राज्य बजट: औद्योगिक विकास और रोजगार को बढ़ावा देने वाला हो बजट

Patrika Pre Budget Talk Show: बजट प्रदेश की स्थिति को सामने रखकर बने। महज आंकड़ों का मायाजाल न हो। सौर ऊर्जा पर सरकार विशेष ध्यान दे। राज्य में भारी उपक्रम लगाने के लिए विशेष कार्य योजना बनाने की जरूरत है।

बीकानेर. राज्य बजट ( Rajasthan Government Budget ) एेसा हो, जिससे प्रदेश का चहुंमुखी विकास हो। औद्योगिक विकास बढे़, रोजगार के नए अवसर सृजित हों और प्रतिभाओं का पलायन रुके। राज्य बजट प्लान पर आयोजित परिचर्चा Patrika Pre Budget Talk Show में शहर के चार्टर्ड एकाउंटेंट्स व सीए विद्यार्थियों ने ये विचार रखे।

उन्होंने कहा कि बजट प्रदेश की स्थिति को सामने रखकर बने। महज आंकड़ों का मायाजाल न हो। सौर ऊर्जा पर सरकार विशेष ध्यान दे। राज्य में भारी उपक्रम लगाने के लिए विशेष कार्य योजना बनाने की जरूरत है। पड़ोसी राज्यों से होने वाले राजस्व नुकसान का अध्ययन कर इसे विशेष रूप से चिह्नित कर कार्य व्यवस्था करनी चाहिए।

चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ने कहा कि रोजगार को शिक्षा से जोडऩे के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए। आय बढ़ाने के लिए औद्योगिक विकास, जमीनों का आवंटन एवं नए औद्योगिक क्षेत्रों का विकास जरूरी है। परम्परागत व्यवसाय एवं उद्योगों को विकसित करने की आवश्यकता है।

आईना :
पिछले बजट में वैट एमनेस्टी स्कीम की घोषणा हुई पर अभी तक लागू नहीं हुई। कृषि एवं शिक्षा पर जो खर्चा कहा गया, वो खर्च नहीं किया गया। सौर ऊर्जा के दो पार्क स्थापित करने की घोषणा की गई, परन्तु अभी तक नहीं बने र्हं।

अपेक्षा :

आय बढ़ाने व औद्योगिक विकास के लिए जमीनों का आवंटन एवं नए औद्योगिक क्षेत्रों का विकास। हर जिले में मेडिकल कॉलेज की घोषणा हुई, इस पर जल्द कार्रवाई हो। महिला विकास एवं सुरक्षा के लिए हर सरकारी व निजी स्कूल-कॉलेजों में आत्मरक्षा प्रशिक्षण की आवश्यकता है।

पैसा धरा रह गया :
बजट का एण्ड यूज मॉनिटरिंग मासिक रूप से हो, न कि वार्षिक रूप से। बजट लैप्स होने की प्रथा को बदलकर प्रभावी उपयोग योजना लागू की जाए। जबरदस्ती बजट का उपयोग न कर सरकार उस पैसे का अन्य कार्यों में उपयोग करे। नए क्षेत्रों को समुचित बजट दिया जाए।

मंदी की बात :

नौकरियों का कम होना, औद्योगिक उत्पादन में कमी एवं विक्रय में कमी वित्तीय मंदी को दर्शाते हैं। इसके लिए सभी विषयों को परखा जाए। समुचित कार्ययोजना बनाई जाए। मंदी से प्रभावी रूप से निपटा जा सकता है। जैसे रोजगार को बढ़ाना। रोजगार को शिक्षा से जोडऩे के लिए कदम उठाने होंगे। छात्रों को रुचि के अनुसार स्वयं के रोजगार की ओर मोड़ा जाए, एेसा प्रशिक्षण दिया जाए। व्यावसायिक गतिविधि रोजगार को सृजित करती है। अत: विद्यार्थियों को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया जाए। कर प्रणाली को व्यावसायिक जरूरत के अनुसार सुगम बनाया जाए। लोग अब भी जीएसटी से डरे हुए हैं। जीएसटी कम्पलाइसेंस में कमी हो रही है।

संभावना :

मांग के अनुसार बजट आवंटन से निश्चित रूप से उत्पादकता बढेग़ी, जवाबदेही तय होगी। संबंधित विभाग पूर्ण स्तर पर काम कर पाएगा। बड़े कार्यक्रम चलाकर क्षेत्रवार या संभाग स्तर पर बजट की मॉनिटरिंग व आवंटन सिस्टम लागू किया जाए। जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। कचरे से बिजली उत्पादन, सड़क निर्माण व री-साइकल पर ध्यान दिया जाए। इससे इकॉनोमी को फायदा होगा।

ये सुझाव भी आए सामने
परिचर्चा में सीए शारदा व्यास ने कहा कि महिलाओं को उद्यमिता विकास के लिए बैंक ऋण उपलब्धता व कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण दिया जाए। सीए वसीम राजा ने कहा कि वैट एमनेस्टी स्कीम की घोषणा पिछले बजट में की गई, अब भी इसके पूरा होने का इंतजार है। सीए शानू विजय ने कहा कि महिलाओं को ऋण पर विशेष छूट का प्रावधान हो। भूमि रूपान्तरण एवं निर्माण पर स्टाम्प ड्यूटी हटाई जाए। सीए अनिता चौधरी ने कहा कि आत्मरक्षा पाठ्यक्रम को शैक्षणिक पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाए। सीए छात्र वैभव ठकराल ने कहा कि परम्परागत व्यवसाय एवं उद्योगों को विकसित किया जाए। सीए छात्रा साक्षी करनानी ने कहा कि परम्परागत पर्यटन को राज्य की आय का मुख्य स्रोत बनाया जाए। चर्चा में सीए ओम प्रकाश पंवार, सीए नवरतन और सीए छात्र भरत शर्मा ने भी विचार रखे।

राज्य बजट: औद्योगिक विकास और रोजगार को बढ़ावा देने वाला हो बजट

मेरी बात :
औद्योगिक विकास के लिए सस्ती जमीनों का आवंटन एवं भूमि रूपान्तरण के सरल नियम बनाए जाए।

विनोद दम्माणी, सीए

प्रतिभा पलायन को रोकने की समुचित व्यवस्था की जाए। अध्ययन से संभावित क्षेत्र के लिए उद्योग एवं रोजगार यहीं उपलब्ध करवाए जाए।
मनोज सिपानी, सीए

नई तकनीक से कृषि एवं कृषि आधारित उद्योगों का विकास किया जाए। फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स लगाई जाएं।

माणक कोचर, सीए

सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए नए निर्माण पर इसे अनिवार्य किया जाए। नेट मीटरिंग सुविधा से लोगों को रिफण्ड दिया जाए। राज्य में भारी उपक्रम लगाने के लिए विशेष कार्य योजना बनाएं। पड़ोसी राज्यों से होने वाले रेवेन्यू लॉस का अध्ययन किया जाए।

सुधीश शर्मा, सीए

आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जाए। भारतमाला की तर्ज पर राजस्थानमाला के तहत सड़कों का निर्माण किया जाए। हर तहसील को जिला मुख्यालय से फोरलेन सड़कों से जोड़ा जाए।
ईशा चावला, सीए छात्रा

dinesh swami Reporting
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