... अरे एटीएम से ऐसे भी हो सकती है ठगी, चाईनीज डिवाइस का मामला खुलने पर पुलिस भी हो गई हैरान, आप रहें सावधान

... अरे एटीएम से ऐसे भी हो सकती है ठगी, चाईनीज डिवाइस का मामला खुलने पर पुलिस भी हो गई हैरान, आप रहें सावधान

Brijesh Kumar Yadav | Publish: Mar, 04 2019 05:27:02 PM (IST) Bilaspur, Bilaspur, Chhattisgarh, India

बैंक ने लोन नहीं दिया तो बन गया था एटीएम क्लोनिंग का मास्टर, अब तक लगा चूका है अच्छों-अच्छों को चूना

एटीएम कार्ड क्लोन करने वाले गिरोह का सरगना ओडिशा से गिरफ्तार, लैपटॉप,ब्लैंक एटीएम कार्ड व क्लोनिंग डिवाइस बरामद

0 अलीबाबा डॉट कॉम से मंगाता था ऑन लाइन क्लोनिंग डीवाईस

बिलासपुर. एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार कर दूसरे राज्य से लाखों रुपए निकालने के मामले में साइबर सेल ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ओडिशा से इस गिरोह के मास्टर माइंड ओबेद मेहर को गिरफ्तार कर बिलासपुर लाई है। आरोपी के पास से पुलिस को दो तरह के चाइनीज ब्लैंक एटीएम कार्ड, एटीएम कार्ड राइटर कार सीसीटीवी कैमरा व डीवीआर बरामद किया है। इस मामले में फरार एक अन्य की तलाश की जा रही है।

शनिवार शाम बिलासागुड़ी सभाकक्ष में पुलिस अधीक्षक अभिषेक मीणा ने एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार करने वाले गिरोह के मास्टर माइंड को गिरफ्तार करने का खुलासा किया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मास्टर माइंड ओबेद उर्फ केबिन मुर्ति उर्फ राजूदेब पिता टिकेश्वर मेहर (31) भसमा कीर्तन मंडप के पास सुंदरगंढ़ ओडि़शा से गिरफ्तार किया गया है। मास्टर माइंड ओबेद ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वह जिस भी शहर में जाता था वहां आनलाइन डिवाइस उन एटीएम सेंटर में लगाता था जहां सिनग्ल एटीएम मशीन इंस्टाल होती थी। ऐसी जगहों पर लोगों को आना जाना कम होता है। इस कारण ऐसी जगहों पर डॉटा एकत्र करने में आसानी होती है। तीन चार घंटे में लगभग 60 से 70 एटीएम कार्ड का डाटा मिल जाता था जिसे लेकर वह ओडिशा चले जाते थे और वहां क्लोन तैयार कर अपने किसी भी व्यक्ति को देकर दूसरे राज्य से रुपए निकालने को कहते थे। रुपए निकालने के बाद सभी झारसुगुड़ा पहुंचते और रुपयों को आपस में बांट कर घर चले जाते थे।

बीपीएल कार्ड, आधार कार्ड व अन्य सरकारी योजना का बना चुका है कार्ड
मास्टर माइंड ओबेद मेहर ने 12वीं के साथ ही डिप्लोमा इन सिविल इंजीनियरिंग की पढाई सुंदरगढ़ इंजीनियरिंग स्कूल ओडिशा से की है। मास्टर माइंड स्वाइन एंड एसोसिएट (इंडियन आइल कापोरेशन लिमिटेड पाइप लाइन प्रोजेक्ट) गुजरात बढोदरा में काम कर चुका है। इसके अलावा आरोपी बीपीएल कार्ड सर्वे थर्ड पार्टी ठेके पर काम करता था। इसके अलावा उसने आधार कार्ड सर्वे, बीजू कृषक कल्याण योजना ओडिशा शासन कार्ड, हेल्थ कार्ड के साथ ही आनलाइन बिजनेश स्नेप डील का काम कर चुका है।

अलीबाबा डॉट कॉम से मंगाई कार्ड क्लोनिंग मशीन
मास्टर माइंड़ ओबेद ने पुलिस को बताया कि उसने ऑन लाइन वीडियो पर कार्ड की क्लोनिंग तैयार करने का तरीका देखा था। उसने डिवाइस के लिए आन लाइन वेबसाइट खोजना शुरु किया तो उसे अलीबाबा डाट कॉम पर कार्ड क्लोन बनाने की मशीन दिखाई दी। उसने कस्टमर केयर से बात कर मशीन को आर्डर कर मंगाया था।

