जिले में हुई हत्या के 10 मामले अनसुलझे, तीन लाशें ऐसी मिलीं जिनकी नहीं हो सकी पहचान

जिले में हुई हत्या के 10 मामले अनसुलझे, तीन लाशें ऐसी मिलीं जिनकी नहीं हो सकी पहचान

Anil Kumar Srivas | Publish: Sep, 11 2018 11:54:51 AM (IST) Bilaspur, Chhattisgarh, India

पुलिस के छूट रहे पसीने: 7 मामलों में अभी तक आरोपियों का सुराग नहीं लगा पाई पुलिस

बिलासपुर पत्रिका. जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुए 10 अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में पुलिस के पसीने छूट गए हैं। 7 मर्डर मिस्ट्री में पुलिस आरोपियों का सुराग नहीं लगा पाई है। वहीं 3 हत्या के मामलों में पुलिस मरने वालों की पहचान नहीं कर पाई है। पुलिस ने इन मामलों की जांच लगभग बंद कर दी है।

केस 1- खैरा जलाशय
रतनपुर थानांतर्गत ग्राम खैरा जलाशय में 9 अप्रैल को महिला की लाश मिली थी। मृतका के सिर में चोट के निशान थे। मृतका के पैर बंधे थे और पीठ में बड़ा पत्थर बांधकर जलाशय में फेंका गया था। मृतका की उम्र 30-35 वर्ष है। मृतका की लाश अर्ध नग्न हालत में मिली थी। उसकी पहचान नही हुई।

केस 2- धनगंवा
गौरेला थानांतर्गत ग्राम धनगवां निवासी घनश्याम लाल पिता प्यारेलाल पनिका (40) की 29 अगस्त 2017 को खेत में खून से लतपथ लाश मिली थी। मृतक 28 अगस्त को दोपहर 2 बजे मवेशी चराने घर से निकला था। उसके दाहिने कंधे, आंख और कंधे में चोट के निशान थे। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया था। मामले में पुलिस अब तक हत्यारे तक नहीं पहुंच पाई है।

केस 3- तारबाहर रेलवे क्रासिंग
तारबाहर रेलवे क्रासिंग के पास स्लीपर पर 21 जनवरी को एक महिला की कंबल से लिपटी औंधे मुंह पड़ी लाश मिली थी। मृत महिला का शव कंबल से ढंका था। मृतका के चेहरे में चोट के निशान थे। मृतका की उम्र करीब 25-30 वर्ष थी, गले में मंगलसूत्र, कलाई में चूड़ी और मांग में सिंदूर था। मृतका की दाहिने हाथ की कलाई में गोदने से अंग्रेजी का शब्द लिखा था। हत्यारे ने उसकी पहचान छिपाने के लिए गोदने को खरोंचकर मिटा दिया था। पुलिस को मृतका का सामान से भरा थैला मिला था, जिसमें जांजगीर जिला अस्पताल के रोगी कल्याण समिति नाम छपा थैला था। पुलिस मृतका की पहचान नहीं कर पाई है।

केस 4- बेलगहना
बेलगहना थानांतर्गत ग्रम कुरूवार में 2 मार्च को रात 10 बजे लोमस पिता कृष्ण कुमार यादव (26 ) की सडक़ पर खून से लथपथ लाश मिली थी। गला रेतकर उसकी हत्या की गई थी। होली की रात गांव में लगे डीजे में मित्रों के साथ नाचने के बाद घर की ओर जाते देखा था। दो महीने तक जांच के बाद भी पुलिस हत्यारे का सुराग नहीं लगा पाई है।

केस 5- गौरला
गौरेला थानांतर्गत ग्राम दौजरा निवासी गोपाल पिता गुलाब सिंह गोड़ (35) की 20 अगस्त 2017 को खेत में खून से लथपथ लाश मिली थी। मृतक अपने साथ 3 साल के बेटे अंश को साथ खेत लेकर गया था। रात में सोते समय उसकी हत्या की गई थी। हत्यारे ने मृतक के बेटे को कुछ नहीं किया था। इस मामले में भी पुलिस हत्यारे का सुराग नहीं लगा पाई है।

केस 6- पेण्ड्रा
पेण्ड्रा स्थित सिंघरी तालाब के पास 17 अप्रैल को चौबे कॉलोनी निवासी भद्दू कोल पिता टीभू कोल ( 56) की लाश मिली थी। मृतक पेश से कारपेटर था। मृतक के शरीर में चोट के निशान थे। 16 अप्रैल को वह काम पर गया था और घर नहीं लौटा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डाक्टर ने मतक के सिर में हमला करने के बाद गला दबाकर हत्या करने की पुष्टि की थी। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया था। पुलिस अब तक हत्यारे का सुराग नहीं लगा पाई है।

केस 7- सकरी
सकरी बाजार पारा में 9 सितंबर 2017 को रात सवा 11 बजे संतोषी भार्गव पति संजय भार्गव ( 32) को परिजनों ने झुलसे हालत में सिम्स लेकर गए थे, जहां डॉक्टर ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया था। घटना के 9 महीने के बाद सिम्स के डॉ. एसएन गोले ने ने मृतका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका की रीढ़ की टूटने के कारण मौत होने का खुलासा किया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने 13 मार्च 2018 को हत्या का मामला दर्ज किया था। मामले में पुलिस अब तक हत्यारों तक नहीं पहुंच पाई है।

केस 8- हरदीकला
सिरगिट्टी थानांर्तत ग्राम हरदी कला में दोना पत्तल फैक्ट्री व किराना दुकान के मालिक जगदीश कौशिक ( 57) की दुकान के बाहर रखवाली करते सोते समय 22 अप्रैल की रात हत्यारों ने धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी थी। 23 अप्रैल को उसकी लाश बिस्तर पर खून से लथपथ मिली थी। हत्यारे ने दुकान का ताला तोडकऱ अंदर रखे 40 हजार नकद पार किए थे। दुकान के सीसीटीवी कैमरे में हत्यारे की धुंधली फोटो कैद हुई थी। पुलिस ने आरोपी तस्वीर के आधार पर करीब 3 दर्जन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। अब तक पुलिस हत्यारे का सुराग नहीं लगा पाई है।

केस 9- तखतपुर
तखतपुर थानांतर्गत ग्राम बीजा में नवंबर 2014 में 25-30 वर्षीय एक महिला की खेत में खून से लथपथ लाश मिली थी। छिपाने हत्यारों ने धारदार हथियार से चेहरा गोद डाला था। घटना स्थल से पुलिस को मृतका का थैला मिला था, जिसमें कपड़े थे। घटना स्थल की तस्वीर ग्रामीण क्षेत्रों में कोटवार के माध्यम से पहुंचाई थी। साढ़े 3 साल के बाद भी पुलिस मृतका की पहचान नहीं कर पाई है।

केस 10- बेमेतरा
नवापारा पुल के नीचे 23 अप्रैल को एक युवक की लाश मिली थी। मृतक की गर्दन में चोट के निशान थे। उसकी पहचान म.प्र. के छतरपुर निवासी प्रेम चौरसिया के रूप में हुई थी। वह कटनी से स्टोन डस्ट लेकर रायपुर के लिए निकला था। 23 अप्रैल को संजय की हाथ पैर बंधी लाश बेमेतरा के टेमरी घाट में मिली थी। पुलिस को इस मामले में भी हत्यारो का सुराग नहीं मिला है।

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