विमानों की उड़ान में एक पेड़ ऐसे बन रहा बाधा, अधिकारी परेशान

चकरभाठा हवाई पट्टी के ओएलएस सर्वे के लिए साढ़े 16 लाख रुपए खर्च किए।

By: Amil Shrivas

Published: 24 May 2018, 11:15 AM IST

बिलासपुर . चकरभाठा हवाई पट्टी के ओएलएस सर्वे के लिए साढ़े 16 लाख रुपए खर्च किए। रिपोर्ट में पता चला कि यहां से विमानों से उड़ान में एक पेड बाधा बन रही है। सर्वे की ऑनलाइन रिपोर्ट लोक निर्माण विभाग को भेजी गई है। माना जा रहा है कि अब इस पेड़ को काटा जाएगा। एयरपोर्ट अॅथारिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों की टीम ने विमान सेवा प्रारंभ करने से पहले चकरभाठा हवाई पट्टी का सर्वे कराना अनिवार्य बताया था। इसके बाद लोक निर्माण विभाग संभाग क्रमांक एक ने इस सर्वे के लिए टेंडर निकाला। पहले टेंडर में नई दिल्ली की एक कंपनी ने रूचि दिखाई। इसके बाद दोबारा सर्वे के लिए पुन: टेंडर बुलाया गया। दूसरी बार भी पहली वाली कंपनी ने ही फिर टेंडर भरा। लोक निर्माण विभाग ने इस कंपनी को ओएलएस सर्वे के लिए टेंडर दे दिया। पिछले माह के दूसरे पखवाड़े से यह सर्वे प्रारंभ किया गया। करीब दो सप्ताह तक चकरभाठा हवाई पट्टी का सर्वे किया गया।

ऑनलाइन भेजी गई रिपोर्ट : नई दिल्ली की कंपनी ने चकरभाठा हवाई पट्टी की सर्वे रिपोर्ट भेज दी है। कंपनी ने यह रिपोर्ट फिलहाल लोक निर्माण विभाग को ऑनलाइन भेजी गई है। इसमें यह बताया गया कि चकरभाठा हवाई पट्टी से विमान के उड़ान भरने और उतरने के दौरान एक वृक्ष बाधक बन रहा है। इस वृक्ष को हटाया जाना जरूरी है। रिपोर्ट में इस वृक्ष के अलावा विमान के उतरने व उड़ान भरने में किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं बताई गई है।

सर्वे टीम आकर अफसरों को बताएगी मौका : ओएलएस सर्वे करने वाली टीम फिर एक बार चकरभाठा हवाई पट्टी पहुंचेगी। इस दौरान लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को मौके पर उड़ान में पेड़ के बाधक होने के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। हालांकि टीम के आने की फिलहाल कोई तारीख निश्चित नहीं हुई है। रन-वे का काम इसी हफ्ते पूरा होगा: हवाई पट्टी में रन-वे बनाने का कार्य पूर्णता की ओर है। यह कार्य इसी सप्ताह पूरा हो जाएगा। एयरपोर्ट अॅथारिटी ऑफ इंडिया ने रन-वे को नए सिरे से बनाने के लिए कहा गया। हवाई पट्टी की लम्बाई 1535 मीटर एवं चौड़ाई 8 सौ मीटर है। इसके निर्माण के लिए 3.25 करोड़ में ठेका दिया गया है।

अब ये काम होंगे: टैक्सी-वे का निर्माण अगले हफ्ते प्रारंभ किया जाएगा। फायर ब्रिगेड रखने के लिए पुराने भवन का नवीनीकरण किया जाएगा। समवेल टंकी बनाई जाएगी।

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