जिला अस्पताल का सर्वर डाउन मरीज-परिजनों ने मचाया हंगामा

जिला अस्पताल का सर्वर डाउन मरीज-परिजनों ने मचाया हंगामा

Amil Shrivas | Publish: Sep, 05 2018 03:17:38 PM (IST) Bilaspur, Chhattisgarh, India

ऐसे में शनिवार से सोमवार तक सरकारी छुट्टी होने के कारण सरकारी अस्पतालों में ओपीडी बंद थी।

बिलासपुर. तीन दिन छुट्टी के बाद मंगलवार को जिला अस्पताल में ओपीडी खुली। इससे मरीजों की भारी भीड़ रही। लोग इलाज के लिए पर्ची कटवाने लंबी लाइन में खड़े थे। इस बीच कम्प्यूटर का सर्वर डाउन हो गया। दूर दराज से इलाज के लिए आए लोगों ने जमकर हंगमा किया। जब अस्पताल में मैनुअल पर्ची काटना शुरू हुआ, तब जाकर लोग शांत हुए। यही हाल सिम्स में भी रहा। एमआरडी में लंबी लाइन लगी थी। यहां पर्ची काटने वाले कर्मचारियों से कई बार विवाद हुआ। इस समय मौसमी बीमारी का दौर चल रहा है। ऐसे में शनिवार से सोमवार तक सरकारी छुट्टी होने के कारण सरकारी अस्पतालों में ओपीडी बंद थी। केवल आपातकालीन सेवा ही उपलब्ध थी। इसके बाद जब मंगलवार को जिला अस्पताल में ओपीडी खुली तो एक साथ 500 से अधिक लोग इलाज कराने पहुंचे। इस बीच दोपहर 12 बजे कम्प्यूटर का सर्वर डाउन हो गया। इससे पर्ची काटने का काम बंद हो गया। मैनुअल पर्ची इसलिए नहीं बन पा रही थी, कि स्टोर में कर्मचारी नहीं थे। कुछ देर तक तो लोग इंतजार करते रहे, लेकिन इसके बाद सब्र का बांध टूट गया। लाइन में खड़े लोगों ने जमकर हंगामा किया। कुछ लोग सिविल सर्जन के कक्ष में घुस गए। सिविल सर्जन ने कर्मचारियों को फटकार लगाई, तब मैनुअल पर्ची बनाने का काम शुरू हुआ और लोग शांत हुए।

सिम्स में भी हुआ हंगामा : अत्यधिक भीड़ की वजह से सिम्स की एमआरडी में भी खूब हंगामा हुआ। आए दिन होने वाली इस अव्यवस्था के पीछे ठेका प्रथा को भी कारण माना जा रहा है। दरअसल पर्ची काटने वाले ठेकेदार के कर्मचारियों के काम की रफ्तार बेहद धीमी थी। इस बीच भीड़ बढ़ती जा रही थी। इससे मरीजों व परिजनों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। पर्ची बनाने वाले ठेका कर्मियों के व्यवहार से भी मरीज व परिजन आहत होते रहे। खबर मिलने पर अस्पताल अधीक्षक डॉ. रमणेश मूर्ति खुद एमआरडभ्ी पहुंचे और समझाइश देकर माहौल शांत करवाया।
एक साथ 1200 मरीज पहुंचे सिम्स : सिम्स में आम दिनों में सामान्यत: 8 से 9 सौ मरीजों की ओपीडभ्ी रहती है। लेकिन तीन दिन अवकाश के बाद ओपीडी खुलने से मंगलवार को यहां 1200 मरीज इलाज के लिए पहुंचे थे। पर्ची कटवाने के लिए लंबी लाइन और पर्ची नहीं कट पाने के कारण कई लोगों को लौटना पड़ा। पर्ची कटवाने के लिए दोपहर 2 बजे तक लाइन लगी हुई थी। जबकि इस समय तक ओपीडी बंद हो चुकी थी।

कई मरीज बिना इलाज लौट गए : मंगलवार को जिला अस्पताल में इतनी भीड़ रही कि पैर रखना मुश्किल था। सर्वर डाउन होने, पर्ची नहीं बनने, हंगामा और भीड़ को देखते हुए कई मरीज तो बिना इलाज के लिए लौट गए। जो लाइन में लगे हुए थे, उनमें कई का तो नंबर तक नहीं आया। इस बीच ओपीडी का समय खत्म हो गया।
मैनुअल काम किया गया: अचानक सर्वर डाउन हो गया। इसलिए लोग हंगामा करने लगे थे। पर्ची मंगाकर मैनुअल काम शुरू किया गया, तब लोग शांत हुए। ओपीडी का समय खत्म होने के कारण कुछ लोगों को लौटना पड़ा।
डॉ. एसएस भाटिया, सिविल सर्जन जिला अस्पताल।
सुरक्षा गार्ड किया गया था तैनात : तीन दिन छुट्टी के बाद ओपीडी खुलने से मंगलवार को मरीज अधिक थे। लाइन में खड़े लोगों में विवाद हो रहा था, इसलिए सुरक्षा गार्ड को तैनात कर दिया गया था। ओपीडी का समय खत्म होने के कारण कुछ लोगों को लौटना पड़ा।
डॉ. रमणेश मूर्ति, अस्पताल अधीक्षक सिम्स

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