छत्तीसगढ़ इम्पैक्ट : शहर में बन रहे सड़क, युवा बना रहे रेस ट्रैक

Amil Shrivas

Publish: Jan, 14 2018 03:41:33 (IST)

Bilaspur, Chhattisgarh, India
छत्तीसगढ़ इम्पैक्ट : शहर में बन रहे सड़क, युवा बना रहे रेस ट्रैक

शहर में बढ़ती संख्या और बढ़ रहे गाडिय़ों के भीड़ के बीच एक्सीडेंट का खतरा बढ़ता जा रहा है।

बिलासपुर। शहर में बढ़ती संख्या और बढ़ रहे गाडिय़ों के भीड़ के बीच एक्सीडेंट का खतरा बढ़ता जा रहा है। जिसमें युवाओं द्वारा रेस ड्राइविंग और स्ट्रीट स्टंटिंग एक बड़ा कारण है। भीड़ के बीच से तेज़ रफ़्तार में चीरते हुए गाडी निकालना और सार्वजनिक जगहों पर स्टंटिंग करना, अलग से सायलेंसर लगवा कर फटाके फोडऩा और हल्ला करना आम हो गया है। ना ही इसके कारण आयेदिन दुर्घटना हो रहे, जिससे ना ही सिर्फ वाहन चालाक बल्कि रस्ते में आम लोग भी दुर्घटना की चपेट में आ रहे हैं। रात में भी इंसान चैन से सोने में सक्षम नहीं है, कहीं न कहीं से फर्राटेदार गाडिय़ों की गूँज कानों को चुभती है।

शहर के सबसे प्रख्यात स्थल रिवर व्यू रोड का हाल जानें तो हैकर शाम युवा बाइकर्स तेज़ी से गाडी भगाते हुए निकलते हैं। रिवर व्यू एक सार्वजनिक जगह है जहाँ बच्चे से लेकर बड़े और परिवार सभी आते हैं और शान्ति का अनुभव करना चाहते हैं। पर बदले में यहाँ होने के कारण दुर्घटना से जान की हानि का खतरा लगातार बना होता है। भीड़ भाड़ और सार्वजनिक स्थल होने के बावजूद पुलिस और प्रशासन द्वारा यहाँ ख़ास इंतज़ाम नहीं किये गए हैं। जिससे की ऐसी असामाजिक गतिविधियां सार्वजनिक जगहों पर दिन प्रतिदिन बढ़ रही हैं।

इस तरह की ड्राइविंग से ना ही ऐसे चालाक बल्कि सड़क पर दूसरे गाड़ी वाले भी इनके साथ दुर्घटना के चपेट में आ जाते हैं। चंद पल के जोश और उत्साह से अपना सय्यम खोकर युवा चालक बिना सोचे समझे गाडी दौड़ाते हैं जिससे की हमेशा के लिए एक दुखद घटना होने की संभावना लगातार बनी रहती है।

क्या है रैश ड्राइविंग ? - आम सडकों पर तेज़ रफ़्तार से गाडी चलाना, भीड़ के बीच में से तेज़ी से निकालना, असावधानी पूर्वक चलाना, कहीं भी अचानक से बिना आगे पीछे देखे या सोचे समझे गाडी का अगला या पिछले पहिया उठाना, टायर स्किड करना सभी रैश ड्राइविंग और स्टंटिंग की श्रेणी में आते हैं।

ये हैं युवाओं के ख़ास जोन - शहर के भीतर मुख्यत रिवर व्यू रोड, रिंग रोड, श्रीकांत विवर्मा मार्ग और सभी नए बन रहे अच्छे सड़क ऐसे बाइकर्स के स्पॉट हक़ीन जहाँ ये मनमाने तरीके से गाडी चलाते हैं। शहर के बाहर चकरभाटा एयरपोर्ट के आस पास का इलाका इनका अड्डा बन चूका है। यहाँ आमतौर पर सुबह या दोपहर के वक्त बाइकर्स स्टंटिंग करते दिखाई देते हैं।

आम नागरिक की व्यथा - यह बिलकुल भी सही नहीं है, रिवर व्यू एक पब्लिक प्लेस है। यहाँ हमेशा भीड़ होती है, परिवार वाले भी आते हैं। ऐसे गतिविधियों से दुर्घटना होने का दर हर वक्त बना रहता है। जिस तरीके से गाडिय़ां तेज़ी से निकलती हैं, सड़क किनारे चलने में भी डर लगता है। ऐसी जगहों पर पुलिस और प्रशासन को ख़ास ध्यान देना चाहिए, एक दो पुलिसकर्मी शाम के वक्त तो ज़रूर तैनात करने चाहिए। इससे ऐसी गतिविधियों को रोका जा सकता है और युवाओं पर नजऱ रखी जा सकती है।
- गगन दास, आम नागरिक

ट्रैफिक पुलिस, बिलासा शक्ति टीम और थाने की टीम इस पर लगी हुयी है। समय समय पर कार्यवाही की जा रही है और आगे और कार्यवाही करेंगे। इसके लिए हम बिलकुल प्रयास करेंगे की ऐसी गतिविधियों को रोका जा सके। हम ऐसे केस में अगर कोई पकड़ाता है तो सीधा कोर्ट चालान लगाते हैं, दो से ढाई हज़ार तक का फाइन इनसे लिया जाता है। इस पर ट्रैफिक पुलिस द्वारा आगे और भी अच्छे से कार्यवाही की जाएगी।
- बघेल, डीएसपी ट्रैफिक

ऐसे होते हैं गाडी मॉडिफाई - जादातर लोग गाडी में साइलेंसर लगवाते हैं अलग से। इससे चलने पर तेज़ आवाज़ निकलती है , यह बुलेट गाडी में जादातर लगते हैं। इसके अलावा पाट्र्स को मॉडिफाई करवाया जाता है। ऊपर से साउंड, लाइट, प्रोजेक्टर, एचआईडी लाइट लगवाते हैं। स्पीड और पिचकूप काम ज़ादा करने के लिए गाडी के चैन स्पॉकेट को बदला जाता है। इंजन में कोई छेडख़ानी नहीं की जाती। ये सब कराने से बिलकुल गाडी को नुक्सान होता है क्युकि कंपनी की फिटिंग अलग होती है।
- दीपक, दो चकिया मैकेनिक

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