बोर्ड ने खत्म की पत्राचार परीक्षा, प्राइवेट पढ़ाई की व्यवस्था रहेगी लागू

 छत्तीसगढ़ माध्यमिक परीक्षा बोर्ड अब पत्राचार पाठ्यक्रम की परीक्षा नहीं लेगा। बोर्ड ने यह व्यवस्था समाप्त कर दी है।

Kajal Kiran Kashyap

August, 2110:16 AM

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ माध्यमिक परीक्षा बोर्ड अब पत्राचार पाठ्यक्रम की परीक्षा नहीं लेगा। बोर्ड ने यह व्यवस्था समाप्त कर दी है। इसके बदले में विद्यार्थियों को प्राइवेट  (स्वाध्यायी) परीक्षार्थी के रूप में परीक्षा में शामिल होना होगा। इसके लिए आवेदन फार्म जिले की सभी अग्रेषण संस्थाओं को भेज दिए गए हैं। प्राइवेट परीक्षा के आवेदन फार्म जमा करने की अंतिम तिथि 30 अगस्त निर्धारित की गई है।

बोर्ड ने इस बार से पांचवीं कक्षा से सीधे दसवीं और आठवीं से सीधे बारहवीं कक्षा की परीक्षा देने वाली पत्राचार की व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर दी है। अब दसवीं की परीक्षा देने के लिए आठवीं उत्तीर्ण होना जरूरी है। पहले पांचवीं पास व्यक्ति भी सीधे पत्राचार से दसवीं की परीक्षा में शामिल हो सकता था।  अब 2015 या उससे पहले जो आठवीं पास है, वह 10वीं और 2015 या उससे पहले जो 10वीं पास है वह 12वीं की परीक्षा के लिए आवेदन कर सकता है। प्राइवेट परीक्षार्थियों का सिलेबस नियमित की तरह होगा, उनके लिए अलग से पाठ्यक्रम नहीं है। जबकि पहले पत्राचार में अलग सिलेबस के साथ ही परीक्षार्थियों को बोर्ड द्वारा परीक्षा की तैयारी के लिए किताबें दी जाती थीं।

इसलिए खत्म किया पत्राचार
जानकारों की मानें तो पत्राचार परीक्षा व्यवस्था खत्म करने के पीछे बोर्ड का मुख्य उद्देश्य परीक्षार्थियों की योग्यता को बढ़ाना और किताबों की झंझट को खत्म करना है। पहले बोर्ड परीक्षार्थियों से किताबों का शुल्क तो ले लेता था, लेकिन उन्हें समय पर परीक्षार्थियों तक नहीं पहुंचा पाता था। वहीं दूसरी ओर पत्राचार परीक्षा में लगने वाले समय की भी बचत होगी। वहीं दूसरी ओर पत्राचार के परीक्षार्थियों की भी संख्या धीरे-धीरे कम हो रही थी।

परीक्षा फीस भी हुई कम
प्राइवेट परीक्षार्थियों की फीस में भी कमी की गई है। पहले पत्राचार में आवेदकों से परीक्षा शुल्क के साथ ही बुक्स के एवज में एक हजार रुपए से अधिक फीस ली जाती थी, लेकिन अब पूरी परीक्षा के लिए केवल 800 रुपए ही लिए जाएंगे। मल्टीपरपज स्कूल के प्राचार्य डॉ. राजेंद्र कुमार गौरहा ने बताया कि आवेदन के लिए परीक्षार्थियों को 10वीं के लिए 8वीं और 12वीं के लिए 10वीं पास की अंकसूची लगानी होगी। वहीं दूसरे बोर्ड के आवेदकों को माइग्रेशन के साथ ही 200 रुपए ग्राहता शुल्क लगेगा। परीक्षा के आवेदन शहर के मल्टीपरपज, एमएलबी, कन्या सरकण्डा और राजेंद्र नगर स्कूल सहित जिले के सभी विकासखण्ड मुख्यालय की अग्रेषण संस्थाओं में पहुंचाए जा चुके हैं, जहां से परीक्षार्थी बगैर विलंब शुल्क के 30 अगस्त तक आवेदन कर सकते हैं। सितंबर से 500 रुपए विलंब शुल्क देना होगा।

अवसर परीक्षा के फॉर्म आए
बोर्ड द्वारा अनुत्र्तीण परीक्षार्थियों के लिए दिए जाने वाले अवसर परीक्षा के फार्म भी आ चुके हैं, जो 30 अगस्त तक बगैर विलंब शुल्क के भरे जाएंगे। परीक्षा फार्म को बोर्ड ने अपनी वेबसाइट पर भी अपलोड कर दिया है, जहां से डाउनलोड कर परीक्षा अपने परीक्षा केंद्र में जमा कर सकते हैं। अवसर परीक्षा की शुल्क 450 रुपए से शुरू है, जो विषय की संख्या पर आधारित है।
  • बोर्ड ने इस वर्ष से पत्राचार की परीक्षा समाप्त कर दी है। अब परीक्षार्थी प्राइवेट (स्वाध्यायी) परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। प्राइवेट परीक्षा के लिए आवेदन भरे जा रहे हैं - बीआर चौधरी, संभागीय बोर्ड कार्यालय बिलासपुर
Kajal Kiran Kashyap Reporting
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