बीकानेर में अब "मित्र" के साथ अपराधों पर लगाम कसेगी पुलिस

बीकानेर में अब

Jitendra Goswami | Updated: 04 Jun 2019, 10:47:44 AM (IST) Bikaner, Bikaner, Rajasthan, India

जयप्रकाश गहलोत

बीकानेर. अपराधों पर लगाम लगाने के लिए बीकानेर पुलिस ने पुलिस मित्र बनाने की कवायद शुरू कर दी है।

जयप्रकाश गहलोत

 

बीकानेर. अपराधों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने अब नया पैंतरा अपनाया है। पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर प्रदेशभर में पुलिस मित्र योजना पर काम तेजी से किया जा रहा है। बीकानेर पुलिस ने पुलिस मित्र बनाने की कवायद शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक प्रदीप मोहन शर्मा ने २७ मई को आदेश जारी कर इस योजना को अमलीजामा पहनाने के आदेश भी जारी कर दिए। जिले के अभय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर इस काम को करने में जुटा है। अब तक जिलेभर के ८०० वॉट्सएंप गु्रप बनाए जा चुके हैं। इन गु्रपों में ४० हजार सदस्यों को जोड़ा जा चुका है।

 

दो नामों से वॉट्सएप ग्रुप

 

पुलिस मित्र योजना के तहत बीकानेर जिले में पुलिस ने दो वॉट्सएप गु्रप बनाए हैं। एक ग्रुप में बीट कांस्टेबलों को शामिल किया गया है, जबकि दूसरे गु्रप में सभी थानों के एसएचओ, सीओ, एएसपी व एसपी शामिल हैं। इन दोनों गु्रपों की खासियत यह होगी कि इन ग्रु्रपों में अभय कमांड एंड कंट्रोल रूम के २६ पुलिसकर्मी समान रहेंगे। इसके अलावा ५० सदस्य बनाए जाएंगे, जो सीएलजी सदस्य, सकारात्मक सोच रखने वाले सामाजिक व्यक्ति होंगे।

 

इसलिए पड़ी जरूरत

 

सोशल मीडिया से कई तरह की अफवाहें फैल जाती हैं, जिससे अराजकता का माहौल बनता है और कानून व्यवस्था बिगडऩे तक की नौबत आ जाती है। इन पर अंकुश लगाने के साथ शहर-गांव व मोहल्ले में अवांछित गतिविधियों, आपराधिक तत्वों पर निगरानी रखने के लिए पुलिस मित्र की जरूरत महसूस हो रही थी।

 

ढाई लाख का लक्ष्य

 

अभय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर प्रभारी रमेश सर्वटा ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर ८०० गु्रप बनाकर ४० हजार सदस्य बनाए जा चुके हैं। शुरुआती दौर में गु्रप में ५०-५० सदस्य जोड़े जा रहे हैं। बाद में यह संख्या २५० तक की जाएगी। एक महीने में २.५० लाख लोगों को जोडऩे का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

 

यूं करेगा काम

 

बीट कांस्टेबलों के गु्रप में स्वच्छ व बेदाग छवि के लोगों को जोड़ा जाएगा। गु्रप में मैसेज करने का किसी को अधिकार नहीं होगा। गु्रप एडमिन ही मैसेज कर सकेगा। किसी क्षेत्र में कोई घटना होने पर गु्रप सदस्य एडमिन को मैसेज भेजेगा। इसके बाद एडमिन वह मैसेज गु्रप में भेजेगा। इसके बाद नोडल प्रभारी उस मैसेज को जिलेभर में सर्कुलेट करेगा।

 

अपराध रोकने में होंगे सहायक

 

पुलिस मित्र अपराध रोकने में सहायक होंगे। पुलिस मित्र बनाने का काम चल रहा है। अब तक ८०० गु्रप बनाए जा चुके हैं। योजना का नोडल अधिकारी संबंधित थाना क्षेत्र के वृत्ताधिकारी एवं सहायक नोडल अधिकारी संबंधित थानाधिकारी होगा। इन गु्रपों की पूरी मॉनिटरिंग का जिम्मा अभय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर प्रभारी रमेश सर्वटा का होगा।

प्रदीप मोहन शर्मा, पुलिस अधीक्षक

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