शहर को स्मार्ट बनाने चार कंपनियों ने दिए प्रेजेंटेशन, टेंडर नियम शर्त पर खरे उतरे दो बड़े ग्रुप

कंसलटेंट नियुक्त होने के बाद शुरू होगा स्मार्ट सिटी के लिए काम

By: Amil Shrivas

Published: 24 Jul 2018, 04:47 PM IST

बिलासपुर. स्मार्ट सिटी के लिए दावेदारी कर रही चार विदेशी कंपनियों ने सोमवार को विकास भवन के दृष्टि सभाकक्ष में दोपहर एक बजे प्रेजेंटेशन दिया। चारों कंपनियों ने शहर को स्मार्ट बनाने के लिए उनके पास क्या प्लान है इसकी जानकारी दी गई। वहीं दिन बाद कंपनियों के द्वारा फायनेंसियल बीट खोला जाएगा। इसके बाद कंसलटेंट नियुक्त किया जाएगा।

केंद्र सरकार के प्रस्तावित स्मार्ट शहर की लिस्ट में शहर का भी नाम है। इसके लिए बकायदा अलग कंपनी बना ली गई है और केंद्र से फंड भी आ चुका है। इसके बाद भी स्मार्ट सिटी के तहत एक भी काम नहीं हुआ। इसके पीछे मुख्य वजह कंसलटेंट की नियुक्ति नहीं हो पाना है। राज्य स्तर पर कंसलटेंट नियुक्त करने के नाम पर पिछले छह माह से केवल कागजी कार्रवाई ही चल रही है। पहली बार दो बड़े गु्रप सामने आए हैं, जो टेंडर नियम शर्त पर खरे उतर रहे हैं। इन्हीं में से किसी एक का चयन होने की संभावना है। पहले कंपनियां निगम अधिकारियों के सामने अपनी कार्ययोजना प्रस्तुत करेंगे। जिस भी गु्रप का काम अच्छा लगेगा, उसे कंसलटेंट नियुक्त करने प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। यही कारण है कि शहर के लिहाज से इस बैठक को बहुत अहम माना जा रहा है। निगम के अधिकारी भी कंसलटेंट के द्वारा भरे गए टेंडर का अध्ययन करने में लगे हैं। नगर निगम को स्मार्ट सिटी योजना के तहत 34 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। इसके अलावा शासन फिर 36 करोड़ रुपये देने की सहमति दी है। इस तरह प्रोजेक्ट में 70 करोड़ रुपये शहर को मिलने वाले हैं। कंसलटेंट नियुक्ति के बाद ही काम शुरू हो पाएगा। असल में कंसलटेंट की प्लानिंग के अनुसार ही शहर का विकास होना है। नगर निगम आयुक्त सौमिल रंजन चौबे ने बताया दोनों गु्रप को प्रजेटेंशन देने के लिए बुलाया गया है। दो दिन बाद कंपनियों के फायनेंसियल बीट खोला जाएगा।

ये हैं गु्रप
पहला - पीडब्ल्यूसी और ट्रैक्टेबल
दूसरा - डिलाइट और एकॉम

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