लोहे के खंभों पर लाल रंग ने रोका करंट, देखिये वीडियो

dinesh swami

Publish: Sep, 09 2018 10:07:27 AM (IST)

Bikaner, Rajasthan, India

बीकानेर. बल्ब से जुड़े तार के एक सिरे को बिजली की मुख्य लाइन और दूसरे सिरे को लोहे के खंभे पर लगाया गया तो बल्ब जल उठा। वहीं जब तार के दूसरे सिरे को खंभे पर लाल रंग वाली जगह लगाया गया तो बल्ब नहीं जला। यानी खंभे के ऊपरी सिरे पर करंट आने की आशंका थी, जबकि लाल रंग वाली जगह करंट प्रवाहित नहीं हुआ।

 

शनिवार को बिजली कंपनी की टीम ने पुरानी गिन्नाणी क्षेत्र में खंभों पर 'इन्सुलेटेडÓ कलर का प्रायोगिक तौर पर परीक्षण किया। कंपनी करंट की आशंका को कम करने के लिए लोहे के खंभों पर 'इन्सुलेटेडÓ कलर (रंग) कर रही है। ऐहतियातन खंभे पर छह फीट की ऊंचाई तक यह रंग किया गया है।

 

बिजली कंपनी के तकनीकी अधिकारी सोमेन मित्रा ने बताया कि बारिश के मौसम में लोहे के खंभों से करंट नहीं आए, इसके लिए बीकेईसीएल इस नई तकनीक का इस्तेमाल प्रदेश में पहली बार बीकानेर में कर रही है। कंपनी पहले चरण में मार्च तक दो हजार खंभों पर लाल रंग लगाएगी।

 


पानी डालने पर भी नहीं आया करंट
लोहे के खंभे पर परीक्षण के दौरान जब 'इन्सुलेटेडÓ कलर पर पानी गिराकर उस पर खुला तार टकराया तो भी बल्ब नहीं जला। खंभे के जिस भाग में कलर नहीं था, वहां लगाते ही बल्ब जल उठा।

 

 

पांच हजार वोल्ट को सह सकता है
बीकेईएसएल के सीओओ धु्रवज्योति चटर्जी ने बताया कि लोहे के खंभों पर विशेष रसायन वाले पेंट इन्सुलेक्ट का शहर में उपयोग किया जा रहा है। खंभे को पहले मोटर लगे ब्रश से साफ किया जाता है। इसके बाद थिनर की दो परत की जाती हैं। इसके 15 मिनट बाद इंसुलेटेड कलर किया जाता है। एक सप्ताह में रासायनिक क्रिया के बाद पेंट किए खंभे पांच हजार वोल्ट तक करंट सहने लायक हो जाते हैं।

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