दिन में चलाते थे इंजीनियरिंग कॉलेज का मेस, रात में करते थे ये गन्दा काम , गिरफ्तार !

दिन में चलाते थे इंजीनियरिंग कॉलेज का मेस, रात में करते थे ये गन्दा काम , गिरफ्तार !

Saurabh Tiwari | Publish: Aug, 13 2019 10:30:59 AM (IST) Bilaspur, Bilaspur, Chhattisgarh, India

इंजीनियरिंग कॉलेज का मेस संचालक व सुपरवाइजर चोरी का कोयला खरीदते गिरफ्तार

 

बिलासपुर. लालखदान एरिया में कोयला चोरी करने वाले चोर व खरीदार को आरपीएफ की टीम ने गिरफ्तार किया है। खरीदार चौकसे इंजीनियरिंग कॉलेज का मेंस संचालक व सुपरवाईजर है। दोनों को गिरफ्तार कर रेलवे एक्ट की धार के तहत कार्रवाई की जा रही है।

आरपीएफ से मिली जानकारी के अनुसार रविवार की दोपहर करीब एक बजे एस आई एसके मिंज को सूचना मिली कि लाल खदान तोरवा क्षेत्र में कुछ लोग वैगन से कोयला चोरी कर रहे है। सूचना के आधार पर बल के जवान प्रधान आरक्षक एसके बघेल, आरक्षण एनके महाना, टी राय, सोनू सिंह, दया सागर व वीके देवांगन को मौके पर रवाना हुए। घटना स्थल पर जब टीम पहुंची तो देखा की दो युवक कोयला चोरी कर बोरे में भर रहे थे। दोनों को दबिश देकर टीम ने हिरासत में लिया गया। पूछताछ में दोनों ने अपना नाथ महेश पासी पिता परदेशी (19) लालखदान तोरवा व ललीत वर्मा पिता जीवन लाल (19) लाल खदान तोरवा बताया साथ ही कहा कि वह कोयला चोरी करके चौकसे इंजीनियरिंग कॉलेज के मेंस में संचालक अरुण पिता प्रताप नरायण सिंह (45) व सुपरवाईजर सुनील कुमार पिता पुनित कुमार यादव (22) को बेचने लेकर जा रहे थे। चोरों के लिए बयान के आधार पर एसआई एसके मिंज ने टीम के साथ चौकसे इंजीनिरिंग कॉलेज स्थित मेस में दबिश दी जहां चोरी का बोरी में भरा हुआ रखा था। आरपीएफ की टीम ने रखे हुए 17 बोरी से लगभग 5 क्विंटल कोयला बरामद किया है। जब्त कोयले की कीमत लगभग 6 हजार 375 रुपए है। कोयला जब्त करने के बाद टीम ने मेंस संचालक अरुण सिंह व सुपर वाईजर सुनील कुमार यादव से पूछताछ की तो उन्होंने चोरी का कोयला खरीदना स्वीकार किया है। आरोपी खरीदार अरुण सिंह, सुनील यादव, महेश पासी व ललीत वर्मा को गिरफ्तार कर रेलवे अधिनियम की धारा 3ए आरपी (यूपी) के तहत गिरफ्तार किया है।

4 माह से खरीद रहा था कोयला
मेंस संचालक अरुण सिंह ने बताया कि वह पिछले 4 माह से चोरी का कोयला खरीद रहा था। कभी व तो कभी उसका सुपर वाईजर कोयला खरीदते थे। उन्होंने यह भी बताया कि कोयला चोरी का है यह भी उन्हें पता था।

80 रुपए 1 बोरी की कीमत
मेंस संचालक ने बताया कि व चोरी का कोयला प्रति बोरी 80 रुपए की दर से खरीदता था। ऐसा करना कारण उसने बताया कि प्रति बच्चें भर पेट भोजन 2000 महिना में ठेका लिया है। एक दिन के भोजन का प्रति बच्चें 70 रुपए से भी कम पड़ता है। गैस मंहगा होने का कारण वह घाटे में था। कोयला सस्ते दर पर मिल जाता था इससे वह नुकसान से बच जाता था।

चोर गिरोह के सक्रिय होने की सूचना पिछले कुछ दिनों से मिल रही थी। चोरो को गिरफ्तार करने के लिए बल के जवानों की तैनाती की गई थी। रविवार की दोपहर को कोयला चोरी की सूचना पर दबिश देकर दो चोरो को हिरासत में लिया गया। जिन्होंने बताया कि वह चोरी का कोयला चौकसे इंजीनियरिंग कॉलेज के मेंस संचालक व सुपरवाईजर को बेचते है। दोनों की गिरफ्तार किया गया है।
एसके मिंज जांच अधिकारी रेलवे सुरक्षा बल

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