35 हजार गोबर के दीए बिक्री के लिए तैयार, आठ समूहों में अस्सी महिलाएं दीए बनाने में जुटी

इनमें लाखासार, अकलतरी एवं पौसरी की स्व सहायता समूह की महिलाएं लगभग 35 हजार दीए का निर्माण कर चुकी हैं। वहीं मस्तूरी तहसील के वेद परसदा, लोहर्सी, टिकारी एवं ध्रुवाकारी गांवों के गोठानों में दीया बनाने का कार्य प्रारंभ किया गया है। प्रत्येक गोठान में दस महिलाओं के समूह द्वारा दीए का निर्माण किया जा रहा है।

By: Karunakant Chaubey

Published: 29 Oct 2020, 04:01 PM IST

बिलासपुर. गोबर से निर्मित 35 हजार दीए बिक्री के लिए तैयार हो गए हैं। इस दीपावली में बाजार में गोठानों बने दीए का विक्रय किया जाएगा। इसके लिए जिला पंचायत ने मुक्कमल इंतजाम कर रहा है। जिले के आठ गोठानों में गोबर से दीए बनाने का कार्य तेजी से चल रहा है।

इनमें लाखासार, अकलतरी एवं पौसरी की स्व सहायता समूह की महिलाएं लगभग 35 हजार दीए का निर्माण कर चुकी हैं। वहीं मस्तूरी तहसील के वेद परसदा, लोहर्सी, टिकारी एवं ध्रुवाकारी गांवों के गोठानों में दीया बनाने का कार्य प्रारंभ किया गया है। प्रत्येक गोठान में दस महिलाओं के समूह द्वारा दीए का निर्माण किया जा रहा है।

लाखासार गोठान समूह की महिलाएं अब तक लगभग 15 हजार गोबर के दीए बना चुकी हैं। इसी प्रकार अकलतरी के गोठान में महिलाएं करीब पांच हजार दीए का निर्माण कर चुकी हैं। ग्राम पौंसरी के गौठान में महिलाओं ने लगभग 14 हजार दीए का निर्माण किया है। गोठान समूहों की महिलाओं द्वारा गोबर से लगभग दो लाख दीया निर्माण का लक्ष्य है। इन दीए को दीपावली के पूर्व विक्रय किया जाएगा।

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Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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