scriptpbm hospital news | सैंपल 11 बजे तक, रिपोर्ट डेढ़ बजे, तब तक चले जाते हैं सीनियर चिकित्सक | Patrika News

सैंपल 11 बजे तक, रिपोर्ट डेढ़ बजे, तब तक चले जाते हैं सीनियर चिकित्सक

इसके बाद मरीज को या तो उसके घर पर जाकर या
फिर एक सप्ताह बाद आने वाले उसके आउटडोर के
दिन रिपोर्ट बतानी होती है।

बीकानेर

Published: April 07, 2022 11:12:29 am

-बृजमोहन आचार्य

बीकानेर. संभाग के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल में अन्य अव्यवस्थाओं के साथ-साथ रक्त तथा मूत्र जांच के सैंपल लेने और वापस रिपोर्ट देने में भी कई रास्तों से गुजरना होता है। तब जाकर मरीज को जांच रिपोर्ट हाथ लगती है। तब तक तो जांच लिखने वाला सीनियर चिकित्सक ही आउटडोर से निकल जाते हैं।
सैंपल 11 बजे तक, रिपोर्ट डेढ़ बजे, तब तक चले जाते हैं सीनियर चिकित्सक
सैंपल 11 बजे तक, रिपोर्ट डेढ़ बजे, तब तक चले जाते हैं सीनियर चिकित्सक
इसके बाद मरीज को या तो उसके घर पर जाकर या फिर एक सप्ताह बाद आने वाले उसके आउटडोर के दिन रिपोर्ट बतानी होती है। अब जब से सरकार ने सारी जांचों को निशुल्क करने की घोषणा कर दी है, तो मरीजों की संख्या
भी अब धीरे-धीरे बढऩी शुरू हो गई है, लेकिन न तो तकनीकी कर्मियों की संख्या बढ़ी और न ही संसाधन।
इसके अलावा सैंपल लेने का समय भी सुबह मात्र तीन घंटे है। जिस मरीज की रक्त जांच आदि 11 बजे लिखी जाती है, उसे दूसरे दिन सैंपल देने के लिए आना पड़ता है। ऐसे में मरीजों को परेशानी के अलावा कुछ हासिल नहीं होता।
डेढ़ बजे बाद मिलती है रिपोर्ट
अगर किसी मरीज के सैंपल जांच के लिए भेजे जाते हैं तो उसकी रिपोर्ट दोपहर डेढ़ बजे मिलनी शुरू होती है। ऐसे में मरीज को इलाज के लिए अपना पूरा दिन देना पड़ता है। जब तक रिपोर्ट मरीज के हाथ लगती है तब तक सीनियर चिकित्सक आउटडोर से ही निकल जाते हैं। तब मरीज या तो चिकित्सक के घर जाकर रिपोर्ट दिखाकर दवा लिखवाए या फिर एक सप्ताह बाद जांच लिखने वाले चिकित्सक का आउटडोर आने पर रिपोर्ट दिखाए। खास कर ग्रामीण इलाके के मरीज ऐसे हालात में अधिक परेशान होते हैं।

सौ तकनीकी कर्मचारी
पीबीएम अस्पताल तथा मेडिकल कॉलेज में करीब सौ तकनीकी कर्मियों के जिम्मे जांच का काम है। सरकार की ओर से सभी जांचों को निशुल्क करने के कारण सैंपल की संख्या बढेगी तो रिपोर्ट भी देरी से मिलेगी। गौरतलब है अभी सरकार ने काविड के दौरान 36 तकनीकी कर्मियों को घर भी भेज दिया है।

फॉलोअप आउटडोर की दरकार
जिस मरीज की रिपोर्ट डेढ़ बजे बाद मिलती है। उसे रिपोर्ट की सलाह देने वाले चिकित्सक आउटडोर में नहीं मिलते हैं। साथ ही उनका आउटडोर वापस एक सप्ताह बाद आता है। ऐसे में अस्पताल प्रशासन को दूसरे दिन फॉलोअप आउटडोर लगाना चाहिए, ताकि मरीज का इलाज समय पर शुरू हो सके।

प्रति माह चार लाख से अधिक सैंपल
पीबीएम अस्पताल में रक्त जांच के लिए प्रति माह चार लाख से अधिक सैंपल आते हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में मूत्र जांच भी की जाती है। अस्पताल की केन्द्रीय प्रयोगशाला में प्रति माह तीन लाख तथा अस्पताल व कैंसर सेंटर की अन्य लैब में करीब एक लाख सैंपल लिए जाते हैं। इतने अधिक सैंपल होने के बावजूद तकनीकी कर्मचारियों की संख्या बढऩे के बजाय घट रही है।

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