उपेक्षा से नाराज वाणी ने अजीत जोगी को दिया तगड़ा झटका, कांग्रेस में वापसी

वाणीराव के कांग्रेस में वापसी होने से कांग्रेस को मजबूती मिलेगी। चिरमिरी से महापौर डमरू रेड्डी की भी कांग्रेस में वापसी हो गई है।

By: Amil Shrivas

Published: 25 Apr 2018, 12:20 PM IST

बिलासपुर . पूर्व महापौर और जोगी कांग्रेस महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष वाणी राव कांग्रेस में शामिल हो गई हैं। इसे जोगी कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा है। बताया जाता है वाणीराव जोगी कांग्रेस में उपेक्षा के कारण सक्रिय नहीं थीं। पिछले कई दिनों से जनता कांग्रेस की बैठक और कार्यक्रमों शामिल नहीं हो रही थीं। अधिकांश आंदोलन में भाग लेना बंद कर दिया था। वे यहां महापौर के रूप में पंाच साल तक सत्ता सम्भाल चुकी हैं। विधान सभा चुनाव लड़ चुकी हैं, लेकिन 15 हजार मतों से हार गईं थीं। बताया जाता है छग प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया लगातार छग का दौरा कर रहे हैं। इस दौरान वाणीराव उनके संपर्क में थीं। कांग्रेस ज्वाइन करने की बात एक महीने पहले से चल रही थी। वाणीराव के कांग्रेस में वापसी होने से कांग्रेस को मजबूती मिलेगी। वहीं चिरमिरी से महापौर डमरू रेड्डी की भी कांग्रेस में वापसी हो गई है। डमरू रेड्डी के कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें काफी लंबे समय सेे लगाई जा रही थी। मंगलवार को दिल्ली में नगरीय निकायों के दो महत्वपूर्ण नेता चिरमिरी के महापौर डमरू रेड्डी और बिलासपुर की पूर्व महापौर वाणी राव ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता और छत्तीसगढ़ के प्रभारी पीएल पुनिया के साथ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। दोनों ने कांग्रेस में शामिल होने की इच्छा व्यक्त की, जिस पर दोनों ही नेताओं को कांग्रेस की सदस्यता प्रदान की गई।

कांग्रेस को मिलेगी मजबूती: प्रदेश महामंत्री अटल श्रीवास्तव, प्रदेश सचिव महेश दुबे, नेता प्रतिपक्ष शेख नजीरुद्दीन, जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी, शहर अध्यक्ष नरेन्द्र बोलर, ब्लाक अध्यक्ष तैय्यब हुसैन ने कहा कि पूर्व महापौर वाणीराव के कांग्रेस में आने से कांग्रेस को मजबूती मिलेगी। पंचायती राज व्यवस्था लागू होने के 25वीं सालगिरह पर कांग्रेस के दो नेताओं की वापसी हुई है।

26 नवम्बर 2017 को कांग्रेस छोड़ी थी : वाणीराव ने 26 नवम्बर 2017 को बेलतरा में संविधान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान जनता कांग्रेस ज्वाइन किया था। 8 मार्च को प्रदेश में शराब बंदी को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया था। इसके बाद सक्रियता कम होते गया और जनता कांग्रेस की बैठक में भी आना जाना बंद कर दिया था। वाणीराव को 29 अप्रैल के कार्यक्रम के लिए अम्बिकापुर की जिम्मेदारी दी गई थी। वहां प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करना था, लेकिन वहां नहीं पहुंची। पिछले तीन दिन से अमित जोगी भी उनसे बात करने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन अमित से वाणीराव की चर्चा नहीं हो पाई थी।

26 नवम्बर 2017 को कांग्रेस छोड़ी थी : वाणीराव ने 26 नवम्बर 2017 को बेलतरा में संविधान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान जनता कांग्रेस ज्वाइन किया था। 8 मार्च को प्रदेश में शराब बंदी को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया था। इसके बाद सक्रियता कम होते गया और जनता कांग्रेस की बैठक में भी आना जाना बंद कर दिया था। वाणीराव को 29 अप्रैल के कार्यक्रम के लिए अम्बिकापुर की जिम्मेदारी दी गई थी। वहां प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करना था, लेकिन वहां नहीं पहुंची। पिछले तीन दिन से अमित जोगी भी उनसे बात करने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन अमित से वाणीराव की चर्चा नहीं हो पाई थी।

जकांछ की सूची से वाणी गायब : बिलासपुर जिले में जकांछ के सुप्रीमो अजीत जोगी ने दावेदारों के नाम विधानसभा सीट के अनुसार जारी कर दिए है, लेकिन वाणीराव को सूची में जगह नहीं मिली।

बिलासपुर से राव बन सकती हैं प्रत्याशी : बिलासपुर में कांग्रेस इस विधानसभा चुनाव में वाणी राव को फिर से प्रत्याशी बना सकती है। पार्टी ने 2013 में राव को चुनाव लड़ाया था, जिन्हें भाजपा के अमर अग्रवाल ने 15599 वोट से हरा दिया था। इस चुनाव के पहले 1998 से लेकर 2008 तक कांग्रेस के प्रत्याशी अनिल टाह थे, जो हर बार अमर अग्रवाल से हारे थे। कांगे्रस पार्टी से बिलासपुर विधानसभा से 7 लोग अपनी दावेदारी कर रहे हैं, जिनको वाणीराव की वापसी से तगड़ा झटका लगा है।

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