

Published: 10 Feb 2018, 10:13 AM IST

बीकानेर . पीबीएम से संबद्ध हल्दीराम मूलचंद कार्डिस वेसक्युलर एंड रिसर्च सेंटर में हृदय रोगियों की होने वाली ट्रॉप आई जांच अस्पताल में की जाए। इसके लिए टेक्निशियन की पुख्ता व्यवस्था हो साथ ही पूरे अस्पताल में कोई भी एसी बंद हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए। इतना नहीं यहां पहुंचने वाले मरीजों को सभी दवाएं मिले जो दवाएं नहीं है वे होलसेल भंडार से खरीदी जाए।

 

कुछ इस तरह के दिशा-निर्देश शुक्रवार को एसपी मेडिकल कॉलेज सभागार में राजस्थान मेडिकेयर रीलिफ सोसायटी (आरएमआरएस) की बैठक में सोसायटी अध्यक्ष एवं जिला कलक्टर अनिल गुप्ता ने दिए। उन्होंने कहा कि पीबीएम अस्पताल में सभी व्यवस्थाएं सुचारू रहे। इसके लिए प्राचार्य, पीबीएम अधीक्षक तथा सभी विभागाध्यक्ष मॉनिटरिंग करें। विभागाध्यक्ष वार्डों के दौरे कर अस्पताल की सफाई, कार्मिकों की उपस्थिति व मरीजों के उपचार की व्यवस्था का जायजा लेवें। मरीजों को किसी तरह से परेशानी न हो।

 

आरएमआरएस सदस्य विजय मोहन जोशी ने हल्दीराम मूलचंद अस्पताल के एसी बंद होने तथा अस्पताल परिसर में सफोकेशन होने की जानकारी दी। इस संबंध में जिला कलक्टर ने कहा कि अस्पताल का कोई भी एसी बंद नहीं हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

 

कैथ लैब में काम करने वाले चिकित्सकों, तकनीकी कर्मचारियों को रेडियेशन से बचाव के लिए लैड एप्रन खरीदने संबंधी प्रस्ताव का अनुमोदन बैठक के दौरान किया गया। पीबीएम अस्पताल परिसर में तीन नए कैंटीन बनाने के प्रस्ताव उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए।

 

आरएमआरएस सदस्य विजय मोहन जोशी ने लाइफ सेविंग मेडिकल स्टोर के प्रभावी क्रियान्वित नहीं होने की जानकारी दी। इस संबंध में गुप्ता ने कहा कि 31 मार्च तक इसे पूर्णतया प्रारम्भ किया जाए। लाइफ सेविंग स्टोर में नहीं मिलने वाली दवाइयां होलसेल भंडार से खरीदी जाएं। उन्होंने अस्पताल परिसर में जन औषधि केन्द्र खोलने संबंधी कार्रवाई के निर्देश भी दिए।

 

मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना के तहत अस्पताल परिसर में सबस्टोर के प्रस्ताव तैयार करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि ड्रग वेयर हाउस में आने और वितरित की जाने वाली दवाओं का स्पष्ट लेखा-जोखा होना चाहिए। यदि कोई दवाई उपलब्ध होने के बावजूद 'नोट अवेलेकबल' लिखा पाया जाए तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

 

आरएमआरएस सदस्य सलीम भाटी ने अस्पताल परिसर में सफाई, महिला शौचालय, यूरोलॉजी विभाग में आरओ प्लांट दुरूस्त करने, संविदा पर कार्यरत समस्त कर्मचारियों की प्रभावी मॉनिटरिंग करने, अस्पताल परिसर में लपकों के खिलाफ कार्रवाई करने सहित अनेक मुद्दे उठाए।

 

बैठक के दौरान वर्ष 2017-18 की वास्तविक आय एवं व्यय तथा 2018-19 के बजट प्रावधानों पर चर्चा की गई।
हृदय रोग विभाग में कार्डियक कैथ लैब की एक्स रे ट्यूब के रिपलेसमेंट, ऑक्सीजन सिलेंडर्स के त्वरित परिवहन के लिए वाहन किराया करने, 220 सीएफटी तथा 40 सीएफटी ऑक्सीजन गैस सिलेंडर तथा एसी क्रय करने सहित विभिन्न बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया।

dinesh swami Reporting
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