स्थानीय बोली, वेशभूषा धर आरोपियों तक पहुंची बिलासपुर पुलिस, तकनीक साक्ष्य जुटा किया गिरफ्तार

बिलासपुर पुलिस ने 65 लाख की ठगी को सुलझाने के लिए सबसे पहले जनक राम पटेल द्वारा बताए विभिन्न मोबाइल नम्बर व उन बैंक खातों की डिटेल जिसमें रुपए ट्रांसफर हुए थे, खंगालनी शुरू की। पुलिस ने ट्रांजेक्शन खातों को खंगाले सबसे ज्यादा बार रुपए ट्रांजेक्शन रीवा मध्यप्रदेश निवासी विराट सिंह के एकाउंट में होना पाया गया।

By: Karunakant Chaubey

Published: 21 Oct 2020, 05:27 PM IST

बिलासपुर. पुलिस द्वारा चलाए गए साइबर मितान कार्यक्रम ने एक ऐसे मामले का खुलासा किया जिसके तार पड़ोसी राज्यों के साथ ही नहीं बल्कि पाकिस्तान से भी जुड़े हुए थे। मध्यप्रदेश, ओडिशा व महाराष्ट्र से आरोपियों को गिरफ्तार करने पुलिस को न सिर्फ आरोपियों की कॉल डिटेल खंगालनी पड़ी अपितु स्थानीय बोली व परिवेश धारण कर लोगों के बीच घुलमिल कर आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से सारे तकनीकी साक्ष्य भी बरामद किया है।

बिलासपुर पुलिस ने 65 लाख की ठगी को सुलझाने के लिए सबसे पहले जनक राम पटेल द्वारा बताए विभिन्न मोबाइल नम्बर व उन बैंक खातों की डिटेल जिसमें रुपए ट्रांसफर हुए थे, खंगालनी शुरू की। पुलिस ने ट्रांजेक्शन खातों को खंगाले सबसे ज्यादा बार रुपए ट्रांजेक्शन रीवा मध्यप्रदेश निवासी विराट सिंह के एकाउंट में होना पाया गया। पुलिस ने आरोपी को पकडऩे रीवा से सम्बंधित जवानों की एक टीम बनाई।

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टीम में प्रोबेशनरी आईपीएस गौरव राय, साइबर सेल प्रभारी कलीम खान व जवान रीवा के सिरमोर तहसील के बधरा गांव पहुंचे। टीम ने पहले स्थानीय वेशभूषा धारण किया। फिर स्थानीय बोली में बात करते हुए आरोपी विराट सिंह तक पहुंचे व उसे संदेह न हो इसके लिए टीम ने पूरा बंदोबस्त किया था। विराट सिंह को गिरफ्तार करने के बाद उससे स्थानीय पुलिस की सहायता से पूछताछ शुरू की।

विराट से पूछताछ में पाकिस्तानी मूल के नागरिक बड़े मामू उर्फ असगर, छोटे मामू व सलीम का नाम सामने आया। विराट ने पुलिस को बताया कि तीनों फोन कर लोगों को झांसे में लेते हैं व उसके एकाउंट व दो अन्य एकाउंट जो उसने तीन प्रतिशत में किराए से लिए हंै उसमें रुपए आने पर पैसे मुम्बई वर्ली निवासी राजेश जायसवाल व हर्ष जायसवाल के एकाउंट में ट्रांसफर कर देता था।

कुछ रुपए उसने डिजिटल पेमेंट सलूशन में भी डाले हैं। मामले का खुलासा होने का बाद टीम ने मुम्बई से राजेश और ओडिशा में सीताराम गौड़ा के एकाउंट में ट्रांसफर किया है। टीम ने मुम्बई से राजेश जायसवाल व ओडिशा के गंजाम बदांगी से गिरफ्तार किया है। टीम की पूछताछ में पता चला है कि ऑनलाइन ठगी के मामले रुपए को बीटकॉइन (डिजिटल मुद्रा ) में बदलने का काम राजेश जायसवाल करता था।

