3105 संक्रमितों की जान जोखिम में, निगरानी करने वाले 17 कर्मचारी हड़ताल पर

अब होम हाइसोलेशन वाले मरीजों को लेकर ज्यादा परेशानी हो गई है। उनकी देखरेख कैसे हो पाएगी। इतने ज्यादा मरीज हैं, हमारे पास आदमी इतने कम हैं कि यह काम असंभव है। इसके अलावा उनकी मॉनिटभरग भी नहीं हो पा रही है।

By: Karunakant Chaubey

Updated: 22 Sep 2020, 05:01 PM IST

बिलासपुर. संविदा कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से कोरोना पीडि़त मरीजों की जान भी खतरे में पड़ गई है। होम हाइसोलेशन में कोविड से जंग लड़ रहे मरीजों की देखरेख के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास गिने चुने कर्मचारी बचे हैं, वो भी इस जिम्मेदारी को निभाने से कतरा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में 3105 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। अस्पतालों में सिर्फ 603 मरीज हैं। होम आइसोलेशन वाले मरीजों की देखरेख में स्वास्थ्य विभाग ने 24 डॉक्टर सहित कुल 34 लोगों की टीम लगाई थी।

अब सिर्फ 17 कर्मचारी बचे हैं। कर्मचारियों के कमी के कारण मरीज दवाई और अन्य सुविधाओं को मोहताज हो रहे हैं। कई मरीज जो अस्पताल में शिफ्ट होना चाह रहे हैं उन्हें स्वास्थ्य विभाग की टीम शिफ्ट भी नहीं कर पा रही है। ऐसे में मरीजों की जान को खतरा बढ़ गया है। जरूरत पर उन्हें स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों की सलाह नहीं मिल पा रही है। सोमवार को सीएमएचओ दफ्तर में स्वास्थ्य अधिकारी आपस में चर्चा कर रहे थे कि संविदा कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से बहुत सारे काम प्रभावित हो रहे हैं।

अब होम हाइसोलेशन वाले मरीजों को लेकर ज्यादा परेशानी हो गई है। उनकी देखरेख कैसे हो पाएगी। इतने ज्यादा मरीज हैं, हमारे पास आदमी इतने कम हैं कि यह काम असंभव है। इसके अलावा उनकी मॉनिटभरग भी नहीं हो पा रही है। घंटों अधिकारियों के बीच चर्चा के बाद यह हाल निकाला कि आयुर्वेद विभाग से 20 कर्मचारियों को बुलाया जाएगा तो होम आइसोलेशन और अन्य कामों की देखरेख करेंगे।

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Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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