20 करोड़ संपत्ति कर वसूलने का टारगेट, ठेका कंपनी और निगम की टीम पिछड़ी

- अनुबंध के तहत ठेका कंपनी नहीं कर पा रही वसूली, 10 फीसदी कमीशन काटकर निगम कर रहा भुगतान .

By: Bhupesh Tripathi

Updated: 12 Jan 2021, 04:30 PM IST

बिलासपुर. नगर निगम में संपत्ति कर (property tax) वसूली के लिए ठेका कंपनी के नगर निगम के पुराने क्षेत्रों से वसूली करने में पसीने छूट रहे हैं। पिछले 3 साल से संपत्तिकर वसूली के लिए मिली टारगेट को पूरा नहीं कर पाने के कारण निगम अधिकारियों ने अनुबंध के तहत वसूली के बदले दिए जाने वाले कमीशन में से 10 फीसदी की कटौती कर भुगतान कर रहा है।

निगम (Nagar Nigam Bilaspur) में शामिल नए क्षेत्रों में भी वसूली (property tax) करने में निगम कर्मचारी पिछड़ गए हैं। अब तक सिर्फ 40 फीसदी ही वसूली हो पाई है। नगर निगम सीमा क्षेत्र में रहने वालों से संपत्ति कर वसूली के लिए राज्य शासन ने सन 2017 में संपत्ति कर वसूली का ठेका स्पैरो कंपनी को दिया था।

राज्य शासन (Chhattisgarh Government) ने स्पैरो कंपनी से 3 साल के लिए अनुबंध किया था। 2020- 21 में ठेका कंपनी का अनुबंध समाप्त हो जाएगा। नगर निगम सीमा क्षेत्र के मकानों से संपत्तिकर वसूली के लिए राज्य शासन ने ठेका कंपनी से अनुबंध करते समय कुछ शर्तें रखी थी जिसके तहत ठेका कंपनी को टारगेट का 90 फीसदी वसूल करने पर कमीशन के रूप में वसूल की राशि का 7.5 का भुगतान देने और कम वसूली पर कुल वसूल की राशि का 6.5 फीसदी कमीशन देने की शर्त शामिल है। पिछले 3 साल से संपत्ति कर की वसूली कर रही ठेका कंपनी हर साल टारगेट के मुकाबले वसूली नहीं कर पा रही है।

नए क्षेत्रों में नगर निगम कर रहा वसूली
1 वर्ष पूर्व नगर निगम सीमा क्षेत्र में शामिल किए गए 15 ग्राम पंचायतों, 1 नगर पालिका परिषद और 2 नगर पंचायतों में संपत्ति कर वसूली नगर निगम के पुराने कर्मचारी कर रहे हैं। राज्य शासन ने नए क्षेत्रों का सर्वे कराने के बाद 500 लाख संपत्ति कर वसूली का लक्ष्य नगर निगम को दिया है। वर्तमान में नगर निगम कर्मचारी 500 लाख वसूली के पीछे 155 लाख रुपए ही वसूल कर पाए हैं।

15 करोड़ का टारगेट, 6 करोड़ वसूली
पुराने नगर निगम सीमा क्षेत्र के लिए राज्य शासन ने संपत्ति कर की वसूली के लिए 15 करोड़ रुपए लक्ष्य रखा है। ठेका कंपनी को यहां से संपत्ति कर की वसूली करनी है। स्पैरो कंपनी 1 अप्रैल से 31 दिसंबर तक १५ करोड़ टारगेट के पीछे 6 करोड़ रुपए ही वसूल सका है। ढाई महीने में स्पैरो कंपनी को 9 करोड़ रुपए वसूल करने हैं।

बीते वर्ष भी वसूली में पिछड़े
स्पैरो कंपनी को वर्ष 2019-20 में संपत्ति कर वसूली (property tax) के लिए 13 करोड़ का लक्ष्य दिया गया था। कंपनी टारगेट के मुकाबले 11 करोड़ की वसूल कर पाई। वहीं नगर निगम कर्मचारियों ने वर्ष 2019 में दिए गए टारगेट के मुकाबले 70 फीसदी ही संपत्ति कर वसूल कर पाया है।

बड़े बकायादारों को नोटिस के बाद बढ़ी वसूली
नगर निगम आयुक्त ने पिछले कई सालों से संपत्ति कर का भुगतान नहीं करने वाले बड़े बकायादारों को नोटिस जारी कर संपत्ति कर का भुगतान करने की चेतावनी दी थी। नहीं भुगतान करने पर एफआईआर कराने की बात कही गई थी। नोटिस जारी होने के बाद एफआईआर के डर से बड़े बकायादारों ने संपत्ति कर का भुगतान किया, जिससे स्पैरो की वसूली में बढ़ोतरी हुई।

संपत्ति कर की वसूली में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। स्पैरो कंपनी ने अप्रैल से नवंबर के बीच वसूली के मुकाबले दिसंबर महीने में 1 करोड़ 66 लाख की वसूली की है। नए निगम सीमा (Bilaspur Nagar Nigam) क्षेत्र में भी संपत्ति कर (property tax) वसूली में तेजी आई है। टारगेट पूरा करने ठेका कंपनी और निगम कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं।
- दिलीप तिवारी, उपायुक्त, नगर निगम

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