एजेंटों ने हाईकोर्ट में लगाई याचिका, कहा-चिटफंड घोटाले में सीएम, मंत्री व कई अफसर शामिल

Amil Shrivas

Publish: Dec, 08 2017 11:24:52 (IST)

Bilaspur, Chhattisgarh, India
एजेंटों ने हाईकोर्ट में लगाई याचिका, कहा-चिटफंड घोटाले में सीएम, मंत्री व कई अफसर शामिल

चिटफंड कंपनियों के प्रमोशनल इवेंट्स में राज्य के सीएम उनकी पत्नी समेत कई मंत्री, आईएएस, आईपीएस और कई वरिष्ठ नौकरशाह शामिल हुए थे।

बिलासपुर . हजारों करोड़ रुपए के चिटफंड घोटाले के तार राज्य के सीएम, मंत्रियों एवं कई वरिष्ठ नौकरशाहों से जुड़ते नजर आ रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई या किसी अन्य उच्च स्तरीय एजेंसी से इसकी जांच कराने की मांग की गई है। चिटफंड कंपनियों के करीब २ हजार एजेंटों द्वारा इस आशय की याचिका हाईकोर्ट में दायर की गई है। जस्टिस गौतम भादुड़ी की एकलपीठ ने तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए गुरुवार को सुनवाई से इनकार कर दिया। मामले की सुनवाई अब किसी अन्य बेंच में होगी। इस मामले में 5 नवंबर को याचिका दायर की गई थी। इसमें मांग की गई थी, कि चिटफंड कंपनियों के प्रमोशनल इवेंट्स में राज्य के सीएम उनकी पत्नी समेत कई मंत्री, आईएएस, आईपीएस और कई वरिष्ठ नौकरशाह शामिल हुए थे। इनके प्रमोशन का ही परिणाम था कि लोगों का विश्वास इन कंपनियों पर बढ़ा, जिसके कारण हजारों लोगों ने अपनी एफडी तुड़वाकर गाढ़े पसीने की कमाई इन कंपनियों में निवेश कर दी। चिटफंड कंपनियां करीब 30 हजार करोड़ रुपए लेकर राज्य से चंपत हो गईं। इस मामले में इन मंत्रियों एवं वरिष्ष्ठ अधिकारियों को पार्टी बनाकर मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।

एजेंट कर रहे आत्महत्या सुसाइड नोट गायब : याचिका में ये आरोप भी लगाया गया है कि सरकार और पुलिस के आला अधिकारी चिटफंड कंपनी के निदेशकों एवं मालिकों को छोड़कर एजेंटों की धरपकड़ कर कार्रवाई का दिखावा कर रहे हैं। पुलिस के खौफ के कारण कई एजेंट आत्महत्या कर चुके हैं। परिजनों ने पुलिस पर सुसाइड नोट गायब करने का आरोप भी लगाया है।
याचिका में इन्हें प्रतिवादी बनाने की मांग : याचिका में डॉ. रमन सिंह , सीएम, वीणा सिंह, किरणमयी नायक, बृजमोहन अग्रवाल , कुलदीप जुनेजा, रमेश बैस, धरम लाल कौशिक, रामविचार नेताम, संजय श्रीवास्तव, श्रीचंद सुंदरानी, नारायण सिंह चंदेल, जय प्रकाश कश्यप, बीआर ठाकुर, अंबलगन पी, ओपी चौधरी, रीना बाबा कंगाले, आरआर ठाकुर, सौम्या चौरसिया, तारथ राज अग्रवाल, मधुसुदन यादव, नरेश डकालिया, अभिषेक सिंह, रामसेवक पैकरा, आर संगीता, राम सिंह ठाकुर, राजपाल सिंह त्यागी एवं अलरमेल मंगल डी को प्रतिवादी बनाने की मांग की गई है।
पुलिस ने बड़े लोगों को छोड़ा, छोटों पर कार्रवाई : याचिका में एजेंटों की ओर से शपथपत्र देते हुए कहा गया है कि कंपनी के मालिकों समेत संरक्षण देने वालों के खिलाफ सीबीआई या अन्य उच्च स्तरीय एजेंसी से मामले की जांच कराई जाए।

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