श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता पूरे विश्व में ऊंच-नीच के भेदभाव को मिटाने वाली : पं. दिनेश पाण्डेय

श्री राधारानी महिला मंडल द्वारा श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन

बिलासपुर. भले ही हम 21 वीं सदी में जीवन व्यतीत कर रहे हैं। लेकिन मानसिक रुप से काफी पिछड़े हुए हैं। लोगों में आज भी ऊंच-नीच का भाव व्याप्त हैं। अपने बराबर के लोगों से मिलन-जुलना पसंद करते हैं। छोटे लोगों से दोस्ती तो करना दूर उसे बात करना भी पसंद नहीं करते। लोगों को श्रीकृष्ण और सुदामा की दोस्ती से प्रेरणा लेकर आपसी भाई-चारे के साथ रहना चाहिए। उक्त बातें राजेन्द्र नगर में चल रहे भागवत कथा के दौरान कथावाचक पंडि़त दिनेश पाण्डेय ने कही। भागवत कथा का आयोजन श्री राधारानी महिला मंडल द्वारा कराया जा रहा है।
कथावाचक ने श्रीकृष्ण और सुदामा मित्रता का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण द्वारिकाधीश होने के बाद भी बचपन के सखा को लेने नंगे पैर दौड़ पडते हैं। उनके मन में अपने मित्र के प्रति भेदभाव का विचार नहीं आता। उन्होंने हमेशा मित्र धर्म का पालन करते हुए मुसीबत में पड़े अपने सखा की मदद करने के लिए तत्पर रहते हैं। आज लोग भेदभाव से ग्रसित हैं। उन्होंने कहा कि भगवान ने सभी को एक समान बनाया। मनुष्य जाति की रचना ही एक दूसरे को सम्मान और प्रेम करने के लिए ईश्वर ने किया। लेकिन इंसान ऊंच-नीच के फेर में आकर भेद-भाव करता आ रहा है। लोगों को भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता से सीख लेनी की जरुरत है। कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालू उपस्थित थे। इस संगीतमय भागवत कथा में भक्ति से भरे गीतों को सुनकर श्रद्धालू भाव-विभोर हो गए। प्रवचन का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 3 से 6 बजे तक किया जा रहा है।

Amil Shrivas Desk
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