ट्रैफिक पुलिस को मिला नया आदेश, अब अस्पताल, परीक्षा दिलाने या स्टेशन जाते वक्त नहीं करेंगे आपको परेशान

Traffic Rules in Chhattisgarh: विशेष पुलिस महानिदेशक यातायात ने अस्पताल, परीक्षार्थी आदि के खिलाफ चालानी कार्रवाई में सहानुभूति बरतने का दिया आदेश (motor vehicle act 2019)

By: Saurabh Tiwari

Published: 05 Sep 2019, 12:04 PM IST

बिलासपुर. (motor vehicle act 2019) आपात कालीन स्थिति में मरीज को अस्पताल ले जाने , परीक्षार्थियों के बाइक में परीक्षा दिलाने जाने और रेलवे स्टेशन व बस स्टैण्ड जाने वाले वाहन चालकों के खिलाफ चालानी कार्रवाई के दौरान सहानुभूति बरतें। मरीज के समय पर अस्पताल नहीं पहुंचने से अप्रिय घटना और परीक्षार्थी को परीक्षा से वंचित होना पड़ सकता है। उक्त आदेश प्रदेश के विशेष पुलिस महानिदेशक यातायात ने प्रदेश के सभी पुलिस अधीक्षकों को जारी कर आदेश का पालन करने की हिदायत दी है। (Traffic Rules in Chhattisgarh)

26 अगस्त को जारी कि गए आदेश में आरके विज ने कहा है कि आपात कालीन स्थिति में बीमार या घायल व्यक्ति को तत्काल अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस नहीं मिल पाती। ऐसी स्थिति में परिजन कार टैक्स व ऑटो रिक्शा से मरीज व घायलों को अस्पताल पहुंचाते हैं। कई बार पुलिस ऐसे ही वाहनों को रुकवाकर चालानी कार्रवाई करती है, जिससे मरीज व परिजनों को विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। समय पर मरीज या घायल के अस्पताल नहीं पहुंचने अप्रिय घटना घट सकती है। इसी प्रकार पर परीक्षार्थी व यात्री बस स्टैण्ड व रेलवे स्टेशन जाने के लिए कार टैक्सी व सवारी ऑटो का उपयोग करते हैं।

चेकिंग के दौरान यह बात भी सामने आई है कि ट्रैफिक पुलिस की चालानी कार्रवाई के कारण लोगों को घंटों तक परेशान होना पड़ता है, जिससे यात्रियों को यात्रा व परीक्षार्थियों को परीक्षा से वंचित होना पड़ सकता है। चालानी कार्रवाई के दौरान ऐसे वाहन में आने जाने वालों सेकार्रवाई के दौरान सहानूभूति बरतने की जरूरत है।

चालान वसूलना नहीं आम लोगों को सहयोग करना ही है पुलिस का लक्ष्य
विशेष पुलिस महानिदेशक ने आदेश में कहा है कि ट्रैफिक पुलिस का काम सिर्फ चालानी कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि उनका लक्ष्य राहगीरों और लोगों को असुविधा से बचाते हुए सहयोग करने की जरूरत है। ताकि जनता और पुलिस के बीच विश्वसनीयता बने। चालान काटकर राजस्व बढ़ाने की अपेक्षा जीवन के उपयोगी समय का सदुपयोग करने निकलने वालों का सहयोग करना जरूरी है।

लगातार शिकायतों के बाद जारी किया आदेश
मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए कई बार परिजन बाइक से निकलते हैं। साथ ही परीक्षार्थी भी कई बार चालानी कार्रवाई के फेर में फंस जाते हैं, जिससे निर्धारित समय पर परीक्षा केन्द्र नहीं पहुंचने से उन्हें विपरीत परिस्थिति का सामना करना पड़ता है। इसका सारा दोष वे पुलिस पर मढ़ते हैं। ट्रैफिक पुलिस की लगातार शिकायतें मिलने पर ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान जांच कर सहानुभूति बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

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