जशपुर में पूजा स्थल से गायब मूर्तियों के मामले पर हाईकोर्ट का नोटिस

- हाईकोर्ट ने 3 सप्ताह में मांगा शासन से जवाब .

By: Bhupesh Tripathi

Published: 25 Aug 2020, 11:10 PM IST

बिलासपुर . जशपुर जिले में आदिवासियों के पूजा स्थलों और मंदिरों से देवताओं की पुरानी मूर्तियां उठवाई जा रहीं है। गांव वालों के विरोध करने पर इसे राज्य शासन का आदेश बताया जा रहा है। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर इसे आदिवासियों की आस्था पर चोट पहुंचाने की साजिश बताया गया है। चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने सुनवाई के बाद शासन को इस पर 3 सप्ताह में जवाब देने को कहा है।

सरहुल सरना महोत्सव जिला समिति जशपुर ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा है कि पिछले कुछ महीनों से जिले के कई गांवों में आदिवासियों के पूजा स्थलों से मूर्तियां उठवाई जा रही हैं। इसका विरोध करने पर सरकारी आदेश बताया जा रहा है। मूर्तियां उठाने के लिए जिला पंचायत के सीईओ और तहसीलदार दस्ते लेकर आ रहे हैं। अफसरों का कहना है कि इनकी प्राचीनता और महत्व को देखते हुए पुरातत्व संग्रहालय में रखा जाएगा। याचिकाकर्ताओं ने पुरातत्व एक्ट का हवाला देते हुए याचिका में कहा कि परम्परा अनुसार पूजन के लिए रखी मूर्तियों को वहां से नहीं हटाया जा सकता। इसलिए उनको संग्रहालय में रखने ले जाना भी गलत है। ग्रामवासियों ने इसे प्राचीन आदिवासी परम्पराओं को क्षतिग्रस्त करने की साजिश बताते हुए सरकार की भूमिका पर भी सन्देह जताया है।

कुछ जगहों पर मूर्तियां चोरी भी हुईं
याचिका में बताया गया है कि गांव वालों ने मूर्तियां ले जाने का विरोध किया तो मूर्तियों की चोरी होने लगी। ग्राम धरधरी में दो मूर्तियां चोरी होने पर आस्ता थाने में रिपोर्ट लिखवाई गई है। हर्रीडीपा, कांची, टैम्पूकेसरा, बिरला, पत्थलगांव के रेडे गांव से मूर्तियां गायब हुई हैं। याचिका में कहा गया है कि ये मूर्तियां कहाँ ले जाई गई हैं, शासन बताए। मूर्तियों को लाकर उनके पूजन स्थल पर ही सरंक्षित किया जाए।

Bhupesh Tripathi
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