सीजेएम ने खात्मा रिपोर्ट निरस्त कर जांच प्रतिवेदन पेश करने कहा, अभियोजन ने सेसन कोर्ट में दी चुनौती

सीजेएम ने खात्मा रिपोर्ट निरस्त कर जांच प्रतिवेदन पेश करने कहा, अभियोजन ने सेसन कोर्ट में दी चुनौती
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Kajal Kiran Kashyap | Updated: 16 Jun 2017, 11:36:00 PM (IST) bilaspur

अधिवक्ता का अपहरण व जानलेवा हमला करने का मामला

बिलासपुर. एक अधिवक्ता के अपहरण व उस पर जानलेवा हमला के मामले में सरकंडा पुलिस ने खात्मा रिपोर्ट कर दिया था। इसे सीजेएम कोर्ट ने खारिज करते हुए जांच करके प्रतिवेदन पेश करने के लिए कहा।

अभियोजन ने इस आदेश को चुनौती देते हुए मामले का खात्मा कराने के लिए दंड प्रक्रिया संहिता 397 के तहत सेसन कोर्ट में रिवीजन के लिए अपील की है। संभवत: जिला कोर्ट में यह पहला मामला है, जब अभियोजन की तरफ इस तरह के मामले में अपील की गई।

इससे पहले अभियोजन पक्ष खात्मा रिपोर्ट जरूर पेश करता रहा, लेकिन यदि कोर्ट ने इसे खारिज कर जांच प्रतिवेदन मांगा, तो अभियोजन इस आदेश का परिपालन करते हुए देर सबेर जांच रिपोर्ट पेश करता रहा है।

जानकारी के अनुसार, सरकंडा निवासी व अधिवक्ता तुलाराम पटेल का सरकंडा खमतराई निवासी व स्वास्थ्य विभाग के कर्मचरी ज्ञानचंद पाठक, सरकंडा निवासी बुद्धेश्वर नायक, गिरीश शर्मा, सीताकांत तिवारी व अंबिका प्रसाद तिवारी से चारसौबी के प्रकरण व मारपीट के पुराने प्रकरण को लेकर विवाद चला रहा था। तुलाराम पर पांचों ने पुराने प्रकरण में समझौता कराने के लिए दबाव बनाया था, लेकिन तुलाराम राजी नहीं थे।

पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक 12 अप्रैल 2015 को सीपत चौक से तुलाराम का पांचों ने अपहरण कर लिया। उन्हें बोलेरे में भरकर कोनी क्षेत्र के सुनसान इलाके में ले गए। वहां अधिवक्ता पर कोरे कागज व अन्य दस्तावेजों में हस्ताक्षर करने के लिए दबाव बनाया। मना करने पर आरोपियों ने तुलाराम को कीटनाशक पिलाने के बाद उसके पेट में धारदार हथियार से हमला कर दिया। आरोपियों के चंगुल से भागकर तुलाराम कोनी थाने पहुंचे, घटना की जानकारी पुलिस कर्मियों को दी थी।

तुलाराम का सिम्स और अपोलो अस्पताल में कई दिनों तक इलाज चलता रहा। सरकंडा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भादवि की धारा 364, 307, 328, 34 के तहत अपराध दर्ज किया था। सरकंडा पुलिस ने तुलाराम को आई चोटों को रायपुर मेकाहारा के डॉक्टर से क्यूरी कराकर चोट को तुलाराम द्वारा खुद को चोटिल करने का बताते हुए सीजेएम न्यायालय में खात्मा रिपोर्ट प्रस्तुत कर दिया। न्यायालय ने 17 अपै्रल को खात्मा रिपोर्ट अस्वीकार करते हुए एसपी को मामले की जांच कराने के निर्देश दिए थे।

पहली बार अभियोजन ने की खात्मा रिपोर्ट की वकालत : कानूनी मामले से जुड़े जानकार बताते हैं कि यहां जिला कोर्ट में ऐसा पहली बार हुआ है, जब अभियोजन ने कोर्ट द्वारा खात्मा रिपोर्ट को अस्वीकार करने के आदेश के विरूद्ध सत्र न्यायालय में रिवीजन के लिए अपील की है। इस रिवीजन अपील में अभियोजन का तर्क है कि सीजेएम कोर्ट में विधि और तथ्यों पर सही मूल्यांकन नहीं किया गया। मेडिको लीगल एक्सपर्ट डॉ. विकास कुमार धु्रव की रिपोर्ट को गंभीरता से नहीं परखा गया, जिसमें शिकायकर्ता पर सेल्फ इनफिलक्टेड होने की बात कही गई है।

अपील अभियोजन ने किया, नकल आरोपियों ने निकलवाई: सेसन कोर्ट में रिवीजन की अपील अभियोजन द्वारा की गई है। जबकि इसके लिए सीजेएम के आदेश की नकल आरोपी एपी तिवारी द्वारा 2 जून को प्रतिलिपी शाखा से निकाली गई है। अभियोजन ने अपील में स्वयं आदेश की नकल नहीं निकाली। जबकि अभियोजन इस तरह की अपील के लिए अभियोजन स्वयं आदेश की नकल लेता है।

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