फर्जीवाड़ा : कंपनी ने एलईडी बल्ब दिया नहीं और वसूलने लगी रकम

Amil Shrivas

Publish: Sep, 17 2017 11:40:25 (IST)

Bilaspur, Chhattisgarh, India
फर्जीवाड़ा : कंपनी ने एलईडी बल्ब दिया नहीं और वसूलने लगी रकम

बल्ब बांटने वाली कंपनी के वेंडरों ने किया फर्जीवाड़ा, सैकड़ों उपभोक्ताओं के बिजली बिल में जोड़ी दी गई किस्त की रकम

बिलासपुर. उज्ज्वला योजना के तहत एलईडी बल्ब के वितरण में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। बल्ब बांटने वाली कंपनी के वेंडरों ने बिना बल्ब दिए सैकड़ों उपभोक्ताओं के खाते में 5-5 बल्ब खरीदना दर्शा दिया है। अब विद्युत वितरण विभाग इसकी वसूली के लिए अतिरिक्त रकम जोड़कर बिजली बिल भेज रहा है। गड़बड़ी का खुलासा तब हुआ, जब इससे परेशान उपभोक्ता बिल और शिकायतें लेकर विद्युत कार्यालय पहुंचे। यदुनंदन नगर (तिफरा) के एलआईजी-67 में रहने वाले अशोक कुमार सिरभाते को जुलाई का बिल मिला। उन्होंने अतिरिक्त के कॉलम में 53.34 रुपए दर्ज पाया। वे बिजली बिल लेकर तिफरा वितरण केंद्र गए और पूछताछ की। उन्हें बताया गया कि उनके एकाउंट में 5 एलईडी बल्ब की खरीदी हुई है, जिसकी राशि किस्तों में ली जाएगी। यह पहली किस्त है। अशोक कुमार ने विभाग को जानकारी दी कि उन्होंने तो बल्ब खरीदा ही नहीं है। आम उपभोक्ता नहीं, बल्कि विद्युत कंपनी के कुछ कर्मचारी भी इस फर्जीवाड़े के शिकार हुए। मस्तूरी विद्युत वितरण केंद्र के क्लके भीखम प्रसाद तिवारी के बिजली बिल में भी 5 एलईडी बल्ब की किस्त जोड़ दी गई। उन्होंने भी तिफरा वितरण केंद्र में शिकायत की है। ऐसा एक-दो नहीं, बल्कि सैकड़ों उपभोक्ताओं के साथ हुआ। नेहरू नगर सब स्टेशन में ऐसे 10 मामले सामने आ चुके। कंपनी के सीनियर इंजीनियर ने इस गड़बड़ी को स्वीकार भी किया।

 

फर्जीवाड़ा को समझिए ; बिजली की खपत कम करने के लिए उज्जवला योजना के तहत हरेक उपभोक्ता को अधिकतम 5 बल्ब लेने का अधिकार है। नगद लेने पर एक बल्ब की कीमत 85 रुपए है, जबकि किस्त में लेने पर 90 रुपए। किस्त में खरीदी के लिए डाउन पेमेंट के तौर पर प्रति बल्ब 10 रुपए तत्काल जमा करना पड़ता है। शेष राशि 10-10 रुपए के मान से महीने के बिजली बिल में जोड़कर भेजी जानी है। समझिए कि आपने 5 बल्ब लिए तो आपको मौके पर 50 रुपए देने होंगे। इसके आगे अगले 8 महीने तक 50-50 रुपए आपके बिजली बिल में जुड़कर आएगा।

बिल को जांचिए: आपके मकान, दुकान में बिजली का कनेक्शन है, और बिजली बिल आ रहा है तो इसकी जांच करिए। देखिए कि बिल के 44 नंबर कॉलम में अतिरिक्त लिखकर कुछ राशि जोड़ी तो नहीं गई है। यदि अतिरिक्त राशि दर्ज है, और आपने विद्युत कंपनी से कोई एलईडी बल्ब नहीं लिया है, तो समझिए कि आप भी फर्जीवाड़े के शिकार हो चुके हैं।

रकम वापस कराएंगे- प्रवीण सोनी
बिजली विभाग एलईडी बल्ब का वितरण केंद्रीय उर्जा मंत्रालय के आधीन की कंपनी ईईएफएल के जरिए करा रहा है। कंपनी के सीनियर इंजीनियर प्रवीण सोनी ने स्वीकार किया कि इस तरह की गड़बड़ी सामने आई है। गड़बड़ी कैसे हुई यह जांच का विषय है। यदि किसी उपभोक्ता के बिल में बिना बल्ब खरीदी के राशि जुड़ी है तो संबंधित वितरण केंद्र के बल्ब काउंटर पर शिकायत दर्ज कराएं। राशि लौटा दी जाएगी।

बिला एलईडी लिए बिजली बिल में किस्त की वसूली करने की शिकायत मेरे पास नहीं आई है। वैसे एलईडी से संबंध सारी जिम्मेदारी कंपनी की है। इस बारे में अफसरों से जानकारी ली जाएगी।
पीके कश्यप, अधीक्षण यंत्री, (ग्रामीण) बिजली विभाग

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