राजेंद्र तिवारी आत्मदाह : गवाहों ने लगाए आरोप, बाबुओं के जरिए रिश्वत लेते थे SDM

बिल्हा के पूर्व एसडीएम ने जमानत देने से इनकार करते हुए7 हजार रुपए रिश्वत लेकर सिर्फ 4 डिसमिल जमीन के पट्टे पर जमानत दिलवा दी...

By: सूरज राजपूत

Published: 17 Dec 2015, 10:27 AM IST

बिलासपुर. बिल्हा के पूर्व एसडीएम ने जमानत देने से इनकार करते हुए 10 एकड़ जमीन की पर्ची जमीन पर फेंक दी। जबकि बिसलेरी से गुड़ाखू करने वाले उनके बाबू ने साढ़े 7 हजार रुपए रिश्वत लेकर सिर्फ 4 डिसमिल जमीन के पट्टे पर जमानत दिलवा दी।

यह बातें जियाउद्दीन ने दंडाधिकारी जांच व सुनवाई में कही। बुधवार को बिल्हा के पूर्व युकां नेता राजेंद्र तिवारी आत्मदाह मामले में एडीएम जेपी मौर्य ने सुनवाई की। इस दौरान गवाहों ने पूर्व एसडीएम व उनके बाबू पर कई गंभीर आरोप लगाए।

गवाहों ने पूर्व एसडीएम अर्जुन सिंह सिसोदिया पर अपने अधिकार का दुरुपयोग कर मुंगेली जिले के नागरिकों को भी जबरदस्ती 107, 116 करने का प्रकरण बनाकर प्रताडि़त करने, बाबूओं के माध्यम से रकम की मांग करने, राजेंद्र तिवारी के जमानत आवेदन को फाड़कर फेंकने व गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आरोप लगाया।

सरगांव के 42 वर्षीय जियाउद्दीन पिता इमामुद्दीन ने बयान में कहा कि घटना के दो दिन पूर्व बिल्हा तहसील कार्यालय में उसकी भेंट राजेंद्र तिवारी से हुई थी।

राजेंद्र ने उसे बताया कि पूर्व एसडीएम अर्जुन सिंह सिसोदिया उसे प्रताडि़त कर रहे हैं। धारा 107,116 के प्रकरण में जमानत नहीं दे रहे हैं, जिससे वह परेशान है। जियाउद्दीन ने बताया कि वह मुंगेली जिले के पथरिया तहसील का रहने वाला है।

इसके बावजूद उसके खिलाफ भी बिल्हा के पूर्व एसडीएम ने 117,116 का प्रकरण बनाया। 28 मार्च को जब वह जमानतदार लेकर एसडीएम कोर्ट पहुंचा।

एसडीएम ने जमानत देने से इनकार करते हुए १० एकड़ भूखंड की पर्ची फेंक दी। देवांगन बाबू से संपर्क किया तो उसने पांच सौ रुपए मांगे।

बिसलेरी की बॉटल मंगवाई और उससे गुड़ाखू किया। इसके बाद उसने साढ़े 7 हजार रुपए का इंतजाम करने के लिए कहा। रकम देने पर एक सप्ताह बाद इसी मामले में महज 4 डिसमिल जमीन की पर्ची पर बाबू ने जमानत दिलवा दी।

एसडीएम के खिलाफ गवाही दे रहा है,जेल भेज दो!
जियाउद्दीन ने बताया कि पथरिया एसडीएम कार्यालय से उसे हाल ही में धारा 110 के तहत नोटिस मिला। जब वह जमानतदार लेकर पहुंचा तो पथरिया एसडीएम टंडन ने उससे पूछा कि और कहां मामला चल रहा है। उसने जवाब दिया कि मामला नहीं चल रहा है, लेकिन वह राजेंद्र तिवारी मामले में गवाह है। तब एसडीएम टंडन भड़क गए।

उन्होंने जमानत देने के बजाए बाबू को जेल वारंट बनाने के निर्देश दे दिए। उन्होंने आक्रोश जताते हुए कहा कि हमारे परिवार के खिलाफ बयान देगा? मैंने 10 मिनट का समय मांगा तो उन्होंने पूछा-कहां जाएगा। मैंने पेट्रोल लाकर आत्मदाह करने की बात कही, तब एसडीएम ने मेरी जमानत मंजूर की।

झूठ बोलते हैं सिसोदिया
धर्मेंद्र ने पूर्व एसडीएम अर्जुन सिंह सिसोदिया द्वारा बार-बार राजेंद्र तिवारी को न पहचाने के बयान पर कहा कि वे झूठ बोलते हैं।

वह राजेंद्र तिवारी और विजय मनहर की जमानत लेने के लिए खुद 15 तारीख को एसडीएम न्यायालय में गया था। उनकी जमानत के लिए शपथ पत्र भरकर यादव बाबू के समक्ष प्रस्तुत किया था।

पूर्व एसडीएम ने विजय मनहर को तो जमानत दे दी, लेकिन राजेंद्र की अर्जी फाड़कर फेंक दी थी। यादव बाबू को राजेंद्र के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने के लिए कहा था। धर्मेंद्र ने बताया कि आर्डरशीट पर राजेंद्र और विजय
मनहर के हस्ताक्षर हैं। इसके अवलोकन से सच्चाई सामने आ जाएगी।
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सूरज राजपूत Desk/Reporting
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