आजादी से अब तक परमानेंट कांग्रेस सीट को जीतने के लिए भाजपा इस बार खेल सकती है बड़ा दांव

आजादी से अब तक परमानेंट कांग्रेस सीट को जीतने के लिए भाजपा इस बार खेल सकती है बड़ा दांव

Amil Shrivas | Publish: Sep, 08 2018 02:00:57 PM (IST) Bilaspur, Chhattisgarh, India

पार्टी के अंदरखाने में चर्चा गर्म, खुफिया विभाग और पार्टी तथा संघ के सर्वे पर तय की जा रही रणनीति

बिलासपुर. आजादी के बाद से कोटा विधानसभा कांग्रेस की परमानेंट सीट रही है। यहां से हर बार भाजपा को शिकस्त ही मिली। अबकी बार भाजपा किसी भी कीमत पर यह सीट अपने नाम करना चाहती है। इसके लिए कई तरह से रणनीति बनाते हुए विचार-विमर्श किया जा रहा है।

खबर है कि यह सीट जीतने के लिए भाजपा इस बार सांसद लखन लाल साहू को मैदान में उतार सकती है। विधानसभा चुनाव में आजादी के बाद से कांग्रेस का गढ़ माने जाने वाले कोटा विधानसभा क्षेत्र से इस बार भाजपा मजबूत प्रत्याशी उतारने की रणनीति तय कर रही है। पहले चरण के सर्वे के बाद बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद लखनलाल साहू को यहां से मजबूत प्रत्याशी माना जा रहा है। भाजपा का मानना है कि जब लखनलाल साहू पूरे लोकसभा क्षेत्र से विजय हासिल कर सकते हैं, तो कोटा में भी उन पर दांव खेला जा सकता है। बताया जाता है कि कोटा से पूर्व में विधायक रेणु जोगी के खिलाफ भाजपा से प्रत्याशी रहे काशी साहू, शिव मोहन बघेल और रतनपुर के डॉ. सुनील जायसवाल का नाम चर्चा में है। लेकिन सांसद लखनलाल साहू पर विचार विमर्श ज्यादा किया जा रहा है। इसके अलावा पार्टी उनकी जगह छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष भपूेंद्र सवन्नी पर भी दांव लगा सकती है।

बिल्हा से कौशिक हो सकते हैं प्रत्याशी
बिल्हा से प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक या उनके पुत्र देवेंद्र कौशिक को उम्मीदवार बनाया जा सकता है। वहीं बेलतरा विधानसभा क्षेत्र से विधानसभा उपाध्यक्ष के पुत्र जिला मंत्री विजयधर दीवान के अलावा जिलाध्यक्ष रजनीश सिंह और किसान नेता द्वारिकेश पाण्डेय का नाम रतनपुर लखनी देवी मंदिर के पूर्व पदाधिकारी और भाजपा नेता भूपचंद शुक्ला का नाम भी चल रहा है।

सर्वे रिपोर्ट पर किया जा रहा गौर
बताया जाता है कि भाजपा आईबी, एलआईबी, पार्टी व आरएसएस द्वारा कराए गए सर्वे पर खास ध्यान दे रही है। जातिगत समीकरण के आधार पर जो सूची तय की गई है। उसके मुताबिक फिलहाल उक्त विधानसभा क्षेत्रों से इन्हीं नामों को रखा गया है।

कोटा में तीन चुनावों में रहा कांग्रेस का जनाधार सन् कांग्रेस भाजपा जीते
2006 रेणु जोगी भूपेंद्र सिंह रेणु 25000 से अधिक मतों से विजयी
2008 रेणु जोगी मूलचंद खंडेलवाल रेणु करीब 7000 वोटों से जीत गईं
2013 रेणु जोगी काशीराम साहू रेणु करीब 4700 वोटों से जीतीं

आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है कोटा
कोटा विधानसभा क्षेत्र में करीब 2 लाख 13 हजार मतदाता हैं। जातिगत समीकरण के हिसाब से यह आदिवासी बाहुल्य इलाका है जहां कांग्रेस के वोटरों और समर्थकों की संख्या अधिक है।

तखतपुर में हो सकता है बदलाव
वहीं तखतपुर विधानसभा क्षेत्र से वर्तमान विधायक और संसदीय सचिव की जगह राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष हर्षिता पाण्डेय का नाम चल रहा है।

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