दुष्कर्म पीड़ित नाबालिग को क्षतिपूर्ति पाने का अधिकार

हाईकोर्ट का फैसला: दुष्कर्म पीड़ित नाबालिग को क्षतिपूर्ति पाने का अधिकार

By: Bhawna Chaudhary

Updated: 02 Sep 2020, 09:00 AM IST

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि पॉक्सो एक्ट के तहत नाबालिग दुष्कर्म पीड़ित को क्षतिपूर्ति, पुनर्वास पाने का अधिकार है। यह शासन के साथ न्यायालयों की भी जिम्मेदारी है कि वे इसके लिए प्रावधान करें। एकल बेंच ने आदेश मामले को चीफ जस्टिस के समक्ष भी भेजा है कि वे निर्देश दें तो आदेश की कॉपी प्रदेश के विधि सचिव, क्रिमिनल कोर्ट के न्यायिक अधिकारियों, राज्य न्यायिक अकादमी को दी जाए।

रायपुर जिले की रेप पीड़िता के मामले में फैसला करते हुए जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (किशोर न्यायालय) ने आरोपी किशोर को पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी पाकर सजा सुनाई थी। लेकिन बोर्ड ने पीड़िता को क्षतिपूर्ति देने के सम्बंध में कोई आदेश नहीं किया, न जिला व राज्य विधिक प्राधिकरण को इस बाबत कोई अनुशंसा की। इस पर पीड़िता ने राज्य शासन व रायपुर कलेक्टर को प्रतिवादी बनाकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की। पीड़िता के वकील आशीष सुराणा ने तर्क दिया शेष कि दंड प्रक्रिया संहिता व पॉक्सो एक्ट में किए गए प्रावधानों के अनुसार क्षतिपूर्ति की अनुशंसा की जानी थी।

जजों की ट्रेनिंग में शामिल करने आदेश न्यायिक अकादमी भेजने निर्देश मांगे : जस्टिस संजय के. अग्रवाल की सिंगल बेंच ने सुनवाई के बाद कहा कि ऐसे मामलों में पीड़िता व उसके परिवार को मदद और सहारे की जरूरत होती है। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस संदर्भ में आदेश पारित किए हैं। इसके मद्देनजर आदेश प्राप्ति के एक माह के अंदर पीड़िता को ब्याज सहित 7 लाख रुपए दिए जाएं। कोर्ट ने कहा है कि अगर चीफ जस्टिस आदेश करें तो इस आदेश को कार्रवाई के लिए विधि सचिव, सभी क्रिमिनल अदालतों के साथ ही राज्य न्याय अकादमी के डायरेक्टर को भेजा जाए ताकि न्यायिक अधिकारियों को इस संदर्भ में ट्रेनिंग दी जा सके।

Bhawna Chaudhary
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