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सुखद पहल :- बंदियों की होगी दीमागी कसरत, चेस बोर्ड पर चलेंगे चालें, दौड़ाएंगे वजीर-घोड़े

locationबीकानेरPublished: Dec 12, 2023 09:17:09 am

Submitted by:

Jai Prakash Gahlot

- 23 से 25 दिसंबर के बीच होगी प्रतियोगिता

- अब तक करीब 100 बंदियों ने किया नामांकन

सुखद पहल :- बंदियों की होगी दीमागी कसरत, चेस बोर्ड पर चलेंगे चालें, दौड़ाएंगे वजीर-घोड़े
सुखद पहल :- बंदियों की होगी दीमागी कसरत, चेस बोर्ड पर चलेंगे चालें, दौड़ाएंगे वजीर-घोड़े
जयप्रकाश गहलोत/ बीकानेर. जेल में बंद कैदियों के लिए एक सुखद पहल हो रही है। जेल प्रशासन बंदियों के लिए शतरंज प्रतियोगिता शुरू करने जा रहा है। इसके लिए सरकार व जेल मुख्यालय से अनुमति मिल चुकी है। यह आयोजन जिला शतरंज संघ के माध्यम से कराया जाएगा। बीकानेर जेल की यह पहल बंदियों की मानसिक सेहत के लिए बेहद लाभकारी होगी, ऐसा अनुमान जताया जा रहा है।
बंदी दिखा रहे रुचि, 100 ने किया नामांकन

पिछले दो महीने से बीकानेर जेल प्रशासन बंदियों के लिए शतरंज की प्रतियोगिता कराने की योजना बना रहा है। इसके प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भिजवाए गए। इससे पहले जिला शतरंज संघ के पदाधिकारियों से वार्ता की गई, जिसमें प्रतियोगिता को लेकर सहमति होने पर तैयारियां शुरू कर दी गईं। जेल प्रशासन के मुताबिक, अब तक 100 बंदियों ने प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए नामांकन कराया है। प्रतियोगिता जेल परिसर में ही होगी। तारीख को लेकर बीकानेर जिला शतरंज संघ के साथ विचार-विमर्श किया गया है।
सुरक्षा के इंतजाम

शतरंज प्रतियोगिता के लिए जेल प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए जाएंगे। प्रतियोगिता ड्रामा हॉल में आयोजित होगी। रेफरी व ट्रेनर के अलावा जेल के अधिकारी एवं जिला शतरंज संघ के पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। ड्रामा हॉल के बाहर हथियारबंद सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे।
23 से 25 तक हो सकती है प्रतियोगिता

बीकानेर जिला शतरंज संघ एवं बीकानेर केन्द्रीय कारागार प्रशासन पिछले 15 दिन से बंदियों की शतरंज प्रतियोगिता कराने की तैयारियों में जुटा हुआ है। जेल अधीक्षक आर. अनंतेश्वरन ने बताया कि प्रतियोगिता में विचाराधीन और सजायाफ्ता सभी वर्ग के बंदी भाग ले सकेंगे। प्रतियोगिता में 100 बंदियों ने नामांकन कराया है। 23 से 25 दिसंबर तक प्रतियोगिता कराई जाएगी। प्रतियोगिता में कोई भी बंदी भाग ले सकेगा। बंदियों के लिए उम्र की कोई बाध्यता नहीं होगी। प्रथमदृष्टया अब तक 50 साल तक के बंदी प्रतियोगिता के लिए रुचि दिखा रहे हैं। 50 साल से अधिक के बंदी प्रतियोगिता में भाग लेना चाहेंगे, तो उनके लिए भी अलग से व्यवस्था की जाएगी।
शतरंज से मिलता है दिमाग को सुकून

बीकानेर जिला शतरंज संघ के संरक्षक शंकरलाल हर्ष ने बताया कि चेस फॉर फ्रीडम ऑफ थिंकिंग थीम के तहत बंदियों की प्रतियोगिता करा रहे हैं, ताकि बंदियों को खुशनुमा माहौल मिले। बंदी के दिमाग में अपराध की जगह शतरंज से नई सोच विकसित हो और वे कुछ नया करने की सोचें। जेल प्रशासन के साथ मिलकर 23 से 25 दिसंबर तक प्रतियोगिता कराई जाएगी। हर्ष ने बताया कि इससे पहले भी शतरंज की जूनियर प्रतियोगिता जेल में कराई गई थी। अब इस प्रतियोगिता को वृहद स्तर पर आयोजित किया जा रहा है।

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