गर्मी में यदि गला तर करने की सोच रहे हो इनसे करें परहेज, कहीं बीमार न कर दें ये फ़ौरन राहत देने वाले तरल व ठंडे पदार्थ

मौसम: आईस्क्रीम, गन्ने के जूस में रहती है शुगर की मात्रा इसलिए नियमित न करें उपयोग

By: Amil Shrivas

Updated: 29 Mar 2019, 04:42 PM IST

मुरारी सोनी/बिलासपुर. गर्मी आते ही शहर में ठंडे पेय पदार्थों की बिक्री भी बढऩे लगी है। गला तर करने के लिए लोग गन्ने का जूस, आइसक्रीम, कुल्फी का जमकर इस्तेमाल कर रहें हैं। विशेषज्ञ इन तरल पदार्थों को बेहद सावधानी पूर्वक लेने की सलाह दे रहे हैं। बताते हैं कि कोलडिं्रक्स, आईसक्रीम जैसे पेय फौरी राहत तो देते हैं लेकिन इनमें सुगर होती है जो शरीर में पानी की मात्रा मेंटेन करने की बजाय और कम कर देते हंै। इससे मौसमी बीमारियों का खतरा दोगुना हो जाता है।

गर्मी में लोगों को आवश्यकता है कि वयस्क व्यक्ति प्रतिदिन 3 से 5 लीटर पानी पिए, बच्चों को कम से कम 3 लीटर पानी दिया जाए। इसके अलावा यदि घर से बाहर निकलते हो और पसीना ज्यादा आ रहा है तो पानी की मात्रा शरीर में बनी रहनी चाहिए। ऐसे मौसम में पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है, इसका भी ख्याल रखना चाहिए, कोई भी ऐसी तली-भुनी या मसाले वाली सामग्री न खाई जाए जिसे पचाने में कठिनाई हो। हल्का खाना और शरबत, सिकंजी और नीबू पानी सेहत के लिए लाभकारी हो सकता है।

गर्मी में ये बीमारियां हो सकती हैं
* पानी निकले और पानी की कमी से डिहाईड्रेशन का खतरा
* पानी की कमी से यूरिन इंफैक्शन का खतरा रहता है।
* शरीर का एमबीआर कम हो जाता है, यानि पाचन प्रक्रिया कमजोर हो जाती है।
* चक्कर आना, बीपी लो होना, त्वचा सूखना, बुखार आ जाना।

फौरी राहत देने वाले इन तरल पदार्थों से बचें
* आईस्क्रीम रेगुलर न खाएं, ये शरीर में पानी की मात्र कम करती है।
* कोल्ड डिं्रक्स भी नियमित न लें, इसमें शुगर होता है जो पानी सोखता है।
* गन्ने का जूस संतुलित मात्रा में लें, जहां तक हो सके सुगर वाले पदार्थों से बचें।
* गर्मी में चाय का परहेज करें, ये भी पानी की कमी को बढ़ाती है।
* तले-भुने खाने से बचें ।

इनका करें प्रयोग तो मेंटेन रहेगी पानी की मात्रा
* सोडियम-पोटेशियम की कमी दूर करने ग्लूकोज के साथ इलेक्ट्राल का इस्तेमाल करें।
* बेल का शरबत ले सकते हैं।
* नारियल पानी भी सेहत के लिए फायदेमंद होगा।
* दिन में छांछ भी शरीर में पानी की कमी को दूर करने में सहायक होगी।
* नीबू पानी शिकंजी जैसे तरल पदार्थ लें।
* तरबूज-खरबूजा, खीरा-ककड़ी भी पानी की मात्रा को मेंटेन करने में सहायक होते हैं।
* वयस्क 3 से 5 लीटर पानी और बच्चे कम से कम 3 लीटर पानी दिन में पिएं।

गर्मी में सोडियम-पोटेशियम पसीने के रूप में निकल जाता है, आवश्यकता होती है कि शरीर में ये तत्व पर्याप्त मात्रा में बने रहें, शरीर की नमी बनी रहे। यदि कोई बीमार पड़ता है तो वह डॉक्टर्स की सलाह पर डायटीशियन से मदद लें। लोग गर्मी में जंक फूड से परहेज करें और शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखने वाले मौसमी फल व बेल का शरबत, नारियल पानी का इस्तेमाल करें। ग्लूकोज के साथ में इलेक्ट्राल का इस्तेमाल करें ताकि पसीने में निकलने वाले महत्वपूर्ण तत्वों की भरपाई हो सके।
शशिकिरण साहू्र, डायटीशियन

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