शिवलिंग आकार के पंडाल में विराजित शिव-शक्ति की करुणामय झांकी

शहीद चौक दुर्गोत्सव समिति वृहस्पित बाजार में शिवलिंग नुमा पंडाल में मां दुर्गा विराजमान है जो भक्तों के लिए खास आकर्षण का केन्द्र बनी हुई है।

By: सूरज राजपूत

Published: 22 Oct 2015, 10:51 AM IST

बिलासपुर. शहीद चौक दुर्गोत्सव समिति वृहस्पित बाजार में शिवलिंग नुमा पंडाल में मां दुर्गा विराजमान है जो भक्तों के लिए खास आकर्षण का केन्द्र बनी हुई है।

भव्य शिवलिंग के अंदर विराजमान मां दुर्गा शिवशक्ति के स्वरूप को प्रदर्शित कर रही है। दुर्गोत्सव समिति ने मां दुर्गा के साथ भगवान शंकर को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से इस पंडाल का निर्माण कराया है। इस शिवलिंग नुमा पंडाल में विराजमान माता के दर्शन के लिए प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

शिवलिंग रूपी पंडाल की सुंदरता व कॉन्सेंप्ट को लोग बहुत पंसद कर रहे हैं और शहर के सभी पंडालों में सबसे खास पंडाल के तौर पर माना जा रहा है। समिति के सदस्य राजू कौशिक ने बताया कि हर साल माता की पूजा तो की जाती है लेकिन उसमें कुछ नयापन लाने का प्रयास समिति के सदस्य करते हैं।

इससे पहले थर्माकोल का महल व प्लाइवुड के काल्पनिक मंदिर में माता को स्थापित किया गया था। इस बार रायपुर में बने भव्य शिवलिंग को देखकर ही इस तरह का पंडाल समिति के सदस्यों के मार्गदर्शन में तैयार किया गया है। साथ में आकर्षक झांकी सजाते हुए भगवान शंकर के परिवार को दर्शाया गया है।

पंडाल के अंदर ब्लैक एण्ड व्हाइट थीम पर हर चीज है। माता की मूर्ति भी उसी थीम पर है। इस मूर्ति का निर्माण बंगाल के मूर्तिकार ने किया है।  इस पूजा में समिति के अमित श्रीवास्तव, अमित वड़ालकर, योगेश सिंह, राजू, मनीष कौशिक, अरुण गायकवाड़, अजीम बेग, अबरार अकरम सहित समिति के सभी सदस्यों व मोहल्लेवासियों का विशेष योगदान है।

मुस्लिम सदस्य भी करते हैं सहयोग
इस दुर्गोत्सव समिति में सिर्फ हिन्दू ही नहीं बल्कि मुस्लिम सदस्य भी सहयोग करते हैं। समिति के सदस्यों ने बताया कि अबरार अकरम, अजीम बेग सहित कई मुस्लिम सदस्यों का विशेष सहयोग रहता है। माता की पूजा से लेकर प्रसाद वितरण हर एक काम में बड़े श्रद्धाभाव से सहयोग करते हैं। समिति में मुस्लिम अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

थर्माकोल सजावट दिखती है खास
शहीद चौक दुर्गोत्सव समिति में सजावट के लिए थर्माकोल के सजावट को विशेष महत्व दिया जाता है। इसके साथ ही प्लाईवुड आर्ट से भी माता के पंडाल को सजाने का प्रयास किया जाता है। खास आकर्षण का केन्द्र सजावट ही होती है। इसमें झांकी भी शामिल होती है जो थर्मा कोल व प्लाईवुड से ही तैयार की गई है।

ऐसे
हुई शुरुआत
शहर में सभी क्षेत्रों में मां दुर्गा की स्थापना का कार्यक्रम शुरू हो चुका था तब मोहल्ले के कुछ सदस्यों ने भी इस क्षेत्र में दुर्गोत्सव की परंपरा शुरू करने की योजना बनाई और संस्थापक सदस्य सुनील कदम के नेतृत्व में मां दुर्गा की स्थापना का कार्यक्रम किया जाने लगा। तब से आज तक इस उत्सव को भक्तिभाव से मनाते हैं।
(काजल किरण कश्यप)
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सूरज राजपूत Desk/Reporting
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