राजेश जायसवाल ने बताया कि वह बीटकॉइन को उपर भेज दिया करता था यह रुपए देश में मलेशिया, साऊदी अरब, पाकिस्तान व अन्य देश से निकाले जाते थे। टीम में गौरव राय प्रोविजनल आईपीएस, कलीम खान, प्रभाकर तिवारी, मनोज नायक, निरीक्षक बृजलाल भारद्वाज, सउनि शिव चंद्रा, गजेन्द्र शर्मा, बलबीर सिंह, संतोष यादव, धमेन्द्र साहू, नवीन एक्क, दीपक उपाध्याय, दीपक यादव, तदवीर पोर्ते, विकास राम, मुकेश वर्मा, राकेश बंजारे, सोनू पाल, राजेश नारंग, गोकुल जांगडे, संदीप शर्मा, राजेश यादव व नकुल सिंह शामिल थे।

इन नम्बरों का करते थे इस्तेमाल आरोपी ठगी के लिए

923137298150, ़923010483276, ़923236842411, 923324337688, 923037531483, ़923006075119, 923096781889, 923026550885, सलीम का नम्बर 923151718848, ़923037717314, ़923013652992स बडे मामू उर्फ असगर पाकिस्तानी हैण्डलर का नम्बर 923030020190, छोटे मामू उर्फ असरफ पाकिस्तानी हैण्डलर का नम्बर 923016739968, 923022601283, 923036069794, 92300836500, 923037614993 के साथ ही भारतीय नम्बर 916399064540, 919648860030,, 917354679280, 918815383283, 917354679280 का इस्तेमाल हो रहा था।

 

ऐसे लिया पीडि़त को झांसे में

साइबर अपराध के खिलाफ चल रहे जागरुकता अभियान के दौरान एक व्यक्ति जनकराम पटेल पुलिस के सम्पर्क में आया जिसने बताया कि उसे जियों के नम्बर से मुकेश अम्बानी का फोन आया लक्की ड्रॉ में उसने 25 लाख रुपए जीते हैं, ड्रॉ के साथ ही कौन बनेगा करोडपति में भाग लेने व दो करोड़ अतिरिक्त जीतने का मौका भी मिला है।

पुलिस को उसने जब यह बात बताई वह 65 लाख रुपए की ठगी का शिकार हो चुका था। 65 लाख जाने के बाद भी पीडि़त को यह एहसास नहीं हो रहा था कि वह ठगी का शिकार हो चुका है। पुलिस ने काफी समझाया और बताया कि ऐसे अंजाम नम्बर से आने वाले फोन व उसमें बात करने वाले लुभावने झांसे देकर ठगी करते हैं।

बरामद समान

बिलासपुर पुलिस ने आरोपियों से 4 लैपटॉप, 13 मोबाइल, 15 लाख नगद व पासबुक में मिले 27 लाख रुपए को फ्रीज करवा दिया है।

आईजी 30 हजार व एसपी ने दिया 10 हजार इनाम

ऑन लाइन ठगी के अंतरराष्ट्रीय गिरोह से जुड़े सदस्यों को विभिन्न प्रदेशों में जाकर गिरफ्तार करने व बडी राशि रिकवर करने पर आईजी दीपांशु काबरा ने 30 हजार पुरस्कार व एसपी प्रशांत अग्रवाल ने 10 हजार देने की घोषणा की है।

विभिन्न अंजान नम्बरों से लुभावने ऑफर के झांसे में न आए और ऐसे नम्बर आने पर पुलिस को तत्काल सूचना दे इससे ऐसे आरोपियों को पकडऩे में पुलिस को सहायता मिलेगी। लोग को यह समझाना चाहिए की कोई भी आपको ड्रॉ या अन्य माध्यम से रुपए नहीं देने वाला वह आपके लालच का फायदा उठाकर आपके रुपए ले लेगा।

-प्रशांत अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक

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Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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