केन्द्रीय जेल के इतिहास में पहली बार रक्षा बंधन पर नहीं होगा कोई आयोजन

- कैदियों को उनकी बहनों ने रक्षा सूत्र किया पोस्ट, जेल में बंद महिला कैदियों ने भी अपने भाइयों को भेजी राखियां .
- टेलीफोन से बहनों बातें करने का समय निर्धारित .

By: Bhupesh Tripathi

Published: 02 Aug 2020, 11:31 PM IST

बिलासपुर. कोविड-19 के संक्रमण ने लोगों के जीवन शैली को बदल दिया है। संक्रमण के कारण पिछले कई दशकों से जेल में धूमधाम से ननाया जाने वाला रक्षा बंधन पर्व पर इस वर्ष किसी प्रकार का आयोजन नहीं होगा। केन्द्रीय जेल में बंद कैदियों की बहनों ने राखियां पोस्ट की हैं। वहीं जेल की महिला बंदियों ने भी अपने भाइयों को राखियां पोस्ट की हैं। वहीं कैदियों को उनकी बहनों से 5 मिनट तक टेलीफोन से बात कराई जाएगी।

केन्द्रीय जेल में कोरोना संक्रमित मरीज मिलने के बाद से जेल प्रबंधन ने आयोजनों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। 3 अगस्त को रक्षा बंधन पर्व के पूर्व से जेल प्रबंधन ने बंदियों को रक्षा बंधन पर्व पर किसी प्रकार का आयोजन नहीं होने की जानकारी दे दी थी। केन्द्रीय जेल में बंद 186 महिला कैदियों ने अपने-अपने भाइयों को पहले से ही राखियां पोस्ट कर चुकी हैं। वहीं केन्द्रीय जेल में बंद 2400 पुरूष कैदियों को उनकी बहनों ने पोस्ट से राखियां भेजी हैं। इसी प्रकार मुंगेली जिला जेल में बंद करीब 131 विचाराधीन बंदियों के लिए भी उनकी बहनों की राखियां मिलने लगी है। गौरेला-पेण्ड्रा मरवाही उपजेल में बंद 53 बंदियों के लिए भी जेल प्रबंधन को राखियां पोस्ट से मिली हैं।

बात करने के लिए 5 मिनट
जेल अधीक्षक एसके मिश्रा ने बताया कि कैदियों और बंदियों को उनकी बहनों से बातें करने के लिए प्रत्येक कैदी को 5 मिनट का समय दिया जाएगा। मोबाइल पर किए जाने वाले कॉल रिसीव नहीं होने पर दूसरे कैदियों को मौका मिलेगा। इसके साथ ही एक साथ 5-7 टेलीफोन से बंदियों और कैदियों को उनकी बहनों से बातें करने की सुविधा मिलेगी। यह व्यवस्था मुंगेली और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही की जेल में बंदियों को मिलेगी।

Bhupesh Tripathi
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