धर्म या धंधा, कम चंदा मिलने पर मां दुर्गा पर बांधा काला कपड़ा

पुरस्कार वितरण के लिए बने एक मंच पर बैठे मंत्री के सामने से निकलते समय मां दुर्गा की प्रतिमाओं का चेहरा काले कपड़े से ढंककर विरोध जताया और जमकर नारेबाजी की।

By: सूरज राजपूत

Published: 25 Oct 2015, 10:45 AM IST

बिलासपुर. दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान तब तनाव की स्थिति निर्मित हो गई, जब डीजे पर प्रतिबंध लगाने और कम सहयोग राशि देने के विरोध में समितियों ने पुरस्कार वितरण के लिए बने एक मंच पर बैठे मंत्री के सामने से निकलते समय मां दुर्गा की प्रतिमाओं का चेहरा काले कपड़े से ढंककर विरोध जताया और जमकर नारेबाजी की। गोलबाजार, सिटी कोतवाली के सामने पंडाल पर रात को हुई इस घटना की पूरे शहर में तीखी प्रतिक्रिया रही।

शहर में हर साल की तरह दुर्गा विसर्जन पर प्रतिमाओं और झांकियों को पुरस्कृत करने के लिए विभिन्न संगठनों ने गोलबाजार सिटी कोतवाली के सामने से लेकर जूनाबिलासपुर मोड़ तक जगह-जगह पंडाल बनाकर निर्णायकों को बिठा रखा था।

सिटी कोतवाली के सामने भारतीय जनता पार्टी का पंडाल लगा था, जहां  उद्योग एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अमर अग्रवाल अपने समर्थकों के साथ मंच पर बैठे प्रतिमाओं और झांकियों का जायजा ले रहे थे।

इसी दौरान वहां से निकली दो समितियों के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने मंत्री के खिलाफ डीजे बंद कराने और कम चंदा देने पर नाराजगी जाहिर करते हुए मां दुर्गा की प्रतिमाओं के चेहरे को काले कपड़े से ढंककर विरोध प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की।

पंडाल के पास से गुजरते ही समिति के पदाधिकारियों ने प्रतिमाओं के चेहरे पर विरोध स्वरूप ढंका काला कपड़ा हटा लिया अचानक हुई इस घटना से हतप्रभ मंत्री और समर्थक सकते में आ गए विवाद की स्थिति निर्मित हुई परंतु वरिष्ठ नेताओं की समझाइश पर लोग शांत हो गए।

इस घटना को लेकर पूरे दिन चर्चा चलती रही। बताया जाता है कि कुछ समितियों के पदाधिकारियों द्वारा कम चंदा देने पर  रसीद भी वापस की गई है।

जायंट्स ग्रुप और धर्मसेना ने की निंदा
दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान हुई इस घटना की जांट्स गु्रप और गोलबाजार और धर्मसेना ने निंदा की है। जारी विज्ञप्ति में जाट्स ग्रुप, सर्व ब्राम्हण समाज एवं बंगला समाज के पदाधिकारियों ने संयुक्त बयान दिया है।

बयान में राजेश मिश्रा, अमित तिवारी, अरुणा दीक्षित, समेत अन्य लोगों ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व इस तरह की घटना कर अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। धार्मिक भावना को भड़का रहे हैं, राजनीतिक स्वार्थ के लिए इस तरह की घटना कर रहे हैं।

इन संगठनों ने ऐसे असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई करने की मांग की है ताकि शहर का सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहे।
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सूरज राजपूत Desk/Reporting
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