चेक करने के सबसे पहला क्लोन अपने ही कार्ड का बनाया
2017 में कार्ड क्लोन मशीन आने के बाद ओबेद ने अपने साथी साथी श्रीमंत दास उर्फ बाबू पिता दधिवमन दास के साथ मिलकर सबसे पहले अपने ही कार्ड का क्लोन तैयार कर चेक किया कि यह काम कर रहा है या नहीं। कार्ड ने जब अपना काम कर दिया तो उसने श्रीमंत के साथ योजना तैयार की और एटीएम कार्ड क्लोनिंग कर वारदात को अंजाम देना शुरु कर दिया।

दुर्ग, रायपुर बाईपास में दिया सबसे पहले वारदात को अंजाम
ओबेद अपने साथियों श्रीमंत व धनश्याम कर्मी व सुमित के साथ नवंबर माह में रायपुर आए यहां उन्होंने रायपुर दुर्ग बायपास में एसबीआई के एटीएम बूथ पर क्लोनिंग डिवाइस लगायी थी। डाटा के आधार पर 26 से 26 कार्य का क्लोन तैयार कर रुपए निकाले।

बिलासपुर में के रेलवे क्षेत्र में लगाए थे क्लोन डिवाइस
आरोपी ने बताया बिलासपुर पहुंचे के बाद उन्होंने दो जगहों पर क्लोनिंग डिवाइस लगाए थे। उसमें रेलवे क्षेत्र के डेंटल कॉलेज व दूसरा बंधवा तालाब के पास था तीसरे क्लोन की प्लेट टूट जाने के कारण उसे स्टाल नहीं कर सके। 5 से 7 दिसम्बर तक बिलासपुर के हॉटल सिल्वर ओक में रुके रहे और कार्ड स्केन होने के बाद क्लोन तैयार किया और पश्चिम बंगाल से एक लाख अस्सी हजार, दिघा व कोलकता से 1-1 लाख निकालने की बात स्वीकार की है।

पूर्व में पकड़े जा चुके है 8 आरोपी
बिलासपुर साइबर सेल ने पूर्व में क्लोन तैयार करने वाले गिरोह के श्रीमंत दास उर्फ बाबू, खिरोद पटेल, घनश्याम कर्मी, सुजीत खड़ीया, धरणीसेन, पाउल मेहर, प्रवींण सोनबेर व अब्दुल हसीर को गिरफ्तार करने में सफलता पा चुकी है।

घर में लगा रखा था सीसीटीवी कैमरा
मुख्य मास्टर माइंड ने पुलिस से बचने के लिए अपने घर में सीसीटीवी कैमरा लगा रखा था इससे जो भी उसके घर के पास-पास दिखाई देता तो वह मुस्तैद हो जाता था।

एसबीआई की सुरक्षा व्यवस्था सबसे खराब
एसपी अभिषेक मीणा ने बताया कि एसबीआई ने जो एटीएम मशीनें लगा रखी है। वह ऐसे डिवाइस लगाने के लिए सबसे आसान है। इसका फायदा उठाकर ठग आसानी से मशीन को इंस्टाल कर देते है। कोई सी सावधानी से ऐसी घटना को रोका जा सकता है।

आरोपियों से जब्त हुए हैं ये सामान
साइबर सेल ने आरोपी ओबेद मेहर के पास से 3 लेपटॉप व चार्जर, 2 हाथ घड़ी, 7 मोबाइल फोन व सिम, एक पर्स, पिन ***** कैमरा, जीयो फाई सेट, 4 पैकेट स्कीमर चिप, एक डिब्बा, सोल्डिंग पेस्ट, एक पेपर कटर, एक मार्कर पेन, 5 माइक्रो, मैक्स बैटरी, सीसीटीवी कैमरा व डीवीआर, 64 नग हाई क्वालिटी के क्लोन एटीएम कार्ड, 1 सोने की चैन व 2 अंगूठी, बोलेरो वाहन क्रमांक ओआर 16 ई 2992 एमएसआर व एटीएम कार्ड राईडर एमएसआर को जब्त किया है।

एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार कर दूसरे राज्य में जाकर वारदात को अंजाम देने वाले गिरोह का मास्टर माइंड को गिरफ्तार करने में साइबर टीम ने सफलता पाई है। इसका एक साथी फरार है उसे भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। बैंकों की लापरवाही भी जांच के दौरान सामने आई है क्योंकि लगातार वारदात होने के बाद भी उन्होंने इसे रोकने प्रयास नहीं किया है। बैंकों से बात कर उन्हें जानकारी दी जाएगी की थोड़़ी सी सुरक्षा बरतने से ऐसे वारदात को रोका जा सकता है।
- अभिषेक मीणा, पुलिस अधीक्षक, बिलासपुर.

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