सफाई पर 20 लाख रुपए का पड़ेगा अतिरिक्त भार-सौमिल

सफाई पर 20 लाख रुपए का पड़ेगा अतिरिक्त भार-सौमिल

Amil Shrivas | Publish: Sep, 05 2018 02:49:32 PM (IST) Bilaspur, Chhattisgarh, India

महापौर किशोर राय ने कहा कि निगम के अधिकारी-कर्मचारियों और आमजन के सहयोग से बिलासपुर ने 4000 से अधिक शहरों की स्वच्छता प्रतिष्पर्घा में 22 वां स्थान प्राप्त किया है।

बिलासपुर. नगर निगम के महापौर किशोर राय और निगम आयुक्त सौमिल रंजन चौबे ने कहा कि प्रदेश का पहला शहर होगा जहां जीआईएस आधारित मैन्युअल मशीनीकृत सफाई परियोजना शुरू हो रही है। इसमें 1 करोड़ 55 लाख रुपए का मासिक खर्च होगा। निगम पर 20 लाख रुपए का अतिरिक्त भार आएगा। निगम प्रशासन को 80 लाख रुपए का अंशदान देना होगा। पूर्व में ठेके पर 60 लाख रुपए का खर्च आता था। टैक्स व अन्य मदों से इसकी व्यवस्था की जाएगी। निगम के आय के स्रोत को बढ़ाने के लिए कार्य किया जा रहा है। वे दृष्टि सभाकक्ष में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। महापौर किशोर राय ने कहा कि निगम के अधिकारी-कर्मचारियों और आमजन के सहयोग से बिलासपुर ने 4000 से अधिक शहरों की स्वच्छता प्रतिष्पर्घा में 22 वां स्थान प्राप्त किया है। डोर-टू-डोर कचरा संकलन का काम चल रहा है। शहर को और साफ सुथरा कर स्टार रेंटिंग में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए दिल्ली की लायन सर्विसेज को मैकेग्नाइज्ड और मैन्युअल सफाई का कार्य दिया गया है। बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह इसका शुभारंभ करेंगे।

60 दिनों में परिणाम : मैनेजर सुनील सिंह ने कहा कि समेत 47 बड़े शहरों में फर्म का कार्य चल रहा है। गंदगी को कम से कम समय में साफ कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सफाई एक निरंतर प्रक्रिया है, लेकिन 60 दिनों में बेहतर रिजल्ट नजर आ आएगा।
कंपनी के लिए काम करेंगे ठेका कर्मचारी : निगम आयुक्त सौमिल रंजन चौबे ने बताया कि विकास भवन में कंपनी का कंट्रोल रूम होगा, जहां से पूरी सफाई व्यवस्था की मॉनिटरिंग कराई जाएगी। ठेका फर्म द्वारा शहर को 475 भाग में बांटकर 27 किलोमीटर में मशीनों से और बाकी हिस्सों में मैन्युअल सफाई कराई जाएगी। आयुक्त ने कहा, केवल पुराना ठेका निरस्त किया जा रहा है। कोई बेरोजगार नहीं होगा। दैनिक , टॉस्क व ठेके पर कार्य कर रहे श्रमिक अब कंपनी के लिए काम करेंगे।
पानी की करेंगे बचत : सफाई कार्य में होने वाली पानी की खपत के सवाल पर ठेका फर्म के मैनेजर ने कहा कि सड़क, फुटपाथ, डिवाइडरों और मूर्तियों की सफाई मिस्ट ब्लोवर से कराई जाएगी। इसमें 400 से 500 लीटर तक पानी खर्च होगा। इसके लिए भी निगम आयुक्त से आग्रह किया गया है कि ट्रीटमेंट प्लांट की व्यवस्था करे, ताकि उसी पानी से काम चलाया जा सके।

10 किलो का पत्थर तक खींच लेगी मशीन : एक सवाल के जवाब में ठेका फर्म के मैनेजर ने कहा कि रोड स्वीपिंग मशीन में लगा कनवेयर सिस्टम 10 किलोग्राम के पत्थर से लेकर सड़क के मृत जानवर तक को मशीन के अंदर खींच लेगा। इससे सड़क को कोई नुकसान नहीं होगा।
1 करोड़, 55 लाख रुपए मासिक खर्च : आयुक्त ने बताया कि 1 करोड़ 55 लाख मासिक दर पर फर्म को 3 साल के लिए ठेका दिया गया है। पूरा प्रोजेक्ट 58 करोड़ का है। इसका 1 तिहाई खर्च केंद्र शासन और एक तिहाई राज्य शासन वहन करेगा। 50 फीसदी निगम को देना पड़ेगा, जिसमें करीब 80 लाख खर्च आएगा। अभी सफाई ठेके पर हर माह 60 लाख खर्च आ रहा है।

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