चंद्रग्रहण के साए में मनाई जाएगी गुरूपूर्णिमा, इन राशियों पर पड़ेगा बुरा प्रभाव

Saurabh Tiwari | Updated: 16 Jul 2019, 12:48:06 PM (IST) Bilaspur, Bilaspur, Chhattisgarh, India

सुबह से ही शहर के विभिन्न मंदिरों और स्थानों में गुरुओं की पूजा की गई (guru purnima 2019 in hindi)

बिलासपुर। गुरु पूर्णिमा का पर्व आज श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। शहरभर में अनेक स्थानों पर गुरु व चरण पादुका पूजन के साथ ही भजन-कीर्तन, सुंदरकांड पाठ सहित अन्य आयोजन हो रहे हैं। (how to celebrate guru purnima) दोपहर को भंडारे भी होंगे। गुरु आश्रमों में सुबह से ही गुरु भक्तों का जमावड़ा लगा हुआ है। गुरुदीक्षा अनुष्ठान भी हो रहे हैं। शहर के रेलवे वेंकटेश मंदिर में भी शिष्यों ने गुरुओं की पूजा की और आशीर्वाद लिया। (importance of guru purnima)

आषाढ़ शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा का विशेष पर्व मनाया जाता है। इस बार 16 जुलाई को पड़ रही गुरु पूर्णिमा पर ग्रहण का साया है (lunar eclipse 16 july 2019 in india) । इस दिन चंद्र ग्रहण है। ग्रहण के चलते सुबह से दोपहर तक ही गुरुपूर्णिमा मनाई जाएगी। भारतीय संस्कृति में गुरु को देवता तुल्य माना गया है। 16 जुलाई मंगलवार को चंद्र ग्रहण रात 1.31 से शुरू होकर 17 जुलाई सुबह 4.31 बजे तक रहेगा। चंद्र ग्रहण के नौ घंटे पूर्व 16 जुलाई को सूतक लगने से शाम 4.30 से मंदिरों के कपाट बंद हो जाएंगे।

विश्व में तीन ग्रहण पड़ रहे हैं -

ज्योतिषाचार्य पंडित शुभम दुबे बताते हैं कि 16 जुलाई को सुबह 10.45 से 12.25। इसके बाद 12.25 से दोपहर 2.05 तक द्वितीय मूहूर्त है। दोपहर बाद सूतक शुरू हो जाएगा। पं. दुबे बताते हैं कि इस वर्ष विश्व में तीन ग्रहण पड़ रहे हैं जिसमें दो सूर्य एवं एक चंद्रग्रहण होगा। (lunar eclipse 16 july 2019 timings in india) भारत में केवल एक चंद्र ग्रहण एवं एक सूर्य ग्रहण ही दृश्य होगा। 16 एवं 17 जुलाई 2019 आषाढ़ शुक्ल पक्ष गुरु पूर्णिमा उत्तराषाढ़ा नक्षत्र धनु राशि में खंडग्रास चंद्रग्रहण होगा। स्पर्श रात्रि 1.31 और मध्य रात्रि 3.01 वहीं पर्व काल दो घंटा 49 मिनट का रहेगा। बालक, वृद्ध, व रोगियों को इस ग्रहण का सूतक सिर्फ एक पहर, अर्थात रात्रि 10.31 से मानना चाहिए।

मकर, वृष और कन्या राशि वालों के लिए रहेगा अशुभ (lunar eclipse 16 july 2019 astrology)

राशियों पर ऐसा रहेगा ग्रहण का प्रभाव (lunar eclipse effect on zodiac signs)
पं. दुबे के अनुसार ग्रहण उत्तराषाढ़ा नक्षत्र एवं धनु राशि वालों के लिए अनिष्ट कारक रहेगा। मकर, वृष, कन्या राशि वालों के लिए अशुभ रहेगा। मेष, मिथुन, सिंह व वृश्चिक राशि वालों को मध्यम रहेगा। वहीं मीन, कर्क, तुला व कुंभ राशि वालों के लिए शुभ फलदायी रहेगा। जिन राशि वालों को अनिष्ट कारक है एवं अशुभ मध्यम फल लिखा है, उन्हें ग्रहण नहीं देखना चाहिए।

ग्रहण में यह सब रहेगा वर्जित (lunar eclipse what not to do)
सूतक वेद के समय में मूर्ति स्पर्श, भोजन, शयन, गर्भवती माताओं को सब्जी फल इत्यादि नहीं काटना चाहिए। अनिष्ट शांति के लिए हवन, जप, दान, तुला दान व अन्य वस्त्र आदि का दान करना चाहिए। ग्रहण के स्पर्श व मोक्ष में स्नान तथा मध्य और अंत में दान आदि करना चाहिए। यह नियम सभी ग्रहण में करना चाहिए स्नान दान आदि सभी ग्रहण में एक सब होता है।

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