कानन पेंडारी में डायरिया से तीन चौसिंघा की मौत, दो दिन से तीन की हालत बेहद गंभीर

कानन पेंडारी में डायरिया से तीन चौसिंघा की मौत, दो दिन से तीन की हालत बेहद गंभीर

Anil Kumar Srivas | Publish: Sep, 02 2018 02:51:18 PM (IST) Bilaspur, Chhattisgarh, India

लगातार बारिश के कारण शाकाहारी वन्य प्राणियों के केज में भरा पानी, वन्यप्राणियों की चहलकदमी के कारण केज में हो गया कीचड़

बिलासपुर. कानन पेंडारी के वन्यप्राणियों पर डायरिया कहर बरपा रहा है। डायरिया की चपेट में आने से शनिवार को कानन जू के तीन चौसिंघा की मौत हो गई। वहीं तीन अन्य की हालत नाजुक है, उन्हें रेस्क्यू सेंटर में रखा गया है। अन्य वनप्राणियों की भी निमोनिया की शिकायत है। कानन पेंडारी में 20 चौसिंघा थे, जिन्हें खुले केज में रखा गया था। केज के नीचे फ्लोरिंग नहीं कराई गई है। नीचे मिट्टी है। इन दिनों लगातार बारिश हो रही है, जिसके चलते चौसिंघा के केज में पानी जमा हो गया। वन्यप्राणियों की चहलकदमी के कारण केज में कीचड़ हो गया है। दूषित पानी पीने और गंदगी के बीच रहने के कारण सात दिन पहले आधा दर्जन से अधिक चौसिंघा डायरिया की चपेट में आ गए। रेस्क्यू सेंटर में रखकर उनका इलाज किया जा रहा था। शनिवार सुबह इनमें 3 चौसिंघा की मौत हो गई। इनमें दो नर व एक मादा है। इस घटना को लेकर कानन पेंडारी प्रबंधन में हडक़ंप मच हुआ है। इधर तीन अन्य चौसिंघा की हालत अभी नाजुक बताई जा रही है, जिन्हें रेस्क्यू सेंटर में रखकर इलाज किया जा रहा है।

शुतुरमुर्ग की हुई थी मौत
कानन पेंडारी में महीनेभर पहले रांची से तीन शुतुरमुर्ग लाए गए थे। यहां 10 दिन बाद एक की मौत हो गई थी। इसके बदले में दूसरा पक्षी अब तक नहीं लाया जा सका। अब तीन चौसिंघा की मौत हो गई।

पंप से खींच रहे पानी
तीन चौसिंघा की मौत के बाद कानन प्रबंधन हरकत में आया। शनिवार सुबह आनन-फानन में पंप लगाकर केज में भरे पानी को बाहर फेंका जा रहा है। कीचड़ साफ करने के लिए मजदूर लगाए गए हैं।

जमीन में नमी है
लगातार बारिश से जमीन के नीचे छह फीट तक नमी है। इससे वन्य प्राणियों को डायरिया हो गया। सात दिन तक इलाज किया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। शनिवार सुबह 3 चौसिंघा की मौत हो गई। तीन और बीमार हैं, जिनका इलाज किया जा रहा है।
एसएस कंवर, डीएफओ वन मंडल बिलासपुर

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