जान हथेली पर रखकर जर्जर भवन में पढ़ रहे थे बच्चे, अचानक हो गई अनहोनी

जिले के मस्तूरी विकासखण्ड के भटचौरा गांव की मिडिल स्कूल की छत का छज्जा गिर जाने से क्लास में बैठे तीन बच्चे बुरी तरह से घायल हो गए

बिलासपुर. जिले के मस्तूरी विकासखण्ड के भटचौरा गांव की मिडिल स्कूल की छत का छज्जा गिर जाने से क्लास में बैठे तीन बच्चे बुरी तरह से घायल हो गए। बच्चों को पास के पटपेढ़ी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। घटना सोमवार सुबह करीब साढ़े दस बजे की है। घायल बच्चों में से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।



दरअसल सुबह करीब साढ़े दस बजे जैसे ही स्कूल शुरू हुई छठवीं कक्षा की छत का छज्जा अचानक गिर गया। हादसे में क्लस में बैठे हरिकिशन, हरदेव और अर्जुन को सिर में चोटें आई। छज्जा गिरने से पूरे स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तुरंत मौके पर पहुंच कर 108 को बुलाया और उन्हें पचपेढ़ी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया है।

छठवीं से लेकर आठवीं तक संचालित इस मिडिल स्कूल में करीब साढ़े चार सौ बच्चे पढ़ते हैं। जिस भवन का छज्जा गिरा वह करीब 35 साल पुराना है, जिसे ग्रामीणों ने जन भागीदारी से बनवाया था। मस्तूरी बीईटो सुधीर सराफ ने बताया कि हादसे में तीन बच्चों को चोटें आई हैं। उन्हें पचपेढ़ी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। क्लास को स्टाफ रूम में लगाने के लिए कहा गया है।

ब्लॉक में 40 स्कूल भवन जर्जर

जिले में अगर मस्तूरी विकासखण्ड की प्राथमिक और मिडिल स्कूल भवन की बात करें तो यहां के 40 से अधिक स्कूल भवन जर्जर या मरम्मत लायक हैं। जिनकी मरम्मत का प्रस्ताव बनाकर जिला कार्यालय को भेज दिया गया है, लेकिन पिछले दो सालों से मरम्मत का कोई बजट नहीं होने के कारण इन्हीं जर्जर भवनों में बच्चों को बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। ब्लॉक में 238 प्राइमरी और 120 मिडिल स्कूलें हैं।
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आशीष गुप्ता
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