122  करोड रुपए खर्च, न राजस्व प्राप्ति के जरिए की प्रक्रिया शुरू, ना हो रहा पानी का उपयोग

अमृत योजना के तहत बल्लभ गार्डन में तैयार हुआ सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट
18 एमएलडी पानी हो रहा शोधित

By: Vimal

Published: 22 Apr 2021, 05:03 PM IST

बीकानेर. अमृत योजना के तहत बल्लभ गार्डन में बना सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट शुरू हो चुका है। इस प्लांट के माध्यम से वर्तमान में 18 एमएलडी पानी रोज शोधित हो रहा है। शोधित हो रहे पानी के उपयोग को लेकर नगर निगम अब तक किसी ठोस निर्णय पर नहीं पहुंच पाया है और ना ही इस पानी का समुचित उपयोग हो पा रहा है। नगर निगम ने इस पानी के उपयोग के लिए न अब तक कोई निविदा प्रक्रिया शुरू की है और ना ही नेवेयली लिग्नाईट थर्मल पावर प्लांट बरसिंहसर को इस पानी देने की प्रक्रिया सिरे चढ़ पाई है।

इससे इस पानी के माध्यम से निगम को राजस्व प्राप्त होने का जरिया भी शुरू नहीं हो पाया है। जबकि यह प्लांट 122 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुआ है। इस प्लांट का कुल प्रोजेक्ट 139 करोड़ रूपए है। इसमें दस साल का ऑपरेशन एण्ड मेंटिनेंस भी शामिल है। यह प्लांट एसबीआर तकनीक पर आधारित है और पूर्ण रूप से ऑटोमेटिक है। बताया जा रहा है यह प्लांट ट्रायल एण्ड रन आधार पर शुरू हो चुका है।

 

40 एमएलडी क्षमता, 130 किमी सीवर लाइन
बल्लभ गार्डन में स्थापित हुए एसटीपी की कुल क्षमता 40 एमएलडी पानी की है। वर्तमान में इस प्लांट के माध्यम से 18 एमएलडी पानी प्रतिदिन शोधित हो रहा है। इस प्लांट को शिवबाड़ी जोन के विभिन्न क्षेत्रों में डाली गई 130 किलोमीटर लम्बी सीवर लाइनों के माध्यम से सीवर का पानी पहुंच रहा है। निगम एक्सईएन संजय ठोलिया के अनुसार शिवबाड़ी, तिलक नगर, जयपुर रोड स्थित कई कॉलोनियां, अम्बेडकर,्रकॉलोनी, खतूरिया कॉलोनी, सूरजपुरा, पटेल नगर, बल्लभ गार्डन आदि क्षेत्रों का पानी इस प्लांट तक पहुंच रहा है। प्लांट से पानी शोधित होने के बाद दो फैकेल्टिव पॉण्ड में जा रहा है।

 

प्लांट में यह हुए स्थापित
बल्लभ गार्डन एसटीपी प्लांट में पीटीयू यूनिट एक, डायजेस्टर टैंक एक, डिस्ट्रीब्यूशन चैम्बर एक, एसबीआर चार, क्लोरिन कॉटेक्ट टैंक एक, ओवर हैड टैंक एक सहित प्रोजेक्ट कंट्रोल के लिए एक इमारत का निर्माण हुआ है। प्लांट में हॉर्टिकल्चर, पेंटिंग और आन्तरिक सडक़ों का निर्माण कार्य बाकी है।

 

सिंचाई और थर्मल प्लांट में होगा उपयोग
नगर निगम के अधिशाषी अभियंता पवन बंसल के अनुसार बल्लभ गार्डन एसटीपी से शोधित होने वाले पानी का उपयोग थर्मल पावर प्लांट और सिंचाई में हो सकेगा। पार्को और बगीचों में इस पानी का उपयोग किया जा सकता है। हालांकि इस प्लांट के माध्यम से शोधित हो रहा पानी पूरा साफ और तकनीकी मापदंडो के अनुसार सही है, लेकिन इसका उपयोग पीने के लिए नहीं हो सकता है।

 

समस्या यह भी
हालांकि एसटीपी तक सीवर लाइनों के माध्यम से रोज पानी पहुंचना शुरू हो गया है, लेकिन शिवबाड़ी क्षेत्र में एक स्थान पर लगभग 180 मीटर सीवर लाइन जुडऩे बाकी रहने के कारण पूरा पानी प्लांट तक नहीं पहुंच पा रहा है। एक्सईएन बंसल के अनुसार इस स्थान को लेकर विवाद चल रहा है। इस लाइन के जुड़ते ही करीब 22 से 23 एमएलडी तक रोज पानी प्लांट तक पहुंचना शुरू हो जाएगा।

 

11 हजार घरों में होंगे कनेक्शन
अमृत योजना के तहत बने इस प्रोजेक्ट के तहत बनाई गई 130 किलोमीटर सीवर लाइनों से प्रोजेक्ट क्षेत्र में स्थित 11 हजार घर सीवर कनेक्शन से जुड़ेंगे। बंसल के अनुसार अब तक करीब पांच हजार घरों के कनेक्शन हो चुके है। लाइन जुडऩे का काम अटकने के कारण सभी कनेक्शन नहीं हो पा रहे है।

 

मिलेगा राजस्व, होगा जल्द शुरू
बल्लभ गार्डन स्थित एसटीपी अपनी पूर्ण क्षमता के साथ जल्द शुरू हो इसके प्रयास चल रहे है। नेवेयली थर्मल प्लांट से पानी को लेकर पत्राचार चल रहा है। सिंचाई के लिए शेष पानी को देने के लिए भी निविदा प्रक्रिया अपनाई जाएगी। प्लांट से मिलने वाले पानी से निगम को राजस्व की प्राप्ति होगी। ट्रायल एण्ड रन आधार पर प्लांट शुरू हो चुका है। रोज 18 एमएलडी पानी प्लांट तक पहुंच रहा है व उसका शोधन हो रहा है। वर्तमान में प्लांट से शोधित हो रहे पानी का उपयोग आस पास के खेतों में सिंचाई, पॉण्ड भरने में हो रहा है।
पवन बंसल, अधिशाषी अभियंता, नगर निगम, बीकानेर

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