इस मूकबधिर को हाई कोर्ट ने सुनाई 7 साल की सजा, कहा अपराध ऐसा किया है की सजा ज़रूर होगी

इस मूकबधिर को हाई कोर्ट ने सुनाई 7 साल की सजा, कहा अपराध ऐसा किया है की सजा ज़रूर होगी

Saurabh Tiwari | Publish: Aug, 13 2019 10:20:51 AM (IST) Bilaspur, Bilaspur, Chhattisgarh, India

RAPE CASE: हाईकोर्ट ने मूक-बधिर के 7 वर्ष की सजा पर लगाई मुहर

बिलासपुर. हाईकोर्ट ने एससीएसटी प्रीवेंशन एक्ट के तहत मूक-बधिर को बलात्कार मामले में दी गई सजा की पुष्टि करते हुए 7 वर्ष की सजा बहाल रखी है। जस्टिस शरद कुमार गुप्ता की एकलपीठ ने बालोद जिले के एससीएसटी कोर्ट की स्पेशल जज द्वारा मूक-बधिर को दी गई सजा की पुष्टि के लिए लाए गए मामले पर निर्णय देते हुए आरोपी पर एक हजार का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड नहीं जमा करने पर दो माह की अतिरिक्त कैद रहेगी। उक्त मामला बालोद जिले का है। मोहनलाल देशमुख उर्फ कोंडा ने 31 जनवरी 2017 को जंगल में लकड़ी काट रही लड़की को अकेली पाकर उसके साथ बलात्कार किया।

लड़की ने इस मामले की सूचना अपनी मां व पड़ोसियों को दी। मामले की शिकायत थाने में दर्ज कराई गई। प्रकरण की सुनवाई के बाद ट्रायल कोर्ट द्वारा एससीएसटी एक्ट की धारा 376 (1) के तहत आरोपी को सात वर्ष की सजा सुनाई गई। आरोपी के मूक- बधिर होने के कारण सजा की पुुष्टि के लिए मामला हाईकोर्ट में आया। हाईकोर्ट ने अधिवक्ता सरफराज खान को न्यायमित्र नियुक्त कर प्रकरण के संबंध में रिपोर्ट देने को कहा। न्यायमित्र ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि आरोपी समझदार है सिर्फ बोल व सुन नहीं सकता। जस्टिस गुप्ता ने समान प्रकरण में बांबे हाईकोर्ट द्वारा दिए निर्णय का हवाला देते हुए आरोपी की 7 वर्ष की सजा पर मुहर लगाते हुए याचिका निराकृत कर दी।

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