दीपोत्सव पर दो घंटे पटाखे फोड़ने जिला प्रशासन की अपील, पटाखा विक्रेताओं से भी नियमों का पालन करने का

जिला प्रशाासन ने लोगों से अपील की है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के नियमों का पालन करें। अपील में कहा गया है कि आतिशबाजी एवं पटाखे फोडऩे के कारण दुर्घटनाओं की प्रबल संभावना रहती है। साथ ही वायु प्रदूषण एवं ध्वनि प्रदूषण की गंभीर समस्या उत्पन्न होती है एवं वातावरण में वायु प्रदूषण स्तर में वृद्धि होती है।

By: Karunakant Chaubey

Published: 13 Nov 2020, 07:40 PM IST

बिलासपुर. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने जिन शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर अच्छा या संतोषप्रद अथवा मध्यम श्रेणी हो वहां केवल हरित पटाखों का ही विक्रय एवं उपयोग किया जाएगा। दीपावली पर्व पर पटाखों को फोडऩे की अवधि रात्रि 8 से 10 बजे निर्धारित की गई है।

जिला प्रशाासन ने लोगों से अपील की है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के नियमों का पालन करें। अपील में कहा गया है कि आतिशबाजी एवं पटाखे फोडऩे के कारण दुर्घटनाओं की प्रबल संभावना रहती है। साथ ही वायु प्रदूषण एवं ध्वनि प्रदूषण की गंभीर समस्या उत्पन्न होती है एवं वातावरण में वायु प्रदूषण स्तर में वृद्धि होती है।

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सुरक्षा नियमों का पालन करें

जिला प्रशासन ने दीवाली त्योहार में पटाखा लायसेंसधरियों से पटाखा भण्डारण एवं ब्रिकी के लिए सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है। अपील में कहा गया है कि दुकान की सीमा रेखा के अंदर ही आतिशबाजी का भण्डारण करें। आतिशबाजी दुकान के अंदर सीमा से अधिक मात्रा में पटाखों का भण्डारण न करें। दुकान के अंदर ग्राहकों का जमाव न करें। दुकान के बाहर रेत से भी पानी से भरी बाल्टियां, ड्रम एवं पर्याप्त मात्रा में कारगर अवस्था में अग्निशमन यंत्र अवश्य रखें।

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Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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