बिलासपुर हो गया पानी-पानी पर शर्म से पानी-पानी नहीं होते शहर को चलाने वाले

Amil Shrivas

Publish: Jul, 14 2018 11:52:57 AM (IST)

Bilaspur, Chhattisgarh, India
बिलासपुर हो गया पानी-पानी पर शर्म से पानी-पानी नहीं होते शहर को चलाने वाले

2 घंटे की बारिश से शहर के कई इलाकों में भरा पानी, सडक़ों पर बहने लगी धार, खुल गई दावों की पोल

बिलासपुर. शुक्रवार की शाम हुई दो घंटे की बारिश ने निगम प्रशासन के बारिश पूर्व किए गए दावों की पोल खोलकर रख दी। मुख्य मार्ग से लेकर गलियों तक पानी की धार बहती रही, ऐसा नहीं है कि इसका निदान नहीं किया जा सकता परंतु जिम्मेदारों ने इसके बारे में सोंचा ही नही। या सोंचा भी तो चहेते ठेकेदारों ने निदान के नाम पर मनमानी की। जिसकी वजह से शहर की सडक़ों पर पानी बहता रहा लेकन मंत्री, मेयर और कलेक्टर किसी के आंख में पानी नहीं दिखा।
शुक्रवार की दोपहर बाद अचानक शुरू हुई दो घंटे की बारिश से शहर के ज्यादातर इलाके में फिर जलभराव की स्थिति रही। ये वही जगह है जहां पिछले 20-25 सालों से पानी बह रहा है। मंत्री 15 साल से और महापौर चार साल से इन चिन्हित स्थलों से परिचित हैं जहां जलभराव होता आ रहा है इसके बावजूद इनते सालों में इसका समुचित निदान करने के बजाए दोनों अब शहर के बनावट को कटोरे जैसा बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं। फिलहाल इस बारिश ने तो शहर के लोगों को सचेत कर दिया है। गली-मोहल्लों में पानी भरने से लोगों को आने- जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

तोरवा-शिवरीनारायण मुख्य मार्ग
तोरवा गुरुनानक चौक- शिवरीनारायण रोउ पर हेमूनगर की ओर के नाले से आ रहा पानी कलवर्ट के छोटा और अपर्याप्त होने के कारण मुख्य मार्ग पर बहता रहा जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कत हुई। वाहन चालक जान जोखिम में डाल घुटने भर पानी में आवागमन करते रहे।
ये है कारण: निकासी के लिए नाला और कलवर्ट अपर्याप्त और सफाई का अभाव मलबा जमा होने की वजह से नहीं समा रहा ऊपर का पानी।
योजना: रेलवे क्षेत्र से हेमूनगर बंधवा तालाब के किनारे से होते हुए आने वाले बारिश के पानी को तोरवा मेनरोड पर तीन बार कलवर्ट बनाकर धानमंडी रोड से होते हुए अरपा से जोड़ा गया लेकिन यहां भी इंजीनियरिंग फेल हो गई।

शहीद अमर जवान चौक- विद्यानगर
शहीद अमर जवान चौक से विद्यानगर रोड पर भी बारिश के कारण पानी भरा रहा। यहां हाल ही में पानी निकासी के लिए दोनों तरफ के नाले के ऊपर फुटपाथ को तोड़ा गया है।
ये है कारण: यहां का पानी बस अमर शहीद जवान रोड बस स्टैंड और कश्यप कालोनी के कच्चे नाली से होते हुए जवाली नाले में जाता है। बस स्टैंड में नाला संकरा है इसलिए निकासी नहीं हो पाती और विद्यानगर की सडक़ पर जलभराव होता है।
योजना: निकासी के लिए कई साल से कश्यप कालोनी से होते हुए जवाली नाले तक पक्के नाले का निर्माण कराने की योजना है परंतु इस पर काम नहीं हुआ।

