scriptpbm hospital news | बिजली कटौती के साइड इफेक्ट: अस्पतालों के लिए कोढ़ में खाज जैसे हालात | Patrika News

बिजली कटौती के साइड इफेक्ट: अस्पतालों के लिए कोढ़ में खाज जैसे हालात

बिजली कटौती के साइड इफेक्ट: अस्पतालों के लिए कोढ़ में खाज जैसे हालात

 

बीकानेर

Published: May 01, 2022 06:31:34 pm

बीकानेर. बिजली कटौती से आमजन ही नहीं, पशु-पक्षी भी बेहाल है। हर दिन तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। प्रचंड गर्मी में एसी-कूलर तक फेल हो रहे हैं। लोग गर्मी से बचने के लिए तरह-तरह के जतन कर रहे हैं। झुलसाने वाली इस गर्मी में बिजली कटौती कोढ़ में खाज का काम कर रही है। गर्मी के कारण सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को सर्वाधिक परेशान होना पड़ रहा है। वार्डों में पखों से गर्म हवा और उमस से मरीजों का हाल-बेहाल है। शनिवार को सुबह हुई बिजली कटौती ने खासा परेशान किया। वार्डों में अंधेरा छा गया। पंखे व कूलर बंद होने से मरीजों के परिजनों को हाथ पंखे से हवा झलनी पड़ी। कैंसर अस्पताल, टीबी अस्पताल, ट्रोमा सेंटर, पीबीए मर्दाना के विभिन्न वार्डों में गर्मी से मरीजों की हालत खराब रही। कई वार्डों में कूलर लगाए गए हैं, तो कइयों में कूलर बंद पड़े हैं।
बिजली कटौती के साइड इफेक्ट: अस्पतालों के लिए कोढ़ में खाज जैसे हालात
बिजली कटौती के साइड इफेक्ट: अस्पतालों के लिए कोढ़ में खाज जैसे हालात

बिजली कटौती से मोबाइल बंद
बिजली कटौती के कारण कई लोगों के मोबाइल बंद रहे, क्योंकि वह चार्ज नहीं थे। हालात यह रहे कि अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों को थड़ी व चाय की दुकानों पर दस-दस रुपए देकर मोबाइल चार्ज करने पड़े। वहीं रात में पानी न मिलने पर मरीजों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

बढ़ रहे मरीज, बिगड़ रही व्यवस्थाएं
पीबीएम सहित शहर के सभी अस्पतालों में मौसमी बीमारियों के मरीज बढ़ रहे हैं। एसपी मेडिकल कॉलेज के अतिरिक्त प्राचार्य डॉ. सुरेन्द्र कुमार वर्मा ने बताया कि शुक्रवार को पीबीएम का मेडिसिन आउटडोर 1200 रहा। हर दिन 110 से 125 मरीज भर्ती हो रहे हैं। वर्तमान में सर्वाधिक बुखार व निमोनिया के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। गर्मी से मरीजों को बचाने के लिए विशेष प्रबंधन किए जा रहे हैं।

मौसमी वार्ड को किया आरक्षित
मौसमी बीमारियों जैसे लू-तापघात, उल्टी-दस्त, बुखार जैसी बीमारियों के लिए पीबीएम में मेडिसिन आपातकालीन के पास वाले वार्डों को आरक्षित कर दिया गया है। वार्ड में 30 बेड हैं। सेंट्रलाइज ऑक्सीजन, वेंटीलेटर, बीपी उपकरण, नेबुलाइजर, ऑक्सोप्लस मीटर सहित अन्य उपकरणों की पर्याप्त व्यवस्था है।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

सीएम Yogi का बड़ा ऐलान, हर परिवार के एक सदस्य को मिलेगी सरकारी नौकरीचंडीमंदिर वेस्टर्न कमांड लाए गए श्योक नदी हादसे में बचे 19 सैनिकआय से अधिक संपत्ति मामले में हरियाणा के पूर्व CM ओमप्रकाश चौटाला को 4 साल की जेल, 50 लाख रुपए जुर्माना31 मई को सत्ता के 8 साल पूरा होने पर पीएम मोदी शिमला में करेंगे रोड शो, किसानों को करेंगे संबोधितराहुल गांधी ने बीजेपी पर साधा निशाना, कहा - 'नेहरू ने लोकतंत्र की जड़ों को किया मजबूत, 8 वर्षों में भाजपा ने किया कमजोर'Renault Kiger: फैमिली के लिए बेस्ट है ये किफायती सब-कॉम्पैक्ट SUV, कम दाम में बेहतर सेफ़्टी और महज 40 पैसे/Km का मेंटनेंस खर्चIPL 2022, RR vs RCB Qualifier 2: राजस्थान ने बैंगलोर को 7 विकेट से हराया, दूसरी बार IPL फाइनल में बनाई जगहपूर्व विधायक पीसी जार्ज को बड़ी राहत, हेट स्पीच के मामले में केरल हाईकोर्ट ने इस शर्त पर दी जमानत
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.