पानी चोरी करने वालों की अब खैर नहीं, निगम उठाएगा अनूठा कदम

हाईकोर्ट के इस निर्देश के बाद निगम प्रशासन ने जलापूर्ति व्यवस्था को व्यवस्थित करने की कवायद शुरू कर दी है। इसके तहत नाले-नालियों के अंदर से गुजर रहे प

By: Amil Shrivas

Published: 22 Aug 2017, 01:13 PM IST

बिलासपुर. हाईकोर्ट के निर्देश के बाद नगर निगम प्रशासन ने पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कड़ाई बरतने की कवायद शुरू कर दी है। इसके तहत अब पाइप लाइन को क्षतिग्रस्त कर अवैध नल कनेक्शन लेने वाले और टुल्लू पंप लगाकर निगम के पाइप लाइन से पानी चोरी करने वालों के खिलाफ न सिर्फ अपराध दर्ज कराया जाएगा, बल्कि भारी भरकम जुर्माना लगाने का प्रावधान भी किया जा रहा है। दुर्ग में दूषित पेयजल के सेवन से एक गर्भवती महिला की मौत के मामले में हाईकोर्ट ने प्रदेश भर के नगरीय निकायों को पानी की जांच कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट के इस निर्देश के बाद निगम प्रशासन ने जलापूर्ति व्यवस्था को व्यवस्थित करने की कवायद शुरू कर दी है। इसके तहत नाले-नालियों के अंदर से गुजर रहे पाइप लाइनों को बदलवाने, अवैध नल कनेक्शन लेने वालों और टुल्लू पंप से पानी चोरी करने वालों पर कार्रवाई करने की कार्ययोजना तय की जा रही है।

नालियों से होकर गुजरी पाइप लाइन : नाले-नालियों के अंदर से होकर गुजरने वाले पाइप लाइन और अवैध कनेक्शन के लीकेज से सड़क-गली का गंदा पानी पाइप लाइन से होकर लोगों के घरों तक पहुंच रहा है। इसके चलते लोग पीलिया, किडनी में इंफेक्शन और अन्य जलजनित बीमारियों से पीडि़त हो रहे हैं। इसी के मद्देनजर अब इसे दुरुस्त करने की कार्रवाई की जा रही है।
30 हजार उपभोक्ता : निगम प्रशासन द्वारा पानी की टंकियों और पाइप लाइन के जरिए शहर में लगभग 30 हजार उपभोक्ताओं को जलप्रदाय किया जा रहा है। वहीं 7 हजार अवैध नल कनेक्शन हैं।
कैसे बनेगी व्यवस्था? : पीएचई के अफसरों को मंत्री की नाराजगी का भी खौफ नहीं है। जलसंकट की लगातार शिकायत मिलने पर मंत्री ने वार्डवार बैठक के दौरान निगम के तत्कालीन अधीक्षण अभियंता को निलंबित कर और उनका स्थानांतरण जगदलपुर कर दिया। लेकिन इसका कोई असर पीएचई के अफसरों पर नहीं पड़ा।

पीएचई के अफसरों ने ठप 7 बोर, वाल्ब और पाइप लाइन के लीकेज को दुरुस्त कराने व इंटरलाकिंग के शेष कार्य को पूर्ण कराकर जलप्रदाय की व्यवस्था को व्यवस्थित कराने की बात कही थी। लेकिन आज तक सिवाय दो नए बोर कराने के कोई कार्य नहीं कराया। स्थिति आज भी यथावत बनी हुई है।
कोर्ट के निर्देश के बाद गंभीर हुआ नगर निगम : हाईकोर्ट के निर्देश के बाद निगम प्रशासन ने अब अवैध नल कनेक्शन लेने के लिए पाइप लाइन को क्षतिग्रस्त करने और टुल्लू पंप से पानी चोरी करने को जनहानि मानते हुए संबंधित व्यक्तियों के ख्खिलाफ एफआईआर कराने की कार्ययोजना तैयार की है। यदि निगम प्रशासन ने सख्ती से इसे लागू किया तो समस्या से निजात मिलने की उम्मीद है।

रायपुर में दूषित जल से गर्भवती महिला की मौत पर निगम आयुक्तों ने पेश किया जवाब, अगली सुनवाई 2 सप्तााह बाद : प्रदूषित पेयजल से गर्भवती महिला की मौत एवं मुआवजे को लेकर लगाई गई याचिका पर नगर निगम आयुक्त रायपुर, दुर्ग एवं बिलासपुर की ओर से हाईकोर्ट में बंद लिफाफे में जवाब पेश किया गया। मामले में आगामी सुनवाई 2 सप्ताह बाद होगी। वर्ष 2014 में पीलिया से रायपुर की बबीता देवांगन की मौत के बाद पति मुकेश देवांगन ने नगर निगम पर प्रदूषित पेयजल सप्लाई करने का आरोप लगाते हुए मुआवजा दिलाने की मांग की थी। कहा गया कि हजारों रुपए का कर्ज लेकर पत्नी का इलाज कराया है।

कर्ज का बोझ बहुत अधिक हो गया है, लेकिन शासन ने कोई आर्थिक मदद नहीं की, ना ही कोई मुआवजा दिया। इस पर कोर्ट ने नगर निगम आयुक्त को नोटिस जारी कर मुआवजा संबंधी जानकारी मांगी। सोमवार को नगर निगम आयुक्त रायपुर, बिलासपुर एवं दुर्ग की ओर से बंद लिफाफे में जवाब दिया गया। ज्ञात हो कि याचिकाकर्ता मुकेश देवांगन की याचिका पर तत्कालीन सीजे दीपक गुप्ता ने प्रदेश के सभी नगर निगमों को पानी की जांच करके विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे। कहा गया था कि नगर निगम बताए पेयजल सप्लाई की क्या व्यवस्था है। यदि लीकेज है तो इसे दूर करने के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं। पेयजल की स्वच्छता जांच की जाती है, या नहीं। हाईकोर्ट में जवाब देकर बताया गया कि पानी की पाइप लाइन में लीकेज की समस्या थी, लेकिन इसे दूर कर लिया गया है। अन्य जगहों की जांच की जा रही है।

आवश्यकतानुसार पाइप लाइन बदले जा रहे हैं। कोर्ट ने पेयजल स्वच्छता की जांच का अधिकार देते हुए कहा था कि कोई भी व्यक्ति यह जांच करा सकता है। नगर निगम को जांच की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे।
एफआईआर कराए जाएगा :जन स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था बनाने प्रयास किया जा रहा है। अवैध नल कनेक्शन और टुल्लू पंप से पानी चोरी अपराध है। अब एफआईआर कराया जाएगा। नाले-नालियों के अंदर से गुजरने वाले पाइप लाइन को भी शिफ्ट कराया जाएगा।
- राजकुमार मिश्रा, कार्यपालन अभियंता नगर निगम बिलासपुर

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