जनरल टिकट खरीद TTE से कराते थे टिकट कंफर्म फि र देते थे चोरी को अंजाम

theft in the train: पुरी जोधपुर एक्सप्रेस की चोरी में फरार आरोपी गिरफ्तार 3 की तलाश जारी

February, 1407:31 PM

बिलासपुर. ट्रेनों में चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले नट गिरोह का एक और सरगना जीआरपी व आरपीएफ टीम के हत्थे चढ़ा। आरोपी को बिहार के बखतियार से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी 5 दिसम्बर को पुरी जोधपुर एक्सप्रेस में अपने साथियों के साथ सिलसिलेवार हुई 6 चोरी को अंजाम देने शामिल था। ट्रेन में हुई चोरी का मास्टमाईड को जीआरपी व आरपीएफ की टीम पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।

5 दिसम्बर को पुरी जोधपुर एक्सप्रेस में 6 चोरी के मामले में जांच के दौरान जीआरपी व आरपीएफ की टीम ने नट गिरोह के संजय नट राठौर पिता गिरधारी उर्फ बलेश्वर राठौर (36) को पटना के बखतियार से 12 फरवरी को गिरफ्तार किया। न्यायालय में रिमाड पेश कर शुक्रवार को बिलासपुर लेकर पहुंची। जीआरपी व आरपीएफ की टीम ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि संजय व उसके 4 साथी ट्रेनों में चोरी करने का ही काम करते है। चोरी करने से पहले नट गिरोह के साभी सदस्य टिकट खरीदकर ट्रेन में सवार होते है और फिर वारदात को अंजाम देने के बाद कही भी उतर जाते है। चोरी का माल ठिकाने लगाने का काम मुख्य सरगना मनकु प्रसाद किया करता था। मोबाइल लोकेशन के आधार पर संदेही संजय नट राठौर को ट्रैक करने के बाद उसके घर में दबिश देकर गिरफ्तार किया है। बिहार गई टीम में सहायक उप निरीक्षक भोलानाथ राठौर, प्रधान आरक्षक पुरूषोतम लटारे, आरक्षक संजय बंजारे, आरक्षक चंद्रशेखर पटेल, आरपीएफ प्रधान आरक्षक अनिल कुमार दुबे, रमेश कुमार व आरक्षक एनके महाना शामिल थे।

मुख्य सरगना पूर्व में हो चुका है गिरफ्तार

पुरी-जोघपुर एक्सप्रेस में 5 दिसम्बर को हुई वारदात का मुख्य मास्टर माइड लम्बू उर्फ मनकु प्रसाद पिता रेहू प्रसाद को जीआरपी व आरपीएफ बिलासपुर की टीम ने 18 जनवरी को गिरफ्तार बिलासपुर लाई थी। पूछताछ में मनकु ने संजय नट राठौर व अन्य 3 का नाम पुलिस को बताया था। मनकु ने चोरी का माल हावड़ा के व्यापारी को बेचने की बात भी स्वीकर की थी।

कोई आपराधिक रिकाड नहीं है संजय का

संजय नट राठौर का पटना बिहार व बखतियार पुर में कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं है। आपराधिक रिकाड न होने के कारण टीम संजय को जल्द ट्रैक नहीं कर पा रही थी।

जनरल टिकट लेकर देते थे चोरी को अंजाम

मनकु, संजय व अन्य तीन जिस ट्रेन में चोरी करनी होती थी उस ट्रेन में सबसे पहले जनरल टिकट खरीद कर पहुंचते थे। बाद में टीटी से सम्पर्क कर बर्थ कम्फर्म कराते थे। सभी अलग-अलग कोच में सफर करते थे। इससे किसी को इनके साथ होने का संदेह न हो सके।

चोरी के रुपए से बनाया आलिशान मकान

संजय ट्रेनों में चोरी करने के अलावा कोई काम नहीं करता। जीआरपी व आरपीएफ की टीम ने संजय को उसके दो मंजिला आलिशान मकान से गिरफ्तार किया। पूछताछ में पुलिस को पता चला की संजय चोरी करने के अलावा कोई काम नहीं करता। लम्बा हाथ मारने के बाद गिरोह के सभी सदस्य कुछ दिनों तक शांत बैठ जाते है।

दर्ज अपराध की जांच के लिए रेलवे पुलिस अधीक्षक बालाजी राव के निर्देश पर टीम ने बिहार के पटना स्थित बखतियारपुर में दबिश देकर संजय नट राठौर को गिरफ्तार किया है। अन्य तीन फरार आरोपियों की पतासाजी की गई लेकिन कुछ खास सफलता हाथ नहीं लग पाई।
भोलानाथ मिश्रा, राजनांदगांव जीआरपी व टीम प्रभारी

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