महामाया मंदिर के खाते से किसी ने निकाल लिए 27.19 लाख रुपए, ट्रस्ट का आरोप हुई है क्लोनिंग

- जब स्टेटमेंट का किया मिलना तो पता चला कि भोपाल में निकाल ली गई राशि
- छह किश्तों में निकाली गई राशि, जबकि चेक भुगतान पर बैंक से जाता है लिंक्ड नंबर पर मैसेज

By: Ashish Gupta

Updated: 19 Mar 2021, 08:17 PM IST

बिलासपुर. रतनपुर महामाया मंदिर ट्रस्ट (Ratanpur Mayamaya Mandir Trust) के खाते से 27.19 लाख रुपए छह किश्तों में निकाल लिए गए हैं, ये राशि किसने निकाली इसकी जानकारी ट्रस्ट हो नहीं है। ऐसे में मंदिर ट्रस्ट ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि किसी ने मंदिर के चेक का क्लोन तैयार कर उसमें से 27 लाख 19 हजार की राशि का आहरण कर लिया है। मंदिर समिति को बैंक से रुपए निकलने की जानकारी तब लगी जब उन्होंने बैंक से निकले स्टेटमेंट की कॉपी का मिलान किया। पुलिस मामले में जांच कर रही है।

जानकारी के अनुसार सिद्ध शक्तिपीठ श्री महामाया मंदिर ट्रस्ट के खाते में जमा व आहरण की जानकारी के लिए 16 मार्च को मंदिर प्रबंधन ने बैंक से स्टेस्टमेंट निकाला। बैंक स्टेटमेंट का खाते से मिलान करने पर समिति के सदस्यों को जोर का झटका लगा। कारण था बैंक से किसी ने चेक के माध्यम से 6 किश्त में लगभग 27 लाख 19 हजार की राशि निकाल ली थी।

बैंक खाता क्रमांक 00000033700234020 में जारी चेक बुक से जब आहरण चेक का मिलान किया गया तो जिन चेकों के माध्यम से छह किश्तों में राशि राशी का आहरण हुआ है वह चेक बुक में ही लगे थे। चेक बुक में जब चेक लगे हुए हैं तो उनसे भोपाल के ब्रांच में किसी के खाते में किस तरह भुगतान हो सकता है यह मंदिर प्रबंधन के सदस्यों की समझ में भी नहीं आ रहा है। महामाया मंदिर ट्रस्ट प्रबंधक ने रतनपुर थाने में पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई है।

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इन चेकों से हुआ इतना भुगतान
मंदिर प्रबंधन के अनुसार 26 फरवरी को चेक संख्या 323395 से 3 लाख 15 हजार, 2 मार्च 323396 से 4 लाख 41 हजार, व 6 मार्च को 323396 से 4 लाख 63 हजार, 6 मार्च को 323397 से 6लाख 95 हजार, 10 मार्च को 323399 से 4 लाख 98 हजार 366रुपए व 10मार्च को ही 323400 से 4 लाख 97 हजार 260 रुपए कुल आहरण 27 लाख 19 हजार 636 रुपए निकाले गए हैं।

बैंक से हुई लापरवाही बिना मिलान किया चेक पास
महामाया मंदिर ट्रस्ट के एकाउंट से आहरण हुए सभी चेक भोपाल से विड्रॉ किए गए हैं। इतनी बड़ी राशि बैंक खाते से आहरण हो रही है और एकाउंट होल्डर को इसकी भनक तक नहीं लगी यह बैंक की ही लापरवाही को उजागर कर रहा है। जबकि हर साल बैंक इन सुविधाओं के लिए मेंटेनेंस के नाम पर चार्ज करता है। आम तौर पर चेक जब भुगतान के लिए लगाया जाता है तो बैंक की ओर से खाते से लिंक्ड नंबर पर एक मैसेज जाता है जिसमें यह बताया जाता है कि आपका चेक इस नाम के व्यक्ति को भुगतान के लिए लगाया गया है यदि कोई आपत्ति हो तो दर्ज कराएं।

एक सवाल और
इस मामले में ट्रस्ट की ओर से यह कहा जा रहा है कि चेक की क्लोनिंग की गई है। ऐसे में इस बात की पूरी संभावना है कि जिसने भी क्लोन किया है वो करीबी व्यक्ति हो सकता है, क्योंकि चेक बुक सार्वजनिक तौर पर खुले में नहीं रखा जाता। संबंधित को यह भी पता होगा कि किस नंबर वाले चेक का इस्तेमाल नहीं किया गया है, जो उस चेक का साइनिंग अथॉरिटी है उसके दस्तखत के विषय में भी जानकारी होगी।

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महामाया मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष आशीष सिंह ठाकुर ने कहा, स्टेट बैंक की शाखा प्रबंधक से बात हुई है वह जांच कर रही हैं चेक जब मंदिर ट्रस्ट के पास है तो उसी संख्या के चेक नम्बर से आहरण कैसे हुआ, गलती कहां पर हुई है। अपने उच्चाधिकारियों से बात कर वह मंदिर के खाते में रुपए जमा करने की बात कही है। हमने अपने स्तर पर रतनपुर थाने को भी सूचना दे दी है।

एसडीओपी कोटा रशमित कौर चावला ने कहा, महामाया मंदिर ट्रस्ट के एकाउंट से रुपए आहरण हुए हैं। बैंक प्रबंधन से भी मामले में बात हुई है। चेक के डिटेल खंगाले जा रहे हैं। चेक क्लियर करने में कहां चूक हुई है इसकी जांच बैंक प्रबंधन कर रहा है। पुलिस को जानकारी लगते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Ashish Gupta
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