जिले में अब तक 213.0 मिमी . औसत वर्षा
जिले में 1 जून से अब तक 213.0 मिमी. औसत वर्षा दर्ज की गई। बिलासपुर तहसील में 151.4 मिमी., बिल्हा में 126.7 मिमी. मस्तूरी में 132.0 मिमी. तखतपुर में 281.9 मिमी., कोटा तहसील में 187.4 मिमी., पेण्ड्रारोड में 273.0 मिमी., पेण्ड्रा में 274.4 मिमी., मरवाही में 276.6 मिमी. दर्ज की गई है।

जलभराव की शिकायत पर जाएगा अमला
बाढ़ नियंत्रण कक्ष का गठन किया गया है कहीं कोई समस्या नहीं होगी जलभराव की शिकायत मिलने पर तत्काल अमला भेजकर निदान कराया जाएगा। विभाग द्वारा इसकी तैयारी कराई जाएगी। इसमें लगने वाले एक्सीवेटर, डंपर और कर्मचारी तैनात कर लिए गए है।
सौमिल रंजन चौबे, आयुक्त नगर निगम बिलासपुर

तोरवा- रेलवे स्टेशन रोड
तोरवा चौक से रेलवे स्टेशन रोड पर फिर घुटने तक पानी भरा रहा। जिसके कारण यहां जाम की स्थिति रही और सडक़ पर जल जमाव की वजह से यहां ट्रैफिक रेंगता रहा।
ये है वजह: यहां पानी निकासी के लिए नाला है, लेकिन कलवर्ट नीचे और सफाई न होने की वजह से पानी की निकासी नहीं हो पाती, 15-20 साल से यहां समस्या है। इसके अलावा 2 घंटे की बारिश से सदर बाजार से लगे जूनी लाइन, सिम्स तिराहा के सामने, गोलबाजार, सदर बाजार, जरहाभाठा मंझवापारा, रूकमणी विहार, खानबाड़ी समेत शहर के अन्य इलाकों में निकासी की समुचित व्यवस्था न होने की वजह से जगह- जगह जलभराव की स्थिति निर्मित हुई।

पुराना बस स्टैंड
यहां पिछले 15-20 सालों से बारिश में वर्षा जल का भराव होता है। शुक्रवार को दो घंटे की बारिश से यहां सडक़, बस स्टैंड परिसर में घुटने तक पानी भरा रहा।
ये है कारण: निकासी के लिए नाला नहीं, जहां तक है वहां गहराई से सफाई न कराने की वजह से भरा है मलबा। इस कारण बारिश का पानी सडक़ पर आ जाता है।
योजना है पर नहीं हुआ काम: 7 करोड़ का नाला बनाकर इसे जवाली नाले से जोडऩे का कार्य प्रस्तावित है परंतु 3 बार टेंडर करने के बाद भी शुरू नहीं हो सका काम।

मित्र विहार कालोनी
श्रीकांत वर्मा और इससे लगे मित्र विहार कालोनी में भी घुटने तक पानी भरा रहा जिससे सडक़ पर वाहनों और लोगों का निकलना मुश्किल रहा। गाडिय़ां पानी में रेंगती रही। ये है कारण: यहां निगम के इंजीनियरों की इंजीनियरिंग ही फेल हो गई। तीन बार सडक़ को काटकर कलवर्ट का निर्माण और सफाई कराई गई लेकिन फिर भी पानी नहीं निकाला जा सका।

नाले-नालियों की सफाई करा ली गई है शहर में अब कहीं पानी नहीं भरेगा।
किशोर राय, महापौर नगर निगम

नाले व नालियों की कराई गई है साफ-सफाई
शहर के नाले-नालियों की सफाई का कार्य विभागीय स्तर पर कराया गया है हैवी रेन होने पर कुछ देर चिन्हित इलाके में जलभराव की समस्या होती है, घंटे भर बाद नाले-नालियों से पानी निकल जाता है।
डॉ. ओंकार शर्मा, स्वास्थ्य अधिकारी नगर निगम

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