पढ़ाई तुहर पारा में शासन की गाइड लाइन जारी, शिक्षक व शिक्षक सारथी पढ़ाएंगे बच्चों को

कोरोना काल संक्रमण में स्कूल खुलने को लेकर शासन या स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा अब तक कोई दिशा निर्देश जारी नहीं हुआ है। कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम करते हुए बच्चों को ऑनलाइन व ऑफ लाइन शिक्षा किस तरह दी जा सकती है इसे लेकर राज्य शासन के साथ ही शिक्षक भी लगातार प्रयोग कर रहे हैं।

By: Karunakant Chaubey

Published: 30 Aug 2020, 03:04 PM IST

बिलासपुर. पढ़ाई तुहर पारा कार्यक्रम के तहत बच्चों को शिक्षा देने के लिए शिक्षक व शिक्षक सारथी किस तरह सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सरल व बेहतर तरीके से बच्चों को पढ़ाएंगे, इसे लेकर राज्य शासन ने गाइड लाइन जारी की है। बच्चों को सरल व बेहतर तरीके से किस तरह शिक्षा दी जा सकती है व खेल-खेल में बच्चों को शिक्षा देने के साथ ही विषय को चित्रकला के माध्यम से समझाया जा सकता है इसको लेकर भी दिशा निर्देश जारी किया गया है।

कोरोना काल संक्रमण में स्कूल खुलने को लेकर शासन या स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा अब तक कोई दिशा निर्देश जारी नहीं हुआ है। कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम करते हुए बच्चों को ऑनलाइन व ऑफ लाइन शिक्षा किस तरह दी जा सकती है इसे लेकर राज्य शासन के साथ ही शिक्षक भी लगातार प्रयोग कर रहे हैं। पढाई तुहर पारा कार्यक्रम के तहत बच्चों को सरल व सहज तरीके से शिक्षा प्रदान की जाए इसके लिए शिक्षकों के साथ शिक्षा विभाग ने शिक्षक सारथी को भी गांव गांव शहरों के विभिन्न पारा, मोहल्लों में पदस्थ किया है।

बच्चे खेल-खेल में पढ़ाई कर सकें व उन्हें पढ़ा हुआ याद भी रहे इसके लिए शासन ने सरह व सहज पाठ्यक्रम भी तैयार किए हैं। इन पाठ्यक्रम को सभी शिक्षकों को पीडीएफ व बुल्टू के गोठ के लिए आडियो फारमेट में भी उपलब्ध कराए है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पढ़ाई तुहर पारा में शिक्षक सारथी की भूमिका बहुत प्रमुख है।

शिक्षक सारथी बच्चों के बीच का ही सदस्य होता है। शिक्षक सारथी बच्चों के मोहल्ले का होने के कारण वह बच्चों को बेहतर ढंग से समझता भी है और उन्हें आसानी से आम बोल चाल की भाषा में पढ़ाई करने में अपनी अहम भूमिका भी निभा रहा है।

Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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