जलापूर्ति सुचारु बनाए रखने के लिए कार्मिक मुस्तैद

ताकि नहीं रहे जलापूर्ति की किल्लत, तैनात है तकनीकी कार्मिक

बीकानेर. कोरोना प्रकोप के बीच में सभी दफ्तरों में जहां लॉकडाउन है, कर्मचारी घरों से ही अपना कार्य कर रहे हैं। वहीं शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को जलापूर्ति का संकट नहीं झेलना पड़े इसके लिए जलदाय विभाग के तकनीकी व इंजीनियरिंग शाखा के कर्मचारी डटे है। ताकि पेयजल आपूर्ति लाइनों, प्लांटों में किसी तरह की समस्या, या फॉल्ट आए तो उसको तुरन्त ही दुरुस्त किया जा सके। बीकानेर के शोभासर व बीछवाल में जलदाय विभाग का फिल्टर प्लांट है। साथ ही दोनों क्षेत्रों में जलाशय बने हुए है। फिलहाल जलापूर्ति सुचारु बनाए रखने के लिए मुस्तैदी के साथ कार्मिक कार्यरत है। जलदाय विभाग के सभी दफ्तरों में कार्यरत कार्मिक अपने घर से कार्य कर रहे हैं।

साढ़े सात लाख की आबादी

शहर में करीब साढ़े सात लाख की आबादी है, जिनकी प्यास बुझाने के लिए रोजाना 150 एमएलडी पानी खर्च होता है। एक एमएलडी में दस लाख लीटर पानी होता है। इसकी व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए शोभासर में 40-40 एमएलडी के दो फिल्टर प्लांट है। जहां पर रोजाना जल शोधन का कार्य होता है। इसी तरह बीछवाल में 70 एमएलडी का एक फिल्टर प्लांट है। जलशोधन के बाद ही शहर में आपूर्ति की जाती है। इसी तरह गांवों में 55 लीटर पानी प्रति व्यक्ति प्रति दिन दिया जा रहा है। आपूर्ति के लिए डिग्गियां बनी हुई है।
सुचारु है व्यवस्था
जलदाय विभाग का दावा है कि वर्तमान में शहर व गांव में जलापूर्ति सुचारु है। आने वाले दिनों में भी किसी तरह की किल्लत नहीं रहेगी। इसके लिए पर्याप्त बंदोबस्त किए है। शहरी क्षेत्र में दो जलाशय है, जहां पेजलय का भंडारण होता है।

मितव्ययता से खर्चे पानी

यह सही है कि व्यवस्था इन दिनों सुचारु है, लेकिन हालात को देखते हुए लोगों से आग्रह है कि वे पानी का मितव्ययता के साथ उपयोग करें, ताकि पानी का दुरुपयोग नहीं हो। विभाग की ओर से पूरे इंतजाम है। - दीपक बसंल, अधीक्षण अभियंता, बीकानेर ।

Ramesh Bissa Reporting
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